विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सर्वपितृ अमावस्या को गया में अर्पित करें अपने समस्त पितरों को तर्पण, होंगे सभी पूर्वज प्रसन्न, 28 सितम्बर
Astrology Services

सर्वपितृ अमावस्या को गया में अर्पित करें अपने समस्त पितरों को तर्पण, होंगे सभी पूर्वज प्रसन्न, 28 सितम्बर

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

From nearby cities

अयोध्या प्रकरणः कल्याण सिंह बतौर आरोपी 27 को अदालत में तलब, विशेष न्यायाधीश ने दिया आदेश

अयोध्या प्रकरण के विशेष न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री व राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कल्याण सिंह को बतौर आरोपी तलब किया है।

22 सितंबर 2019

विज्ञापन
विज्ञापन

कौशांबी

रविवार, 22 सितंबर 2019

अब आपको ऐसे पता चलेगा कितने साल पुराना पेड़

मंझनपुर। जिले में 100 साल पुराने पेड़ों को राष्ट्रीय धरोहर के रूप में सहेजा जाएगा। शासन ने वन विभाग से ऐसे पेड़ों की रिपोर्ट मांगी है। वन विभाग ने भी ऐसे पेड़ों को तलाशना शुरू कर दिया है। सरकार का मकसद है कि पुराने पेड़ों को संरक्षण से पर्यावरण संतुलन दुरुस्त किया जा सके।
हरियाली बढ़ाकर ही ग्लोबल वार्मिंग जैसे खतरे से निपटा जा सकता है। इसके लिए वन विभाग पौधरोपण पर काफी जोर दे रहा है। इस साल सूबे में वन विभाग द्वारा रिकॉर्ड 22 करोड़ पौधे लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुछ दिन पहले 100 साल से अधिक पुराने पेड़ों को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की बात कही थी। सीएम की घोषणा के बाद हर जिले में खड़े पुराने वृक्षों को चिह्नित करने के आदेश दिए गए हैं। वन विभाग बाकी पेड़ों को भी चिह्नित करने में जुट गया है। पेड़ों के तनों की मोटाई, ऊंचाई आदि के साथ ही आसपास के लोगों से बात करके पेड़ों की आयु का पता लगाया जाएगा। इसके बाद इन पेड़ों को राष्ट्रीय धरोहर के रूप में चिह्नित किया जाएगा।
दीवर कोतारी का बरगद हो सकता है चिह्नित
मंझनपुर। सदर तहसील के दीवर कोतारी स्थित महाबली बाबा के स्थान पर खड़ा बरगद का पेड़ काफी बड़े क्षेत्र में फैला है। इस पेड़ की शाखाएं जमीन पर जाकर जड़ के रूप में विकसित हो चुकी हैं।
डीएफओ पीके सिंहा का कहना है कि शासन का निर्देश मिला है। सौ साल पुराने वृक्षों की तलाश की जा रही है। पेड़ चिह्नित करने के बाद शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। शासन स्तर से राष्ट्रीय धरोहर घोषित होने पर इन्हें संरक्षित किया जाएगा। साथ ही आसपास के लोगों को भी इन पेड़ों का महत्व बताया जाएगा।
... और पढ़ें

फोन पर बात करते समय ट्रेन से गिरी मेडिकल स्टूडेंट

मंझनपुर। चरवा के सैयद सरावा रेलवे स्टेशन के पास शुक्रवार की सुबह एक युवती चलती ट्रेन से गिर गई। हादसा उस वक्त हुआ जब युवती ट्रेन के अंदर गेट के पास फोन पर बात कर रही थी। मौजूद लोगों ने घायल युवती को आनन-फानन में इलाज के लिए चायल पीएचसी में भर्ती कराया। हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। युवती के परिजनों को सूचना दे दी गई है।
बिहार पटना के सरपंचसिया सहरता निवासी अंजनी सिंह की 19 वर्षीय बेटी मधु दिल्ली में रहकर मेडिकल की पढ़ाई करती है। शुक्रवार को वह दिल्ली से पटना जाने के लिए दिल्ली डिब्रूगढ़ सियालदाह एक्सप्रेस ट्रेन में सफर कर रही थी। सुबह नौ बजे ट्रेन जैसे ही सैयद सरावा रेलवे स्टेशन पार किया तो मधु फोन पर बात करने लगी।
आवाज कम आने के कारण वह गेट पर आकर बात कर रही थी तभी हवा का झोंका लगने से युवती ट्रेन के नीचे गिर गई। घटना को जब लोगों ने देखा तो उसे पुलिस कर्मियों की मदद से आनन फानन में इलाज के लिए चायल पीएचसी पहुंचाया। हालत गंभीर होती देख डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। पुलिस ने घटना की जानकारी परिजनों को दे दी है।
... और पढ़ें

