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सैदीपुर हरैया गांव पहुंची भाकपा माले की जांच टीम
Updated Fri, 22 Jun 2018 12:28 AM IST
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सैदीपुर हरैया पहुंची भाकपा माले की जांच टीम
रामापुर चौकी पुलिस की पिटाई से हुई बालिस्टर की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। सैदीपुर हरैया गांव के बालिस्टर सिंह की पुलिस हिरासत में हालत बिगड़ने से हुई मौत के मामले की जांच करने के लिए भाकपा माले की एक टीम गांव पहुंची। टीम का नेतृत्व भाकपा माले केंद्रीय कमेटी सदस्य कृष्णा अधिकारी ने किया। टीम ने लौटने के बाद जांच के निष्कर्ष जारी करते हुए कहा बालिस्टर सिंह की मौत रामापुर चौकी पुलिस की पिटाई से हुई है।
टीम ने बताया कि 16 जून की रात करीब एक बजे पुलिस बुजुर्ग बालिस्टर सिंह और उनके युवा पुत्र को बिना कुछ बताए गिरफ्तार कर ले गई। परिवारीजनों के मुताबिक रामापुर चौकी में उनसे परिजनों को मिलने नहीं दिया गया। 18 जून को बालिस्टर की बेटी गुड़िया उनसे मिलने पहुंची और उनकी हालत देखकर पुलिस वालों से गुहार लगाकर उन्हें जिला अस्पताल ले गई। जहां उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया। लखनऊ में डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बालिस्टर बीमार कैसे पड़े और कैसे हुई मौत इस बात को पुलिस छिपा रही है।
जांच दल ने मांग की कि गरीब बुजुर्ग बालिस्टर और देवतादीन की मौत की न्यायिक जांच कराई जाए। रामापुर पुलिस चौकी के पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार कर अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए। बालिस्टर के परिजनों को 10 लाख का मुआवजा दिया जाए। जांच दल में जिला कमेटी सदस्य श्रीनाथ और आइसा के प्रदेश कमेटी सदस्य अजय शामिल थे।
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रामापुर चौकी पुलिस की पिटाई से हुई बालिस्टर की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। सैदीपुर हरैया गांव के बालिस्टर सिंह की पुलिस हिरासत में हालत बिगड़ने से हुई मौत के मामले की जांच करने के लिए भाकपा माले की एक टीम गांव पहुंची। टीम का नेतृत्व भाकपा माले केंद्रीय कमेटी सदस्य कृष्णा अधिकारी ने किया। टीम ने लौटने के बाद जांच के निष्कर्ष जारी करते हुए कहा बालिस्टर सिंह की मौत रामापुर चौकी पुलिस की पिटाई से हुई है।
टीम ने बताया कि 16 जून की रात करीब एक बजे पुलिस बुजुर्ग बालिस्टर सिंह और उनके युवा पुत्र को बिना कुछ बताए गिरफ्तार कर ले गई। परिवारीजनों के मुताबिक रामापुर चौकी में उनसे परिजनों को मिलने नहीं दिया गया। 18 जून को बालिस्टर की बेटी गुड़िया उनसे मिलने पहुंची और उनकी हालत देखकर पुलिस वालों से गुहार लगाकर उन्हें जिला अस्पताल ले गई। जहां उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया। लखनऊ में डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बालिस्टर बीमार कैसे पड़े और कैसे हुई मौत इस बात को पुलिस छिपा रही है।
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जांच दल ने मांग की कि गरीब बुजुर्ग बालिस्टर और देवतादीन की मौत की न्यायिक जांच कराई जाए। रामापुर पुलिस चौकी के पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार कर अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए। बालिस्टर के परिजनों को 10 लाख का मुआवजा दिया जाए। जांच दल में जिला कमेटी सदस्य श्रीनाथ और आइसा के प्रदेश कमेटी सदस्य अजय शामिल थे।
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