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हफ्ते भर पहले झुलसे युवक ने दम तोड़ा
धौरहरा
Updated Sun, 27 Sep 2015 10:35 PM IST
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कोतवाली क्षेत्र के लालापुरवा गांव में एक सप्ताह पहले आग में झुलसे युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई है। मृतक की पत्नी ने देवर के खिलाफ जलाकर मार डालने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी, जिस पर पुलिस ने आरोपी देवर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं।
लालापुरवा निवासी राजू (28) की बछिया जलाने का प्रयास कर रहे अपने छोटे भाई मोंगरे से 19 सितंबर को विवाद हुआ था। इससे गुस्साए मोंगरे ने राजू पर पेट्रोल उड़ेल कर आग लगा दी, जिससे वह बुरी तरह झुलस गया था। पिता चंद्रभाल और बड़ा भाई राजकुमार सीएचसी धौरहरा लाए जहां डॉक्टरों ने इसे 19 तारीख की रात ही जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान शनिवार की रात दो बजे डाक्टरों ने इसे लखनऊ रेफर कर दिया। इससे पहले घरवाले उसे लखनऊ ले जाते उसने दम तोड़ दिया। बड़े भाई राजकुमार ने बताया कि वे लोग शव घर ले आए। रविवार की सुबह अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे, तब पुलिस पहुंची ने शव को कब्जे में ले लिया। कोतवाल रंजीत सिंह यादव ने बताया कि आरोपी मनोरोगी बताया जाता है। मामले में मृतक के पिता की तहरीर के आधार पर मुकदमे को धारा 304 में तरमीम कर दिया गया हैै।
कैसे होगा सात बच्चों का गुजारा
राजू की माली हालत काफी खराब थी, क्योंकि उसके पास न जमीन है न घर में छत। बस एक छप्पर के नीचे राजू गुजारा करता था। मजदूरी के सहारे पत्नी उर्मिला, आठ वर्षीय बेटे जयप्रकाश, पांच वर्षीय लवकुश, पांच वर्षीय मोहित, तीन वर्षीय रोहित, चार वर्षीय शोभित, पूनम, और आरती का किसी तरह भरण-पोषण करता था। अब उसके मरने के बाद इन मासूम परिवार वालों के सामने दो जून रोटी के लाले पड़ गए हैं।
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लालापुरवा निवासी राजू (28) की बछिया जलाने का प्रयास कर रहे अपने छोटे भाई मोंगरे से 19 सितंबर को विवाद हुआ था। इससे गुस्साए मोंगरे ने राजू पर पेट्रोल उड़ेल कर आग लगा दी, जिससे वह बुरी तरह झुलस गया था। पिता चंद्रभाल और बड़ा भाई राजकुमार सीएचसी धौरहरा लाए जहां डॉक्टरों ने इसे 19 तारीख की रात ही जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान शनिवार की रात दो बजे डाक्टरों ने इसे लखनऊ रेफर कर दिया। इससे पहले घरवाले उसे लखनऊ ले जाते उसने दम तोड़ दिया। बड़े भाई राजकुमार ने बताया कि वे लोग शव घर ले आए। रविवार की सुबह अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे, तब पुलिस पहुंची ने शव को कब्जे में ले लिया। कोतवाल रंजीत सिंह यादव ने बताया कि आरोपी मनोरोगी बताया जाता है। मामले में मृतक के पिता की तहरीर के आधार पर मुकदमे को धारा 304 में तरमीम कर दिया गया हैै।
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कैसे होगा सात बच्चों का गुजारा
राजू की माली हालत काफी खराब थी, क्योंकि उसके पास न जमीन है न घर में छत। बस एक छप्पर के नीचे राजू गुजारा करता था। मजदूरी के सहारे पत्नी उर्मिला, आठ वर्षीय बेटे जयप्रकाश, पांच वर्षीय लवकुश, पांच वर्षीय मोहित, तीन वर्षीय रोहित, चार वर्षीय शोभित, पूनम, और आरती का किसी तरह भरण-पोषण करता था। अब उसके मरने के बाद इन मासूम परिवार वालों के सामने दो जून रोटी के लाले पड़ गए हैं।
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