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टायर की हवा न निकालो साहब...घर कैसे जाएंगे
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लखीमुपर खीरी। साहब, रिक्शे की हवा न निकालो, घर बहुत दूर है पैदल नहीं जा पाएंगे। भले ही मार लो, लेकिन हवा न निकालो साहब। घर पर भाई बीमार है खाने के लिए राशन तक नहीं है, मजबूरी में रिक्शा चलाने के लिए शहर आना पड़ा।
छाउछ निवासी 65 साल के रामसेवक कोतवाली पुलिस से हाथ जोड़कर मिन्नते करते रहे, लेकिन लॉकडाउन का पालन कराने को सड़क पर मार्च कर रही कोतवाली पुलिस ने उसकी एक न सुनी। न तो उसकी फटेहाल स्थिति देखकर पुलिस वालों का दिल पसीजा और न ही उसके हाथ जोड़ने पर। महाराजनगर मोहल्ले की जो सवारियां रिक्शे पर बैठे थी, पुलिस ने उन्हें भी उतार कर भगा दिया। काफी पुलिस देखकर सवारियां भी बिना पैसे दिए चली गईं। रोडवेज बसअड्डा रोड पर बुजुर्ग रिक्शा चालक अपनी बेबसी पर आंसू बहाता रहा और कोतवाली पुलिस अपनी रौ में मस्त रही। नए रंगरूटों ने डंडा फटाकर कर गली में भाग जाने को कहा। जिस पर वह नई बस्ती की एक गली में रोने लगा। लोगों ने जब पूछा तो रामसेवक फफक पड़ा। रामसेवक ने बताया कि घर में भाई सहित छह लोग हैं। घर का राशन खत्म हो गया। रोजी के इंतजाम में रिक्शा चलाने आया था, लेकिन पुलिस ने टायर पंक्चर कर दिया। छाउछ के आगे गांव है पैदल कैसे जाऊंगा। इसकी सूचना मिलने पर नई बस्ती के सभासद शारिब खान ने अपने साथी से रिक्शे में हवा डलवाई और खाने के लिए राशन सामग्री दी।
मामला मेरी जानकारी में नहीं है। लॉकडाउन का लोगों का पालन करना चाहिए। पुलिस को मानवता का परिचय देते हुए सवारियां उतारने के बाद टायर की हवा नहीं निकालनी थी।
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-विजय आनंद, सीओ सिटी
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छाउछ निवासी 65 साल के रामसेवक कोतवाली पुलिस से हाथ जोड़कर मिन्नते करते रहे, लेकिन लॉकडाउन का पालन कराने को सड़क पर मार्च कर रही कोतवाली पुलिस ने उसकी एक न सुनी। न तो उसकी फटेहाल स्थिति देखकर पुलिस वालों का दिल पसीजा और न ही उसके हाथ जोड़ने पर। महाराजनगर मोहल्ले की जो सवारियां रिक्शे पर बैठे थी, पुलिस ने उन्हें भी उतार कर भगा दिया। काफी पुलिस देखकर सवारियां भी बिना पैसे दिए चली गईं। रोडवेज बसअड्डा रोड पर बुजुर्ग रिक्शा चालक अपनी बेबसी पर आंसू बहाता रहा और कोतवाली पुलिस अपनी रौ में मस्त रही। नए रंगरूटों ने डंडा फटाकर कर गली में भाग जाने को कहा। जिस पर वह नई बस्ती की एक गली में रोने लगा। लोगों ने जब पूछा तो रामसेवक फफक पड़ा। रामसेवक ने बताया कि घर में भाई सहित छह लोग हैं। घर का राशन खत्म हो गया। रोजी के इंतजाम में रिक्शा चलाने आया था, लेकिन पुलिस ने टायर पंक्चर कर दिया। छाउछ के आगे गांव है पैदल कैसे जाऊंगा। इसकी सूचना मिलने पर नई बस्ती के सभासद शारिब खान ने अपने साथी से रिक्शे में हवा डलवाई और खाने के लिए राशन सामग्री दी।
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मामला मेरी जानकारी में नहीं है। लॉकडाउन का लोगों का पालन करना चाहिए। पुलिस को मानवता का परिचय देते हुए सवारियां उतारने के बाद टायर की हवा नहीं निकालनी थी।
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-विजय आनंद, सीओ सिटी