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बीस किलोमीटर की परिधि में बनेगें यूपी बोर्ड के परीक्षा केंद्र
Updated Mon, 29 Oct 2018 06:32 PM IST
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यूपी बोर्ड के छात्रों को परीक्षा देने नहीं जाना पड़ेगा दूर
बीस किलोमीटर की परिधि में बनेंगे परीक्षा केंद्र
पांच किलोमीटर की परिधि में छात्राएं देंगी परीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने बोर्ड परीक्षार्थियों को सहूलियत देते हुए बीस किलोमीटर की परिधि में ही परीक्षा केंद्र बनाने का निर्णय लिया है। जबकि छात्राओं के लिए स्वकेंद्र परीक्षा की सुविधा रहेगी। विषय परिस्थितयों में छात्राओं के लिए पांच किलोमीटर की परिधि में ही परीक्षा केंद्र रहेंगे।
सात फरवरी से शुरू हो रही बोर्ड परीक्षा के लिए छात्रों को पांच से बीस किलोमीटर की दूरी पर परीक्षा देनी होगी। जबकि छात्राओं को स्वकेंद्र में परीक्षा की सुविधा मिलेगी। छात्राओं को स्वकेंद्र परीक्षा की सुविधा तभी मिलेगी जब उनके विद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। परीक्षा केंद्र न बनने की स्थिति में छात्राओं को अपने निकटतम केंद्र पर जाकर परीक्षा देनी होगी।
बालिका विद्यालय के परीक्षा केंद्र बनने पर होगी स्वकेंद्र परीक्षा सुविधा
डीआईओएस का कहना है कि यदि बालिका विद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाया जाता है तो वहां की छात्राओं को उसी केंद्र पर परीक्षा देनी होगी। यदि किसी विद्यालय में छात्र छात्राएं दोनो पढ़ते हैं और उस विद्यालय को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया है, तो वहां की छात्राओं को समीप के परीक्षा केंद्र बने विद्यालय में परीक्षा देनी होगी।
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मानक पूरे न करने वाले विद्यालय नहीं बन सकेंगे केंद्र
डीआईओएस डॉ.आरके जायसवाल का कहना है कि बोर्ड द्वारा निर्धारित मानकों को पूरा न करने वाले विद्यालय किसी भी कीमत में परीक्षा केंद्र नहीं बन सकेंगे। विद्यालयों में दोनों तरफ सीसीटीवी, वॉयस रिकार्डर सहित लगे होने चाहिए। छात्र छात्राओं के लिए शौचालय भी अलग-अलग होने चाहिए। उन्होंने बताया कि राजकीय विद्यालयों के लिए सीसीटीवी और वॉयस रिकार्डर की अनिवार्यता नहीं है।
बोर्ड परीक्षार्थियों की संख्या
फैक्ट फाइल
कक्षा बालक बालिका
10 29569 22533
12 21379 17127
जिले में माध्यमिक विद्यालयों की संख्या- 277
राजकीय विद्यालय- 49
सहायता प्राप्त- 45
स्ववित्तपोषित-183
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बीस किलोमीटर की परिधि में बनेंगे परीक्षा केंद्र
पांच किलोमीटर की परिधि में छात्राएं देंगी परीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने बोर्ड परीक्षार्थियों को सहूलियत देते हुए बीस किलोमीटर की परिधि में ही परीक्षा केंद्र बनाने का निर्णय लिया है। जबकि छात्राओं के लिए स्वकेंद्र परीक्षा की सुविधा रहेगी। विषय परिस्थितयों में छात्राओं के लिए पांच किलोमीटर की परिधि में ही परीक्षा केंद्र रहेंगे।
सात फरवरी से शुरू हो रही बोर्ड परीक्षा के लिए छात्रों को पांच से बीस किलोमीटर की दूरी पर परीक्षा देनी होगी। जबकि छात्राओं को स्वकेंद्र में परीक्षा की सुविधा मिलेगी। छात्राओं को स्वकेंद्र परीक्षा की सुविधा तभी मिलेगी जब उनके विद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। परीक्षा केंद्र न बनने की स्थिति में छात्राओं को अपने निकटतम केंद्र पर जाकर परीक्षा देनी होगी।
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बालिका विद्यालय के परीक्षा केंद्र बनने पर होगी स्वकेंद्र परीक्षा सुविधा
डीआईओएस का कहना है कि यदि बालिका विद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाया जाता है तो वहां की छात्राओं को उसी केंद्र पर परीक्षा देनी होगी। यदि किसी विद्यालय में छात्र छात्राएं दोनो पढ़ते हैं और उस विद्यालय को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया है, तो वहां की छात्राओं को समीप के परीक्षा केंद्र बने विद्यालय में परीक्षा देनी होगी।
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मानक पूरे न करने वाले विद्यालय नहीं बन सकेंगे केंद्र
डीआईओएस डॉ.आरके जायसवाल का कहना है कि बोर्ड द्वारा निर्धारित मानकों को पूरा न करने वाले विद्यालय किसी भी कीमत में परीक्षा केंद्र नहीं बन सकेंगे। विद्यालयों में दोनों तरफ सीसीटीवी, वॉयस रिकार्डर सहित लगे होने चाहिए। छात्र छात्राओं के लिए शौचालय भी अलग-अलग होने चाहिए। उन्होंने बताया कि राजकीय विद्यालयों के लिए सीसीटीवी और वॉयस रिकार्डर की अनिवार्यता नहीं है।
बोर्ड परीक्षार्थियों की संख्या
फैक्ट फाइल
कक्षा बालक बालिका
10 29569 22533
12 21379 17127
जिले में माध्यमिक विद्यालयों की संख्या- 277
राजकीय विद्यालय- 49
सहायता प्राप्त- 45
स्ववित्तपोषित-183