मां के साथ पांच बच्चों की मौत मामला: दस घंटे में पांच बार पति नौमी ने बदले बयान, चकराए अफसर
रात करीब 12:30 नौमी की झोपड़ी में आग लगी। गांव वालों की भीड़ जुट गई। लपटें इतनी तेज थीं कि कोई पास नहीं पहुंचा। बेबस आंखों के सामने संगीता और उसके बच्चों की जिंदगी की लीला खत्म हो गई। नौमी खुद काे संभाल नहीं पा रहा है।
विस्तार
कुशीनगर जिले में रामकोला नगर पंचायत के बापूनगर उर्दहा वार्ड नंबर दो में मां और पांच बच्चों की मौत का मामला सुलझाने में अफसर भी चकरा गए। दस घंटे में पांच बार अफसरों ने बयान लिया तो अलग-अलग बात नौमी ने बताई। इसकी वजह से घटना की वजह साफ नहीं हो पा रही है। आग लगने का कारण जिम्मेदार अज्ञात बता रहे हैं।
डीएम, एसपी, एडीएम प्रशासन, एसडीएम और थानेदार को दिए गए पचरुखिया गांव निवासी साढू साधु खटिक ने घटना के बाद जब एसपी को शिकायती पत्र देकर नौमी पर दहेज के लिए हत्या और पूर्व में परिवार को जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। सक्रिय हुई पुलिस की जांच में मालूम हुआ कि नौमी नशा करता था। दस दिन पूर्व शाम को पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था तो पत्नी ने खुदकुशी की धमकी दी थी।
इसके अलावा एसपी धवल जायसवाल, कप्तानगंज के एडीएम देवीदयाल वर्मा, एसडीएम, सीओ खड्डा सीओ संदीप वर्मा, रामकोला थानेदार अखिलेश कुमार सिंह ने बुधवार की रात करीब दो बजे से बृहस्पतिवार को दिन में 12 बजे दिन तक आग लगने का कारण नौमी से अलग-अलग पूछा। सभी की पूछताछ में नौमी का बयान अलग-अलग आया। एडीएम प्रशासन देवीदयाल वर्मा ने बताया कि आग लगते हुए किसी ने देखा नहीं है। नौमी खुद बदहवास है। उसके बयान में भिन्नता आ रही है। इस लिए आग लगने का कारण अज्ञात है।
इसे भी पढ़ें: एक साथ छह शवों का हुआ अंतिम संस्कार, रोया गांव-जवार
पति-पत्नी में था विवाद, खुदकुशी की आशंका
बुधवार की रात नगर के बापूनगर ग्राम उर्दहा वार्ड नंबर दो में में हुई घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। मातमी माहौल के बीच मोहल्ले वाले आशंका जता रहे थे कि-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था। इसकी वजह से कहीं संगीता ने बच्चों के साथ खुदकुशी तो नहीं कर ली है।
इसे भी पढ़ें: आंखों के सामने ही उजड़ गई नौमी की दुनिया
बृहस्पतिवार को वार्ड में चारों तरफ सन्नाटा था। घटनास्थल के आसपास पुलिस की ड्यूटी लगी थी। गमजदा मोहल्ले वालों से घटना का जिक्र करने पर उनकी आंखें भर आ रही थीं। रुंधे गले से बोल रहे थे कि भगवान जाने यह कैसे हुआ। अक्सर पति-पत्नी आपस में झगड़ते थे। तहरीर मिलने के बाद एसपी के निर्देश पर शुरू हुई जांच में पता चला कि अक्सर पति-पत्नी के बीच विवाद होता था। आबादी से दूर घर होने के कारण मोहल्ले वाले भी नहीं पहुंच पाते थे।
आग की लपटें इतनी तेज थी कि बेबस बने रहे लोग
बुधवार की रात करीब 12:30 नौमी की झोपड़ी में आग लगी। गांव वालों की भीड़ जुट गई। लपटें इतनी तेज थीं कि कोई पास नहीं पहुंचा। बेबस आंखों के सामने संगीता और उसके बच्चों की जिंदगी की लीला खत्म हो गई। नौमी खुद काे संभाल नहीं पा रहा है। गांव वालों का कहना है कि घर खुले में था। हवा तेज थी। इससे आग तेजी से चारों तरफ फैल गई।
इसे भी पढ़ें: आंखों के सामने खत्म हुआ परिवार: कुशीनगर में झोपड़ी में लगी आग, चपेट में आने से महिला और पांच बच्चे जिंदा जले
मोबाइल खोलेगा आपसी विवाद का राज
गलगी की घटना में मां और पांच बच्चों की मौत की घटना पूरे जिले में चर्चा का विषय रही। पुलिस हो या आम लोग किसी के गले यह बात नहीं उतर रही है कि इतनी भीषण गर्मी में जहां सभी लोग छत या दरवाजे पर सोए थे। वहीं, संगीता अपने पांच बच्चों को लेकर झोपड़ी में क्यों सो रही थी। ऐसे कई अनसुलझे सवालों ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
पति-पत्नी के बीच विवाद की बात आने पर एसपी धवल जायसवाल ने संगीता और नौमी के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, संगीता का मोबाइल आग में जल चुका है। पुलिस सूत्रों की मानें तो बुधवार को दिन में नौमी ने अपनी सास के पास फोन कर खुद की खुदकुशी या पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी।