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नकली नोट छापने के उपकरण भी बरामद
Updated Sun, 30 Jul 2017 05:38 PM IST
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कुशीनगर। जनपद की पुलिस ने नकली नोट छापने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा किया है। पुलिस ने ऐसे तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास 32800 रुपये के नकली नोट, प्रिंटर सहित अन्य सामान बरामद हुए हैं। इनका जाल कुशीनगर, गोरखपुर, देवरिया, बलिया, महराजगंज सहित बिहार में भी फैला हुआ है।
रविवार को एसपी यमुना प्रसाद ने पुलिस कार्यालय में इस गिरोह का पर्दाफाश किया। एसपी ने बताया कि एएसपी हरि गोविंद की अगुवाई में एसओ कसया और स्वॉट टीम की संयुक्त कार्रवाई में यह सफलता मिली। एसपी के मुताबिक कसया थाना क्षेत्र के मल्लूडीह से तीन व्यक्ति गिरफ्तार किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में से निजामुद्दीन ने बताया कि वह नकली करेंसी छापने का काम करता था तथा उसके दो साथी बिहार के गोपालगंज, पश्चिमी चंपारण, बगहां एवं उत्तर प्रदेश के कुशीनगर, गोरखपुर, देवरिया, बलिया, महराजगंज, बस्ती आदि जनपदों में ग्राहक ढूंढते थे तथा 5000 रुपये असली करेंसी के बदले में 15000 रुपये के नकली नोट देते थे। इन्होंने काफी मात्रा में नकली नोट बिहार, गोरखपुर और बस्ती आदि क्षेत्रों में अदला-बदली की है।
गिरफ्तार आरोपियों में से निजामुद्दीन और सलाउद्दीन जनपद के पटहेरवा थाना क्षेत्र के अबराजी कोटवा गांव के निवासी हैं, जबकि तीसरा आरोपी अजहरुद्दीन अंसारी इसी थाना क्षेत्र के खाली कोटवा गांव का निवासी है। पुलिस ने इनके पास से 32800 रुपये नकली करेंसी, एक पेपर कटर, एक प्रिंटर, एक मार्कर पेन, नोट छापने के 11 पेपर और एक बाइक बरामद की है। इनके खिलाफ कसया थाने में मुकदमा दर्ज करने के बाद जेल भेज दिया गया। इस रैकेट का खुलासा करने वाली टीम में कसया थाने के एसओ गजेंद्र राय, एसआई राजीव कुमार सिंह, स्वॉट प्रभारी श्यामलाल यादव, स्वॉट टीम के विकास यादव, संजय मिश्रा, कांस्टेबल रामबरत, संतोष कुमार, हेड कांस्टेबल मुबारक अली, कांस्टेबल रणविजय यादव, सत्य नारायण राय, शिवानंद सिंह और शशिकेश गोस्वामी शामिल थे।
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रविवार को एसपी यमुना प्रसाद ने पुलिस कार्यालय में इस गिरोह का पर्दाफाश किया। एसपी ने बताया कि एएसपी हरि गोविंद की अगुवाई में एसओ कसया और स्वॉट टीम की संयुक्त कार्रवाई में यह सफलता मिली। एसपी के मुताबिक कसया थाना क्षेत्र के मल्लूडीह से तीन व्यक्ति गिरफ्तार किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में से निजामुद्दीन ने बताया कि वह नकली करेंसी छापने का काम करता था तथा उसके दो साथी बिहार के गोपालगंज, पश्चिमी चंपारण, बगहां एवं उत्तर प्रदेश के कुशीनगर, गोरखपुर, देवरिया, बलिया, महराजगंज, बस्ती आदि जनपदों में ग्राहक ढूंढते थे तथा 5000 रुपये असली करेंसी के बदले में 15000 रुपये के नकली नोट देते थे। इन्होंने काफी मात्रा में नकली नोट बिहार, गोरखपुर और बस्ती आदि क्षेत्रों में अदला-बदली की है।
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गिरफ्तार आरोपियों में से निजामुद्दीन और सलाउद्दीन जनपद के पटहेरवा थाना क्षेत्र के अबराजी कोटवा गांव के निवासी हैं, जबकि तीसरा आरोपी अजहरुद्दीन अंसारी इसी थाना क्षेत्र के खाली कोटवा गांव का निवासी है। पुलिस ने इनके पास से 32800 रुपये नकली करेंसी, एक पेपर कटर, एक प्रिंटर, एक मार्कर पेन, नोट छापने के 11 पेपर और एक बाइक बरामद की है। इनके खिलाफ कसया थाने में मुकदमा दर्ज करने के बाद जेल भेज दिया गया। इस रैकेट का खुलासा करने वाली टीम में कसया थाने के एसओ गजेंद्र राय, एसआई राजीव कुमार सिंह, स्वॉट प्रभारी श्यामलाल यादव, स्वॉट टीम के विकास यादव, संजय मिश्रा, कांस्टेबल रामबरत, संतोष कुमार, हेड कांस्टेबल मुबारक अली, कांस्टेबल रणविजय यादव, सत्य नारायण राय, शिवानंद सिंह और शशिकेश गोस्वामी शामिल थे।
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