दहशत ऐसी की नौनिहालों ने स्कूलों से की तौबा

चायल। इलाके में बच्चा चोरी की अफवाह जोरों पर है। इसे लेकर आए दिन हो रही मारपीट की घटनाओं ने अभिभावकों के मन में दहशत पैदा कर दी है। जिसके चलते चायल क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति काफी प्रभावित हुई है। कुछ विद्यालयों में तो छात्र संख्या न के बराबर हो गई है। वहीं, अध्यापक घर-घर ताकर बच्चों को स्कूल भेजने की अपील कर रहे हैं।
चायल ब्लॉक के स्थानीय कस्बे के साथ ही मुरादपुर, चलौली, फरीदपुर सुलेम, रैयादेह माफी, शेखपुर रसूलपुर आदि गांवों के परिषदीय विद्यालयों में पिछले एक सप्ताह से विद्यालय आने वाले छात्र छात्राओं की संख्या बहुत कम हो गई है। लोग अपने बच्चों को स्कूल भेजने से कतराने लगे हैं। गिरिया ग्राम सभा के मुरादपुर प्राथमिक विद्यालय में शुक्रवार को विद्यार्थियों की संख्या महज पांच थी। जबकि यहां कुल 54 बच्चे पंजीकृत हैं। प्रभारी प्रधानाध्यापिका दिव्या देवी ने बताया कि गांव में बच्चा चोरी की अफवाह के कारण लोग अपने बच्चों को स्कूल नही भेज रहे। इस बावत अधिकारियों को पत्र लिखकर अवगत कराया गया है। चायल कस्बा स्थित प्राथमिक विद्यालय में भी बीते एक सप्ताह से छात्रों की संख्या में काफी कमी आई है।
यहां के शिक्षक रघुनाथ द्विवेदी और आनंद सिंह ने बताया कि विद्यालय में कुल 640 छात्र छात्राएं पंजीकृत हैं। पहले छात्र संख्या 500 के ऊपर होती थी। मगर इधर बच्चा चोरी की अफवाह के कारण छात्रों की संख्या 200 के करीब हो गई है। गुरुवार और शुक्रवार को अध्यापकों ने घर घर जाकर अभिवावकों से बच्चा चोरी की अफवाह पर ध्यान न दे कर बच्चों को विद्यालय भेजने की अपील की है। जिसके बाद कई अभिवावक स्वयं अपने बच्चों को लेकर विद्यालय आए। शुक्रवार को चायल कस्बे के तेरस लाल, दिनई, वीरेंद्र, अर्जुन, नवी अहमद समेत करीब 50 से अधिक अभिवावकों ने विद्यालय पहुंच कर अपनी चिंता जाहिर की।
पिछले एक सप्ताह से बच्चा चोरी की अफवाह के कारण कई स्कूलों में छात्र संख्या प्रभावित हुई है। लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। गुरुवार को शेखपुर रसूलपुर जाकर मैने खुद कई अभिवावकों को समझाया है। जल्द ही हालात सामान्य हो जाएंगे।
- सुनील कुमार प्रजापति,एबीएसए-चायल
... और पढ़ें

कौशाम्बी में श्रद्धालुओं से भरी नाव पलटी

flood in kaushambi flood in kaushambi

कौशम्बी में जल प्रलय सैकडों गांव बने टापू

यमुना और किलनहाई के दरिया से घिरे मल्हीपुर गांव के हालात टापू से हो गए है। चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। गांव के लोगों को जल प्रलय में फसल तो बर्बाद हो गई लेकिन अभी लोगों को यमुना मइया से लाभ की काफी उम्मीदें है। वजह तीन हजार की आबादी वाले इस गांव के लोगों का मुख्य व्यवसाय बालू और खेती है। चायल तहसील का मल्हीपुर गांव में ही किलनहाई नदीं का विलय होता है।

मुना उफान में आने के कारण नदी का पानी किलनहाई में पलट आया। इसके कारण दोनों नदियां ओवर फ्लो हैं। नदियों की बाढ़ के कारण गांव के चारों तरफ करीब दो सौ एकड़ में फैली बाजरा, तिल, तरोई, अरहर, मिर्चा, कोहड़ा, लौकी, करेला आदि के खेत पानी में डूबे हैं। हर तरफ जल प्रलय दिख रही है, इसके बाद भी गांव के लोग घर छोड़ने को राजी नहीं हैं। जल स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके बाद भी इस गांव के लोगों को मानों कोई फर्क ही नहीं पड़ रहा है।

गांव के सुरेश पुत्र सहादेव के घर में गुरुवार की रात यमुना का पानी घुटने से ऊपर भरा तभी उसने गांव के ऊपरी हिस्से में बसेरा बनाया। गांव की श्यामकली और रामसूरत आदि का कहना है कि आखिर जाएं तो जाएं कहां। बाढ़ इस गांव की नीयत बन चुकी है। यमुना मईया ने अगर फसलों को नुकसान पहुंचाया तो वही पेट भरने का इंतजाम भी करेंग। बताते चले कि गांव में ज्यादातर निषाद विरादरी के लोग रहते हैं। इन लोगों का मुख्य व्यवसाय बालू की ढुलान व मछली का शिकार करना है। इसके कारण लोगों को उम्मीद है कि पानी ज्यादा होने के कारण इस बार बालू भी अच्छी पड़ेगी। ऐसे में फसलों के नुकसान की भरपाई यहां के लोग बालू से पूरी होने के कयास लगा रहे हैं।
... और पढ़ें

बेरहम पति ने बीमार बीवी को पीट-पीटकर मार डाला

कनैली। इलाज के लिए पैसा मांगने से खफा एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को पीट-पीटकर मार डाला। महिला की चीखने पर पडोसियों ने पुलिस को खबर दी। पुलिस ने पति को गिरफ्तार कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सरायअकिल कोतवाली के मखापुर गांव निवासी देशराज ने करीब 15 साल पहले बिदनपुर ककोढ़ा गांव की जानकी (45) के साथ दूसरी शादी की थी। उसकी पहली पत्नी दिया उपरहार की थी, जो शादी के सात साल बाद ही देशराज की हरकत से ऊबकर प्रेमी के साथ चली गई। दस साल पहले जानकी ने बेटे अंकित को जन्म दिया। इसके बाद से ही उसकी तबीयत खराब रहने लगी। जानकी क्षय रोग पीड़ित थी। इलाज के लिए पैसों को लेकर अक्सर पति-पत्नी के बीच झगड़ा होता था। मोहल्ले वालों की मानें तो शुक्रवार की रात करीब दस बजे इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ।
कुछ देर बाद देशराज के यहां से जानकी की चीख सुनाई देने लगी। अनहोनी की आशंका पर पड़ोसियों ने कनैली चौकी प्रभारी अमित द्विवेदी को खबर दी। पुलिस मौके पर पहुंचती, तब-तक जानकी ने दम तोड़ दिया था। पास में खून से सनी लाठी व उसी के पास देशराज बैठा मिल गया। पुलिस ने देशराज को गिरफ्तार कर लिया है। मोहल्ले वालों का कहना है कि देशराज अय्याश किस्म का है। वह सारा पैसा अय्याशी में खर्च कर डालता है। पत्नी का इलाज नहीं करता था। जिसके कारण जानकी की हालत बिगड़ती जा रही थी।
... और पढ़ें

