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पुलिस पिकेट पर सिपाही को पीटा, तोड़फोड़
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मितौली। थाना क्षेत्र के गांव पिपरझला में दुर्घटना के बाद पकड़ी गई कार को छोड़ने से गुस्साए मेठ और उसके मजदूरों ने रविवार को पूर्वाह्न करीब 11 बजे पुलिस पिकेट पर धावा बोल दिया। वहां मौजूद सिपाही विजय प्रकाश गुप्ता और देशराज यादव की पिटाई कर दी। कुर्सी मेज आदि तोड़ डालीं। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक अरूण प्रताप सिंह मय फोर्स के मौके पर पहुंचे और पांच मजदूरों को हिरासत में लिया है।
गोला निवासी मेठ अनिल वर्मा अपने साथी छोटे के साथ सिंहपुर से पिपरझला डीजल लेने जा रहा था। इसी दौरान पिपरझला के पास कार की टक्कर लगने से वह चोटिल होकर गिर गया और उसने घटना की सूचना पिकेट पुलिस को दी। बाइक चालक का आरोप है कि पिकेट पुलिस ने कार चालक को वहां से भगा दिया। घायल मेठ अनिल वर्मा ने सिंहपुर गांव में सड़क निर्माण का काम रहे मजदूरों को फोन करके पुलिस पिकेट पर बुला लिया। इसके बाद आक्रोशित मजदूरों जिनमें महिलाएं भी थीं ने पिकेट में घुसकर पुलिस से मारपीट की। मौके पर मौजूद हेड कांस्टेबल विजय प्रकाश गुप्ता से भी हाथापाई की गई। हंगामा देख पड़ोस के दुकानदार और ग्रामीणों ने पुलिस का बचाव करते हुए भीड़ को खदेड़ दिया। इतने में मौका पाकर अनिल बाइक छोड़कर भाग गया। सूचना पर भारी पुलिस बल पहुंच गया और पांच लोगों को पकड़कर थाने ले गए।
आरोपियों के घर पुलिस ने बोला धावा, तोड़फोड़
मितौली। पिपरझला पिकेट के सिपाही पर हमला कर मारपीट करने वाले लोगों में से पांच लोगों को पुलिस मौके से पकड़कर ले गई थी। इसके बाद पुलिस फोर्स ने अन्य आरोपियों की तलाश में सिंहपुर गांव जाकर दबिश दी, जहां आरोपी नहीं मिले तो पुलिस ने उनके घरों में तोड़फोड़ की और घरों में मौजूद महिलाओं को पीट दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने निर्दोष महिलाओं को भी नहीं बख्सा और उन्हें भी अपने गुस्से का शिकार बनाया। इस कार्रवाई से कई लोग घरों से भागकर खेतों में जा छिपे। हालांकि मितौली पुलिस निर्दोष लोगों और महिलाओं की पिटाई करने के आरोप को नकार रही है, जबकि सोशल मीडिया पर महिलाओं की पिटाई के बाद की फोटो वायरल की जा रही हैं।
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सिपाही विजय प्रकाश गुप्ता की तहरीर पर संतोष, सुनील, जितेंद्र, मोनू, छोटे सहित एक दर्जन लोगों पर धारा 147, 148, 353, 504, 506, 427, 332 और 7 सीएलए एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। फरार लोगों की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी गई है।
- अरुण प्रताप सिंह, प्रभारी निरीक्षक
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गोला निवासी मेठ अनिल वर्मा अपने साथी छोटे के साथ सिंहपुर से पिपरझला डीजल लेने जा रहा था। इसी दौरान पिपरझला के पास कार की टक्कर लगने से वह चोटिल होकर गिर गया और उसने घटना की सूचना पिकेट पुलिस को दी। बाइक चालक का आरोप है कि पिकेट पुलिस ने कार चालक को वहां से भगा दिया। घायल मेठ अनिल वर्मा ने सिंहपुर गांव में सड़क निर्माण का काम रहे मजदूरों को फोन करके पुलिस पिकेट पर बुला लिया। इसके बाद आक्रोशित मजदूरों जिनमें महिलाएं भी थीं ने पिकेट में घुसकर पुलिस से मारपीट की। मौके पर मौजूद हेड कांस्टेबल विजय प्रकाश गुप्ता से भी हाथापाई की गई। हंगामा देख पड़ोस के दुकानदार और ग्रामीणों ने पुलिस का बचाव करते हुए भीड़ को खदेड़ दिया। इतने में मौका पाकर अनिल बाइक छोड़कर भाग गया। सूचना पर भारी पुलिस बल पहुंच गया और पांच लोगों को पकड़कर थाने ले गए।
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आरोपियों के घर पुलिस ने बोला धावा, तोड़फोड़
मितौली। पिपरझला पिकेट के सिपाही पर हमला कर मारपीट करने वाले लोगों में से पांच लोगों को पुलिस मौके से पकड़कर ले गई थी। इसके बाद पुलिस फोर्स ने अन्य आरोपियों की तलाश में सिंहपुर गांव जाकर दबिश दी, जहां आरोपी नहीं मिले तो पुलिस ने उनके घरों में तोड़फोड़ की और घरों में मौजूद महिलाओं को पीट दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने निर्दोष महिलाओं को भी नहीं बख्सा और उन्हें भी अपने गुस्से का शिकार बनाया। इस कार्रवाई से कई लोग घरों से भागकर खेतों में जा छिपे। हालांकि मितौली पुलिस निर्दोष लोगों और महिलाओं की पिटाई करने के आरोप को नकार रही है, जबकि सोशल मीडिया पर महिलाओं की पिटाई के बाद की फोटो वायरल की जा रही हैं।
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सिपाही विजय प्रकाश गुप्ता की तहरीर पर संतोष, सुनील, जितेंद्र, मोनू, छोटे सहित एक दर्जन लोगों पर धारा 147, 148, 353, 504, 506, 427, 332 और 7 सीएलए एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। फरार लोगों की सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी गई है।
- अरुण प्रताप सिंह, प्रभारी निरीक्षक