फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Civic Amenities

शौचालय का लाखों रुपये हड़पने वाले प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज, दूसरे प्रधान को नोटिस

Fri, 31 Jan 2020 01:51 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jan 2020 01:51 AM IST
विज्ञापन
Civic Amenities
लखीमपुर खीरी। गांवों को ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) बनाने की मुहिम को प्रधान और सचिवों ने मिलकर अपनी जेबें भरने का जरिया बना लिया है। कागजों पर एक ओर शौचालय बनाने का लक्ष्य पूरा दिखाया जा रहा है, तो वहीं जांच में घोटाले सामने आने लगे हैं। नकहा ब्लॉक की ग्राम पंचायत पटना और बेलवा में शौचालय बनाने के लिए मिली लाखों की धनराशि का बंदरबांट कर लिया गया है। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने पटना की प्रधान नेताईन के नोटिस का जवाब न दिए जाने पर उनके वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं। वहीं ग्राम पंचायत बेलवा के प्रधान कंधई को नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा है।
विज्ञापन

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत नकहा ब्लॉक की ग्राम पंचायत पटना के 10 मजरों मेें कुल 533 शौचालय बनाने का लक्ष्य दिया गया था। इसके लिए वर्ष 2017-18 में 60 हजार, 2018-19 में 46 लाख आठ हजार रुपये और वर्ष 2019-20 में 17 लाख 28 हजार रुपये दिए गए। शौचालय निर्माण का हाल जानने के लिए डीपीआरओ अजय श्रीवास्तव ने नवंबर 2019 को गांवों में स्थलीय सत्यापन किया तो लाभार्थी ओमप्रकाश, सुखरानी, गीता, आशा देवी, सुनील, रमेश, रामखिलावन, फारुक के शौचालय अपूर्ण पाए गए। ग्राम पंचायत में 107 आवास ही पूर्ण मिले। जबकि 168 शौचालय अधूरे और 258 शौचालय का निर्माण शुरू ही नहीं कराया गया था। शौचालय बनाने के लिए मिले कुल 63 लाख 96 हजार रुपये के सापेक्ष 51 लाख 54 हजार की धनराशि बैंक खाते से निकालकर बंदरबांट कर ली गई, जबकि इस धनराशि से 430 शौचालय पूर्ण हो जाने चाहिए थे। इस मामले में प्रधान नेताईन और तत्कालीन सचिव आलोक शुक्ला को दोषी पाया गया। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने प्रधान नेताईन को सचिव के साथ ही बराबर का दोषी मानते हुए कार्रवाई प्रारंभ की। तत्कालीन सचिव आलोक शुक्ला को सस्पेंड किया जा चुका है, जिसके बाद डीएम ने प्रधान नेताईन के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं। साथ ही बीडीओ नकहा को ग्राम पंचायत पटना के समस्त पंचायत सदस्यों की वार्डवार, आयु, शैक्षिक योग्यता सहित सूची तीन दिन के अंदर डीपीआरओ के समक्ष प्रस्तुत करने और डीपीआरओ को ग्राम पंचायत में तीन सदस्यीय समिति का गठन कराने के आदेश दिए गए हैं। डीएम ने प्रधान को पदच्युत (बर्खास्त) करने के लिए प्रकरण की अंतिम जांच जिला कृषि अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह को सौंपी है और एक माह के अंदर जांच आख्या मांगी है।
विज्ञापन

बेलवा में अधूरे शौचालय बनाकर हड़पी रकम, नोटिस
नकहा ब्लॉक की ग्राम पंचायत बेलवा में 254 शौचालय बनाने के लिए 30 लाख 48 हजार रुपये बजट दिया गया था। प्रधान और सचिव ने मिलकर 26 लाख चार हजार 814 रुपये खाते से निकालकर 266 शौचालय बनाने का दावा किया। निर्मित शौचालयों की जांच की गई, तो अधिकतर शौचालय मानक विहीन और अधूरे बने पाए गए। डीपीआरओ अजय श्रीवास्तव ने बताया कि लाभार्थी गयाप्रसाद को 12000 रुपये भुगतान किया गया, लेकिन शौचालय में दो के बजाय एक गड्ढा पाया गया और पानी की टंकी नहीं बनाई गई। इसी तरह लाभार्थी सोनी वर्मा, उत्तम कुमार, लल्लूराम, छोट्टन, लौंगश्री, कुशलानंद, सुमन, जसवंत आदि के शौचालय आधे-अधूरे बने पाए गए। जांच में लाभार्थियों ने बताया कि शौचालय बनाने के लिए मिली धनराशि को प्रधान और सचिव ने निकलवाकर स्वयं ले लिया था। डीएम ने प्रधान कंधई और सचिव के बीच दुरभिसंधि कर धनराशि का बंदरबांट के आरोप में पंचायती राज अधिनियम के तहत प्रधान को नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा है। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed