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प्रधान ने शौचालय का दिया भरोसा तब बीवी आई ससुराल
Updated Sat, 28 Jul 2018 12:20 AM IST
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27एलकेएच11
प्रधान ने शौचालय बनवाने का भरोसा दिलाया तो दुल्हन ससुराल आई
सदर ब्लॉक की ग्राम पंचायत मन्योरा का मामला
फरधान। सदर ब्लॉक के मन्योरा गांव में एक नवविवाहिता ने शौचालय न बना होने पर ससुराल जाने से मना कर दिया। पति कई बार उसे लेने मायके नीमगांव गया लेकिन वह राजी नहीं हुई। उसके ससुर ने यह बात ग्राम प्रधान को बताई तो उन्होंने विवाहिता को स्वच्छ भारत मिशन के तहत तुरंत शौचालय बनवाने का आश्वासन दिया। इस पर वह मान गई और गुरुवार को ससुराल लौट आई। उधर, ग्राम प्रधान ने वादे के मुताबिक दूसरे दिन शुक्रवार को शौचालय बनवाने के लिए उसे छह हजार की पहली किस्त का चेक सौंप दिया।
कस्बा नीमगांव निवासी खुशीराम की पुत्री रेखा का विवाह मई 2018 में फरधान थाना क्षेत्र में मन्योरा गांव निवासी अशोक के साथ हुआ था। मन्योरा स्मार्ट गांव योजना के तहत चयनित है। इसके बावजूद अशोक के घर में शौचालय नहीं बना था। शादी के बाद रेखा जब ससुराल आई तब शौचालय के बिना उसे परेशानियों का सामना करना पड़ा। कुछ दिन जैसे तैसे गुजारने के बाद रेखा मायके गई, तब उसने ठान लिया कि जब शौचालय बन जाएगा तभी ससुराल जाएगी। इस दौन पति अशोक कई बार उसे विदा कराने नीमगांव गया लेकिन रेखा नहीं आई। यह बात रेखा के ससुर कल्लू ने ग्राम प्रधान मंजीत कश्यप से बताई। तब प्रधान ने रेखा से मोबाइल पर बात कर तुरंत शौचालय बनवाने का आश्वासन दिया। रेखा प्रधान की बात मान गई और ससुराल आ गई।
वर्जन
शौचालय के अभाव में रेखा ससुराल नहीं आ रही थी। मैनें उसे समझाया प्रथम वरीयता के आधार पर आपका शौचालय बनवा दिया जाएगा। छह हजार रुपये की प्रथम किस्त दे दी है। गड्ढा कम्पलीट होते ही छह हजार रुपये की दूसरी किस्त भी सौंप दी जाएगी।
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- मंजीत कश्यप, प्रधान, मन्योरा
फोटो- 27एलकेएच501
कैसा ओडीएफ सर, हमारे यहां तो शौचालय है ही नहीं
बांकेगंज प्राथमिक स्कूल के बीस से अधिक बच्चों ने प्रिंसिपल को लिखी चिट्ठी
अमर उजाला ब्यूरो
बांकेगंज। ब्लॉक क्षेत्र के गांवों को ओडीएफ बनाने के दावों की पोल शुक्रवार को उस समय खुल गई, जब बांकेगंज प्राथमिक स्कूल (प्रथम) के बीस से अधिक बच्चों ने प्रधानाध्यापिका को चिट्ठी लिखकर दी कि अब तक उनके घर में शौचालय नहीं हैं, जिसके चलते वह और उनका परिवार खुले में शौच के लिए जाता है।
जिले को पॉलिथीन मुक्त बनाने के लिए बुधवार बांकेगंज ब्लॉक क्षेत्र के स्कूलों में आयोजित जागरुकता कार्यक्रम के दौरान बीईओ आरके सिंह ने प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए थे कि वह अपने स्कूलों के बच्चों से पता करें कि उनके घर में अब तक शौचालय बने हैं या नहीं। इसी कड़ी में बांकेगंज कस्बा स्थित प्राथमिक स्कूल (प्रथम) की प्रधानाध्यापिका भारती निषाद ने जब बच्चों से इस बावत पूछा तो स्कूल के बीस से अधिक बच्चों ने बताया कि उनके घर में शौचालय नहीं बनें हैं और उनका परिवार खुले में शौच को जाता है। इसमें करीब बीस बच्चों ने प्रधानाध्यापिका को अभिभावकों के हस्ताक्षर सहित इस आशय का पत्र भी लिखकर दिया।
शुक्रवार दोपहर प्रधानाध्यापिका भारती निषाद बच्चों को साथ लेकर ब्लॉक कार्यालय पहुंची और बीडीओ गोकुल प्रसाद गौतम को यह सारे पत्र सौंप दिए। बीडीओ को यह जानकर बहुत आश्चर्य हुआ। उन्होंने इस बावत जब बच्चों से पूछा तो बच्चों ने घर में शौचालय नहीं होने की बात कही। बीडीओ ने बच्चों को आश्वाशन दिया कि इस बात की जांच कराकर जल्दी ही उनके घरों में शौचालय बनवाकर शौच के लिए बाहर जाने की समस्या से मुक्ति दिलाएंगे। उन्होंने बच्चों की हौसला अफजाई भी की। घर में शौचालय बनने का आश्वासन मिलते ही बच्चों के चेहरे खिल उठे।
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प्रधान ने शौचालय बनवाने का भरोसा दिलाया तो दुल्हन ससुराल आई
सदर ब्लॉक की ग्राम पंचायत मन्योरा का मामला
फरधान। सदर ब्लॉक के मन्योरा गांव में एक नवविवाहिता ने शौचालय न बना होने पर ससुराल जाने से मना कर दिया। पति कई बार उसे लेने मायके नीमगांव गया लेकिन वह राजी नहीं हुई। उसके ससुर ने यह बात ग्राम प्रधान को बताई तो उन्होंने विवाहिता को स्वच्छ भारत मिशन के तहत तुरंत शौचालय बनवाने का आश्वासन दिया। इस पर वह मान गई और गुरुवार को ससुराल लौट आई। उधर, ग्राम प्रधान ने वादे के मुताबिक दूसरे दिन शुक्रवार को शौचालय बनवाने के लिए उसे छह हजार की पहली किस्त का चेक सौंप दिया।
कस्बा नीमगांव निवासी खुशीराम की पुत्री रेखा का विवाह मई 2018 में फरधान थाना क्षेत्र में मन्योरा गांव निवासी अशोक के साथ हुआ था। मन्योरा स्मार्ट गांव योजना के तहत चयनित है। इसके बावजूद अशोक के घर में शौचालय नहीं बना था। शादी के बाद रेखा जब ससुराल आई तब शौचालय के बिना उसे परेशानियों का सामना करना पड़ा। कुछ दिन जैसे तैसे गुजारने के बाद रेखा मायके गई, तब उसने ठान लिया कि जब शौचालय बन जाएगा तभी ससुराल जाएगी। इस दौन पति अशोक कई बार उसे विदा कराने नीमगांव गया लेकिन रेखा नहीं आई। यह बात रेखा के ससुर कल्लू ने ग्राम प्रधान मंजीत कश्यप से बताई। तब प्रधान ने रेखा से मोबाइल पर बात कर तुरंत शौचालय बनवाने का आश्वासन दिया। रेखा प्रधान की बात मान गई और ससुराल आ गई।
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शौचालय के अभाव में रेखा ससुराल नहीं आ रही थी। मैनें उसे समझाया प्रथम वरीयता के आधार पर आपका शौचालय बनवा दिया जाएगा। छह हजार रुपये की प्रथम किस्त दे दी है। गड्ढा कम्पलीट होते ही छह हजार रुपये की दूसरी किस्त भी सौंप दी जाएगी।
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- मंजीत कश्यप, प्रधान, मन्योरा
फोटो- 27एलकेएच501
कैसा ओडीएफ सर, हमारे यहां तो शौचालय है ही नहीं
बांकेगंज प्राथमिक स्कूल के बीस से अधिक बच्चों ने प्रिंसिपल को लिखी चिट्ठी
अमर उजाला ब्यूरो
बांकेगंज। ब्लॉक क्षेत्र के गांवों को ओडीएफ बनाने के दावों की पोल शुक्रवार को उस समय खुल गई, जब बांकेगंज प्राथमिक स्कूल (प्रथम) के बीस से अधिक बच्चों ने प्रधानाध्यापिका को चिट्ठी लिखकर दी कि अब तक उनके घर में शौचालय नहीं हैं, जिसके चलते वह और उनका परिवार खुले में शौच के लिए जाता है।
जिले को पॉलिथीन मुक्त बनाने के लिए बुधवार बांकेगंज ब्लॉक क्षेत्र के स्कूलों में आयोजित जागरुकता कार्यक्रम के दौरान बीईओ आरके सिंह ने प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए थे कि वह अपने स्कूलों के बच्चों से पता करें कि उनके घर में अब तक शौचालय बने हैं या नहीं। इसी कड़ी में बांकेगंज कस्बा स्थित प्राथमिक स्कूल (प्रथम) की प्रधानाध्यापिका भारती निषाद ने जब बच्चों से इस बावत पूछा तो स्कूल के बीस से अधिक बच्चों ने बताया कि उनके घर में शौचालय नहीं बनें हैं और उनका परिवार खुले में शौच को जाता है। इसमें करीब बीस बच्चों ने प्रधानाध्यापिका को अभिभावकों के हस्ताक्षर सहित इस आशय का पत्र भी लिखकर दिया।
शुक्रवार दोपहर प्रधानाध्यापिका भारती निषाद बच्चों को साथ लेकर ब्लॉक कार्यालय पहुंची और बीडीओ गोकुल प्रसाद गौतम को यह सारे पत्र सौंप दिए। बीडीओ को यह जानकर बहुत आश्चर्य हुआ। उन्होंने इस बावत जब बच्चों से पूछा तो बच्चों ने घर में शौचालय नहीं होने की बात कही। बीडीओ ने बच्चों को आश्वाशन दिया कि इस बात की जांच कराकर जल्दी ही उनके घरों में शौचालय बनवाकर शौच के लिए बाहर जाने की समस्या से मुक्ति दिलाएंगे। उन्होंने बच्चों की हौसला अफजाई भी की। घर में शौचालय बनने का आश्वासन मिलते ही बच्चों के चेहरे खिल उठे।