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लालजीपुरवा के श्रमिक की बंगलुरू में मौत
अमर उजाला ब्यूरो/बांकेगंज।
Updated Sat, 10 Sep 2016 11:57 PM IST
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murder
- फोटो : amar ujala
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- शव को लाते ही गांव में मचा कोहराम
कस्बे के निकट लालजीपुरवा गांव के 25 वर्षीय युवा श्रमिक राम सिंह की बंगलुरू में मौत हो गई। शनिवार सवेरे युवक का शव गांव लाया गया तो वहां कोहराम मच गया। श्रमिक के शव को देख पत्नी और बच्चों का रो रोकर बुरा हाल है।
निकटवर्ती गांव लालजीपुरवा निवासी मृतक युवा श्रमिक की पत्नी रेखा ने बताया कि एक साल पहले उसके पति कमाई के लिए बंगलुरू गए थे। जहां वह एक फर्नीचर की दुकान पर मजदूरी करते थे। पति की मौत से परेशान पत्नी ने बताया कि दो दिन पहले उसके मोबाइल फोन पर पति की दुर्घटना में मौत की खबर मिली। रेखा ने बताया पति के बंगलुरू में पोस्टमार्टम के बाद उसके शव को गांव तक लाने के लिए रुपये का इंतजाम न होने पर उसने सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ अध्यक्ष नरेश यादव से मुलाकात कर पति का शव बंगलुरू से गांव मंगवाने की गुहार लगाई। उनके सहयोग से शनिवार पति का शव गांव पहुंचा। मृतक युवा श्रमिक अपने पीछे पत्नी, तीन बेटियां, दो बहनें और बूढ़े पिता को छोड़ गया है। श्रमिक का शव गांव पहुंचने पर दोपहर बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मौके पर सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ अध्यक्ष नरेश यादव, बीडीसी महासंघ अध्यक्ष नवेद खां, ग्राम प्रधान बलविंदर सिंह चीमा, मुन्ना खां, गोविंद मंडल सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
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कस्बे के निकट लालजीपुरवा गांव के 25 वर्षीय युवा श्रमिक राम सिंह की बंगलुरू में मौत हो गई। शनिवार सवेरे युवक का शव गांव लाया गया तो वहां कोहराम मच गया। श्रमिक के शव को देख पत्नी और बच्चों का रो रोकर बुरा हाल है।
निकटवर्ती गांव लालजीपुरवा निवासी मृतक युवा श्रमिक की पत्नी रेखा ने बताया कि एक साल पहले उसके पति कमाई के लिए बंगलुरू गए थे। जहां वह एक फर्नीचर की दुकान पर मजदूरी करते थे। पति की मौत से परेशान पत्नी ने बताया कि दो दिन पहले उसके मोबाइल फोन पर पति की दुर्घटना में मौत की खबर मिली। रेखा ने बताया पति के बंगलुरू में पोस्टमार्टम के बाद उसके शव को गांव तक लाने के लिए रुपये का इंतजाम न होने पर उसने सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ अध्यक्ष नरेश यादव से मुलाकात कर पति का शव बंगलुरू से गांव मंगवाने की गुहार लगाई। उनके सहयोग से शनिवार पति का शव गांव पहुंचा। मृतक युवा श्रमिक अपने पीछे पत्नी, तीन बेटियां, दो बहनें और बूढ़े पिता को छोड़ गया है। श्रमिक का शव गांव पहुंचने पर दोपहर बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मौके पर सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ अध्यक्ष नरेश यादव, बीडीसी महासंघ अध्यक्ष नवेद खां, ग्राम प्रधान बलविंदर सिंह चीमा, मुन्ना खां, गोविंद मंडल सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
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