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जिला अस्पताल के जनरल वार्ड में बेड पर न चादर, न चल रहे पंखे

Sat, 10 Oct 2020 12:12 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 10 Oct 2020 12:12 AM IST
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alien of disarray in district hospital
जिला अस्पताल के जनरल वार्ड में बेड पर न चादर, न चल रहे पंखे
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- रात में मरीजों की तबियत बिगड़ने पर स्वास्थ्यकर्मी नहीं पहुंचते समय पर
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना (कुशीनगर)। सस्ते और बेहतर इलाज की उम्मीद लगाकर संयुक्त जिला चिकित्सालय आ रहे मरीजों को अनेक परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। जनरल वार्ड में न तो बेड पर चादर मिल रही है और न ही इस गर्मी में पंखे ही चल रहे हैं। ज्यादातर पंखे खराब होने की वजह से मरीजों को गर्मी में बेहाल होना पड़ रहा है। तीमारदारों की मानी जाए तो रात में मरीजों की हालत बिगड़ने पर कहने के बावजूद स्वास्थ्यकर्मी समय पर नहीं पहुंचते।
सौ बेड के संयुक्त जिला चिकित्सालय में 50-50 बेड के दो जनरल वार्ड हैं, जहां सीएचसी-पीएचसी के रेफरल मरीजों के अलावा सीधे भी लोग इलाज कराने पहुंचते हैं। कोरोना संकटकाल के पहले तो इस मौसम में मरीजों की संख्या इतनी अधिक हो जाती थी कि कभी-कभी एक-एक बेड पर दो-दो मरीजों को भर्ती करना पड़ता था। कई मर्तबा तो चबूतरे और फर्श पर लिटाकर मरीजों का इलाज करना पड़ रहा है।
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इधर, कोरोना संकटकाल में मरीजों की संख्या घटने के बावजूद सुविधाओं में कोई इजाफा नहीं दिख रहा है। अक्सर शिकायत रह रही है कि वार्ड में भर्ती मरीजों के बेड पर न तो चादर रहती है और न ही पंखे चलते हैं। शुक्रवार को भी ऐसी ही स्थिति रही। इक्का-दुक्का बेड को छोड़ दें तो ज्यादातर बेड पर चादरें नहीं थीं। मरीज या तो बिना चादर के ही बेड पर लिटाए गए थे या फिर घर से लाए चादर बिछाए थे। ज्यादातर पंखे भी खराब थे। गर्मी से बेहाल मरीज गमछा, कपड़े या हाथ से बने पंखे से गर्मी से निजात पाने की कोशिश कर रहे थे।
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मरीज के साथ आए कसया क्षेत्र के आकाश, विजय, राकेश, अर्जुन यादव, लल्लन, सुरेंद्र, राधिका, संध्या आदि ने बताया कि अस्पताल में बेड पर बिछाने के लिए न तो चादर दी जा रही है न ही पंखे चल रहे हैं। चादर मांगने पर भी स्वास्थ्यकर्मी ठीक से बात नहीं करते। रात में मरीजों की हालत बिगड़ने पर ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मी जल्दी नहीं पहुंचते हैं। बृहस्पतिवार की रात में एक मरीज की हालत अधिक बिगड़ गई थी, लेकिन स्वास्थ्यकर्मी समय पर नहीं पहुंचे। उनके साथ आए लोग स्वास्थ्यकर्मियों को आवाज देते रह गए और अंतत: मरीज की मौत हो गई।
सीएमएस डॉ. बजरंगी पांडेय का कहना था कि शनिवार को इन समस्याओं को दूर करा दिया जाएगा। अस्पताल में मरीजों को किसी प्रकार की समस्या नहीं होने दी जाएगी।
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