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मानसून पेट्रोलिंग में इस बार एसपीटीएफ रहेगी साथ
Updated Tue, 12 Jun 2018 05:40 PM IST
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मानसून पेट्रोलिंग में अब साथ रहेगी एसटीपीएफ
बारिश के मौसम में वन और वन्यजीवों के बढ़ता है खतरा
नदियों की पेट्रोलिंग के लिए वन विभाग ने मांगी मोटरबोट
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। दुधवा नेशनल पार्क का पर्यटन सत्र 15 जून को समाप्त हो रहा है। पर्यटन सत्र समाप्त होने के साथ ही मानसून आना संभावित है। बारिश के मौसम में जंगल और जंगली जीवों के लिए खतरा बढ़ जाता है। वन विभाग ने वन अपराध के इन खतरों से निबटने के लिए कमर कस ली है। पार्क प्रशासन और वन विभाग ने मानसून पेट्रोलिंग की रणनीति तैयार की है। मानसून पेट्रोलिंग में वनकर्मियों के साथ पहली बार स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के सशस्त्र जवान भी शामिल होंगे।
दुधवा नेशनल पार्क के प्रभारी उपनिदेशक और दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल पटेल ने बताया कि मानसून पेट्रोलिंग के लिए रेंज वार टीमें गठित कर दी गई हैं। इन टीमों में वनकर्मियों के साथ सशस्त्र एसटीपीएफ के जवान भी शामिल रहेंगे। यह गश्त पैदल होगी। जहां पैदल जाना संभव नहीं होगा वहां ट्रैक्टर या डनलप का सहारा लिया जाएगा। नदियों की पेट्रोलिंग के लिए शासन से मोटरबोट की मांग की गई है।
बरसात के मौसम में जंगल के रास्तों पर कीचड़ और जलभराव हो जाने के कारण गश्त करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे समय में वनापराधी सक्रिय हो जाते है और वे इस स्थिति का फायदा उठाकर शिकार और पेड़ों के कटान को अंजाम देते हैं। ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग हर साल मानसून पेट्रोलिंग करता है। इस बार मानसून पेट्रोलिंग को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। दुधवा नेशनल पार्क अैर दुधवा टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक भी नियमित रूप से खुद भी पेट्रोलिंग करेंगे।
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पेट्रोलिंग टीमों को रेन सूट, रेनकोट, लांग बूट, टार्च, सर्चलाइट के साथ आवश्यक शस्त्र भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। टीमों और मुख्यालय को संदेश देने के लिए आवश्यक उपकरण भी मुहैया कराए जा रहे हैं। बारिश के मौसम में अक्सर वनापराधी जंगल में घुसपैठ के लिए जल मार्ग का प्रयोग करते हैं। इसलिए इस बार नदियों में पेट्रोलिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नदियों में पेट्रोलिंग के लिए मोटरबोट की मांग की गई है।
वर्जन.....
वन, वन्यजीवों की सुरक्षा और वनापराध पर अंकुश लगाने के लिए मानसून पेट्रोलिंग की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रेंज स्तर पर पेट्रोलिंग टीमें गठित कर दी गई है। इस बार पेट्रोलिंग टीमों में स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के सशस्त्र जवान भी शामिल किए जा रहे हैं।
- डॉ. अनिल पटेल, प्रभारी उपनिदेशक, दुधवा नेशनल पार्क
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बारिश के मौसम में वन और वन्यजीवों के बढ़ता है खतरा
नदियों की पेट्रोलिंग के लिए वन विभाग ने मांगी मोटरबोट
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी। दुधवा नेशनल पार्क का पर्यटन सत्र 15 जून को समाप्त हो रहा है। पर्यटन सत्र समाप्त होने के साथ ही मानसून आना संभावित है। बारिश के मौसम में जंगल और जंगली जीवों के लिए खतरा बढ़ जाता है। वन विभाग ने वन अपराध के इन खतरों से निबटने के लिए कमर कस ली है। पार्क प्रशासन और वन विभाग ने मानसून पेट्रोलिंग की रणनीति तैयार की है। मानसून पेट्रोलिंग में वनकर्मियों के साथ पहली बार स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के सशस्त्र जवान भी शामिल होंगे।
दुधवा नेशनल पार्क के प्रभारी उपनिदेशक और दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन के उपनिदेशक डॉ. अनिल पटेल ने बताया कि मानसून पेट्रोलिंग के लिए रेंज वार टीमें गठित कर दी गई हैं। इन टीमों में वनकर्मियों के साथ सशस्त्र एसटीपीएफ के जवान भी शामिल रहेंगे। यह गश्त पैदल होगी। जहां पैदल जाना संभव नहीं होगा वहां ट्रैक्टर या डनलप का सहारा लिया जाएगा। नदियों की पेट्रोलिंग के लिए शासन से मोटरबोट की मांग की गई है।
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बरसात के मौसम में जंगल के रास्तों पर कीचड़ और जलभराव हो जाने के कारण गश्त करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे समय में वनापराधी सक्रिय हो जाते है और वे इस स्थिति का फायदा उठाकर शिकार और पेड़ों के कटान को अंजाम देते हैं। ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग हर साल मानसून पेट्रोलिंग करता है। इस बार मानसून पेट्रोलिंग को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। दुधवा नेशनल पार्क अैर दुधवा टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक भी नियमित रूप से खुद भी पेट्रोलिंग करेंगे।
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पेट्रोलिंग टीमों को रेन सूट, रेनकोट, लांग बूट, टार्च, सर्चलाइट के साथ आवश्यक शस्त्र भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। टीमों और मुख्यालय को संदेश देने के लिए आवश्यक उपकरण भी मुहैया कराए जा रहे हैं। बारिश के मौसम में अक्सर वनापराधी जंगल में घुसपैठ के लिए जल मार्ग का प्रयोग करते हैं। इसलिए इस बार नदियों में पेट्रोलिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नदियों में पेट्रोलिंग के लिए मोटरबोट की मांग की गई है।
वर्जन.....
वन, वन्यजीवों की सुरक्षा और वनापराध पर अंकुश लगाने के लिए मानसून पेट्रोलिंग की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रेंज स्तर पर पेट्रोलिंग टीमें गठित कर दी गई है। इस बार पेट्रोलिंग टीमों में स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के सशस्त्र जवान भी शामिल किए जा रहे हैं।
- डॉ. अनिल पटेल, प्रभारी उपनिदेशक, दुधवा नेशनल पार्क