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बाघ ने नवजात बछड़े को बनाया निवाला
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बाघ ने नवजात बछड़े को बनाया निवाला
बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। मैलानी रेंज से सटे पसियापुर गांव के पास जंगल किनारे बाघ ने एक नवजात बछड़े को निवाला बना लिया। बछड़े को जन्म देने वाली पालतू गाय लापता है। शाम तक गाय के घर वापस न आने पर रविवार सुबह जब गाय मालिक ग्रामीणों संग उसे तलाश करते हुए जंगल के किनारे तक पहुंचा तो बछड़े के अधखाये शव के पास बैठे बाघ ने उस पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन कई लोगों के साथ होने के कारण वह किसी तरह बच गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी है।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के महुरेना बीट और बांकेगंज कस्बा से सटे सुभानपुर गांव निवासी रामस्वरूप की पालतू गाय शनिवार को जंगल किनारे चरने गई थी। गाय गर्भवती थी। गाय ने पसियापुर गांव से सटे जंगल किनारे ही एक बछड़े को जन्म दिया। जहां कंपार्टमेंट 20 में जंगल की झाड़ियों से निकले एक बाघ ने नवजात बछड़े पर हमला कर उसे जंगल के अंदर ले जाकर निवाला बना लिया। गाय के घर न आने पर रविवार सुबह जब रामस्वरूप गांव के लोगों के साथ गाय को तलाशने जंगल किनारे गया तो वहां बछड़े के अधखाये शव के पास बैठे बाघ ने रामस्वरूप पर हमला करने की कोशिश की। कई लोगों के साथ होने पर उनके शोर मचाने पर रामस्वरूप ने किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाई। अभी तक गाय का कोई पता नहीं चल सका है। ग्रामीणों की सूचना पर घटनास्थल पर पहुंचे फॉरेस्टर मोहम्मद उमर, राजेंद्र वर्मा को जंगल के अंदर गाय के बछडे़ का अधखाया शव पड़ा मिलने से वनकर्मियों ने बाघ मौजूदगी की पुष्टि की है। वन कर्मियों ने ग्रामीणों से उस ओर न जाने की बात कहते हुए अपने पालतू पशुओं को जंगल किनारे चराने न ले जाने की बात कही है। आबादी से सटे इलाके में बाघ के हमले से ग्रामीणों में दहशत है।
बफरजोन मैलानी रेंज की महुरेना बीट के कंपार्टमेंट 20 में बाघ द्वारा गाय के एक नवजात बछड़े पर हमला कर उसे निवाला बनाने की सूचना मिली है। वनकर्मियों की टीम बाघ की लगातार निगरानी कर रही है। ग्रामीणों से आग्रह है कि वे अपने पालतू पशुओं को चराने के लिए जंगल किनारे न ले जाएं। ग्रामीणों को सतर्कता बरतनी चाहिए।
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- केपी सिंह, वन क्षेत्राधिकारी मैलानी रेंज, बफरजोन
बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। मैलानी रेंज से सटे पसियापुर गांव के पास जंगल किनारे बाघ ने एक नवजात बछड़े को निवाला बना लिया। बछड़े को जन्म देने वाली पालतू गाय लापता है। शाम तक गाय के घर वापस न आने पर रविवार सुबह जब गाय मालिक ग्रामीणों संग उसे तलाश करते हुए जंगल के किनारे तक पहुंचा तो बछड़े के अधखाये शव के पास बैठे बाघ ने उस पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन कई लोगों के साथ होने के कारण वह किसी तरह बच गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी है।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के महुरेना बीट और बांकेगंज कस्बा से सटे सुभानपुर गांव निवासी रामस्वरूप की पालतू गाय शनिवार को जंगल किनारे चरने गई थी। गाय गर्भवती थी। गाय ने पसियापुर गांव से सटे जंगल किनारे ही एक बछड़े को जन्म दिया। जहां कंपार्टमेंट 20 में जंगल की झाड़ियों से निकले एक बाघ ने नवजात बछड़े पर हमला कर उसे जंगल के अंदर ले जाकर निवाला बना लिया। गाय के घर न आने पर रविवार सुबह जब रामस्वरूप गांव के लोगों के साथ गाय को तलाशने जंगल किनारे गया तो वहां बछड़े के अधखाये शव के पास बैठे बाघ ने रामस्वरूप पर हमला करने की कोशिश की। कई लोगों के साथ होने पर उनके शोर मचाने पर रामस्वरूप ने किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाई। अभी तक गाय का कोई पता नहीं चल सका है। ग्रामीणों की सूचना पर घटनास्थल पर पहुंचे फॉरेस्टर मोहम्मद उमर, राजेंद्र वर्मा को जंगल के अंदर गाय के बछडे़ का अधखाया शव पड़ा मिलने से वनकर्मियों ने बाघ मौजूदगी की पुष्टि की है। वन कर्मियों ने ग्रामीणों से उस ओर न जाने की बात कहते हुए अपने पालतू पशुओं को जंगल किनारे चराने न ले जाने की बात कही है। आबादी से सटे इलाके में बाघ के हमले से ग्रामीणों में दहशत है।
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बफरजोन मैलानी रेंज की महुरेना बीट के कंपार्टमेंट 20 में बाघ द्वारा गाय के एक नवजात बछड़े पर हमला कर उसे निवाला बनाने की सूचना मिली है। वनकर्मियों की टीम बाघ की लगातार निगरानी कर रही है। ग्रामीणों से आग्रह है कि वे अपने पालतू पशुओं को चराने के लिए जंगल किनारे न ले जाएं। ग्रामीणों को सतर्कता बरतनी चाहिए।
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- केपी सिंह, वन क्षेत्राधिकारी मैलानी रेंज, बफरजोन