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Kaushambi News: 60 गांवों के एएनएम सेंटर का काम एक साल से ठप
Fri, 05 Jun 2026 12:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Fri, 05 Jun 2026 12:06 AM IST
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सिराथू के गोविंदपुर गोरियो गांव में अधुरा पड़ एएनएम केंद्र। संवाद
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिले की 60 ग्राम पंचायतों के एएनएम सेंटर का कार्य एक साल से ठप है। सभी उप स्वास्थ्य केंद्र (एएनएम सेंटर) 32 लाख रुपये प्रति केंद्र की लागत से बनाए जा रहे हैं।
इनमें सिराथू ब्लॉक के सात केंद्रों पर कुल 2.24 करोड़ रुपये खर्च होने हैं, लेकिन भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों के बीच निर्माण कार्य करीब 50 प्रतिशत पूरा होने के बाद एक वर्ष से बंद पड़ा है। शासन ने मामले की जांच जिला पंचायत को सौंप दी है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की 15वें वित्त आयोग योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 में सिराथू ब्लॉक के रामसहायपुर, नगियामई, गोविंदपुर गोरियों, शेखा, पइंसा, मलाका रेजमा और हटवा रामपुर मड़ूकी गांवों में बनाए जा रहे सात केंद्रों पर कुल करीब 2.24 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं।
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इन केंद्रों में एएनएम कक्ष, टीकाकरण कक्ष, आशा कार्यकर्ता कक्ष, वार्ड, शौचालय समेत आठ कमरों का निर्माण प्रस्तावित है। ग्रामीणों को बेहतर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना में अधिकांश स्थानों पर केवल भवनों का ढांचा खड़ा हो सका।
करीब 50 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा होने के बाद पिछले एक वर्ष से काम बंद पड़ा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की योजना प्रभावित हो रही है।
भुगतान विवाद और घटिया निर्माण की शिकायतों से बढ़ा मामला
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में घटिया ईंट, सीमेंट और बालू का प्रयोग किया गया। कई गांवों में बारिश के दौरान निर्माणाधीन भवनों की दीवारें क्षतिग्रस्त होकर गिर गईं। उधर ठेकेदार ने कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश कंस्ट्रक्शन एंड लेबर डेवलपमेंट फेडरेशन लिमिटेड (यूपीसीएलडीएस) के जूनियर इंजीनियर पर जीएसटी में हेराफेरी कर निजी फर्म में 50 प्रतिशत भुगतान कराने का आरोप लगाया है।
वहीं कार्यदायी संस्था के अधिकारियों ने ठेकेदार पर ही वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और निर्माण में गड़बड़ी की शिकायतें शासन तक पहुंचने के बाद मामले की जांच जिला पंचायत को सौंप दी गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिले की 60 ग्राम पंचायतों में उप स्वास्थ्य केंद्र निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था को दी गई थी। कुछ स्थानों पर अनियमितताओं की शिकायत मिली है। शासन के निर्देश पर जिला पंचायत से जांच कराई गई है और रिपोर्ट भेज दी गई है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - हिंद मणि, डिप्टी सीएमओ (निर्माण)
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इनमें सिराथू ब्लॉक के सात केंद्रों पर कुल 2.24 करोड़ रुपये खर्च होने हैं, लेकिन भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों के बीच निर्माण कार्य करीब 50 प्रतिशत पूरा होने के बाद एक वर्ष से बंद पड़ा है। शासन ने मामले की जांच जिला पंचायत को सौंप दी है।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की 15वें वित्त आयोग योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 में सिराथू ब्लॉक के रामसहायपुर, नगियामई, गोविंदपुर गोरियों, शेखा, पइंसा, मलाका रेजमा और हटवा रामपुर मड़ूकी गांवों में बनाए जा रहे सात केंद्रों पर कुल करीब 2.24 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं।
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इन केंद्रों में एएनएम कक्ष, टीकाकरण कक्ष, आशा कार्यकर्ता कक्ष, वार्ड, शौचालय समेत आठ कमरों का निर्माण प्रस्तावित है। ग्रामीणों को बेहतर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना में अधिकांश स्थानों पर केवल भवनों का ढांचा खड़ा हो सका।
करीब 50 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा होने के बाद पिछले एक वर्ष से काम बंद पड़ा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की योजना प्रभावित हो रही है।
भुगतान विवाद और घटिया निर्माण की शिकायतों से बढ़ा मामला
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में घटिया ईंट, सीमेंट और बालू का प्रयोग किया गया। कई गांवों में बारिश के दौरान निर्माणाधीन भवनों की दीवारें क्षतिग्रस्त होकर गिर गईं। उधर ठेकेदार ने कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश कंस्ट्रक्शन एंड लेबर डेवलपमेंट फेडरेशन लिमिटेड (यूपीसीएलडीएस) के जूनियर इंजीनियर पर जीएसटी में हेराफेरी कर निजी फर्म में 50 प्रतिशत भुगतान कराने का आरोप लगाया है।
वहीं कार्यदायी संस्था के अधिकारियों ने ठेकेदार पर ही वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और निर्माण में गड़बड़ी की शिकायतें शासन तक पहुंचने के बाद मामले की जांच जिला पंचायत को सौंप दी गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिले की 60 ग्राम पंचायतों में उप स्वास्थ्य केंद्र निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था को दी गई थी। कुछ स्थानों पर अनियमितताओं की शिकायत मिली है। शासन के निर्देश पर जिला पंचायत से जांच कराई गई है और रिपोर्ट भेज दी गई है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - हिंद मणि, डिप्टी सीएमओ (निर्माण)

सिराथू के गोविंदपुर गोरियो गांव में अधुरा पड़ एएनएम केंद्र। संवाद