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चिंतनीय
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कोशिशों के बावजूद क्षय रोगियों में आई मामूली गिरावट
तमकुहीराज। क्षय रोग नियंत्रण में सीएचसी तमकुहीराज को आंशिक सफलता मिली है। पिछले वर्ष की तुलना में मरीजों की संख्या मामूली कमी आई है।
सरकारी अस्पतालों में ऐसे रोगियो का मुफ्त में इलाज किया जा रहा है। हर तीन माह के अंतराल पर गांवों में कैंप लगाकर मरीज चिह्नित किए जा रहे हैं। विभाग मरीजों को दवा के साथ पौष्टिक आहार के लिए धन भी मुहैया करा रहा है। इतना कुछ करने के बावजूद तमकुही क्षेत्र में मरीजों की संख्या में मामूली गिरावट आई है। जबकि एमडीआर के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। पिछले वर्ष 2017 में क्षय रोग के 183 मरीज पंजीकृत हुए थे, वहीं वर्ष 2018 में 167 मरीज पंजीकृत हुए। पिछले वर्ष एमडीआर के 06 मरीज पाए गए थे। वहीं इस वर्ष मरीजों की संख्या 08 पाई गई है। सीएचसी तमकुही के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि जब मरीज दवाओं लेने में अंतराल कर देता है तो यह समस्या आती है। उन्होंने बताया कि इतना प्रचार प्रसार करने के बावजूद लोग जागरूक नहीं हो रहे हैं। सरकारी अस्पतालों के माध्यम से सारी व्यवस्था उपलब्ध कराने के बाद भी लोग झोलाछाप के झांसे में पड़ कर अपनी बीमारी को और बिगाड़ दे रहे हैं।
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तमकुहीराज। क्षय रोग नियंत्रण में सीएचसी तमकुहीराज को आंशिक सफलता मिली है। पिछले वर्ष की तुलना में मरीजों की संख्या मामूली कमी आई है।
सरकारी अस्पतालों में ऐसे रोगियो का मुफ्त में इलाज किया जा रहा है। हर तीन माह के अंतराल पर गांवों में कैंप लगाकर मरीज चिह्नित किए जा रहे हैं। विभाग मरीजों को दवा के साथ पौष्टिक आहार के लिए धन भी मुहैया करा रहा है। इतना कुछ करने के बावजूद तमकुही क्षेत्र में मरीजों की संख्या में मामूली गिरावट आई है। जबकि एमडीआर के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। पिछले वर्ष 2017 में क्षय रोग के 183 मरीज पंजीकृत हुए थे, वहीं वर्ष 2018 में 167 मरीज पंजीकृत हुए। पिछले वर्ष एमडीआर के 06 मरीज पाए गए थे। वहीं इस वर्ष मरीजों की संख्या 08 पाई गई है। सीएचसी तमकुही के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि जब मरीज दवाओं लेने में अंतराल कर देता है तो यह समस्या आती है। उन्होंने बताया कि इतना प्रचार प्रसार करने के बावजूद लोग जागरूक नहीं हो रहे हैं। सरकारी अस्पतालों के माध्यम से सारी व्यवस्था उपलब्ध कराने के बाद भी लोग झोलाछाप के झांसे में पड़ कर अपनी बीमारी को और बिगाड़ दे रहे हैं।