ट्रेन के सामने कूदकर युवक ने की खुदकुशी

भरवारी। कोखराज कोतवाली के भरवारी (बेलहा) गांव के समीप शुक्रवार रात एक युवक ने ट्रेन के सामने छलांग लगा दी। इससे उसके चीथड़े उड़ गए। परिजना का कहना है कि युवक की मानसिक हालत ठीक नहीं थी। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
करारी कोतवाली के बभनपुरवा गांव निवासी भैयालाल किसानी करता है। भैयालाल के मुताबिक उसका बेटा कमलेश कुमार(25) जन्म से ही मंद बुद्धि था। इन दिनों कमलेश अपने ननिहाल भरवारी के (बेलहा) गांव में रह रहा था। शुक्रवार की रात कमलेश ने गांव के ही पास ट्रेन के सामने कूदकर खुदकुशी कर लिया। शनिवार सुबह रेलवे कर्मचारियों ने ट्रैक पर युवक की लाश देखी तो सूचना पुलिस को दी। खबर फैलते ही ग्रामीणों का मजमा लग गया। ग्रामीणों ने शव की पहचान करने के बाद जानकारी मृतक के परिजनों को दी। बदहवाश हालत में रोते-बिलखते हुए पहुंचे मृतक के पिता ने बताया कि कमलेश की दीमागी हालत ठीक नही रहती थी। वह दिनभर इधर-उधर घूमता रहता था। कोखराज पुलिस ने लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया। युवक की मौत से पीड़ित परिवार में कोहराम है।
person jumped front of train died
person jumped front of train died
... और पढ़ें

बेकाबू टैंकर ने बाइक सवार शिक्षक को कुचला, मौत

person jumped front of train died
मंझनपुर। धूमनगंज कोतवाली क्षेत्र स्थित आईटीबीपी कैंप के समीप शनिवार दोपहर तेज रफ्तार टैकर ने बाइक सवार शिक्षक को कुचल दिया। हादसे में मौके पर ही शिक्षक की मौत हो गई। स्थानीय लोगों की खबर पर पुलिस और परिजन मौके पर पहुंच गए। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। हादसे के बाद से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
प्रयागराज जनपद के नैनी निवासी सर्वेश त्रिपाठी (35) पुत्र लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी प्राइमरी स्कूल में सहायक अध्यापक थे। सर्वेश की तैनाती इन दिनों चायल ब्लॉक के सुधवर गांव स्थित अंग्रेजी माध्यम के प्राइमरी स्कूल में थे। आठ दिन दिन पहले तक वह सिराथू ब्लॉक के मूरतगंज ब्लॉक स्थित ककोढ़ा में संकुल प्रभारी के पद पर तैनात थे। सर्वेश रोजाना नैनी से ही आवागमन करते थे। शनिवार की दोपहर स्कूल बंद होने के बाद वह अपने घर जा रहे थे। रास्ते में धूमनगंज कोतवाली क्षेत्र स्थित आईटीबीपी कैंप के समीप पहुंचते ही सामने से आ रहे तेज रफ्तार टैंकर उन्हें कुचलते हुए आगे निकल गया। स्थानीय लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे और खून से लथपथ शिक्षक को उठाकर अस्पताल ले जाने लगे। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी सांसे थम गई। मृतक के जेब से मिले परिचय पत्र के आधार पर शिनाख्त हुई तो खबर परिजनों को दी गई। जानकारी मिलते ही बदहवाश परिजन रोते-बिलखते हुए मौके पर पहुंच गए। हादसे के बाद से पत्नी रुचि त्रिपाठी और चार वर्षीय बेटे सोमेश की रो-रोकर हालत खराब है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर पुलिस टैंकर की तलाश में जुट गई है।
शिक्षकों ने जताया शोक
मंझनपुर। शिक्षक सर्वेश त्रिपाठी के मौात की जानकारी मिलते ही साथी अध्यापकोरं में शोक की लहर दौड़ पड़ी। शिक्षकों ने बीआरसी सिराथू में बैठक कर साथी शिक्षक की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की। शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में सह समन्वयक मनोज द्विवेदी, राजेश सिंह, रमेश चंद्र, सचिन ओझा, आलोक कुमार, मनोज सिंह, कृष्णराज सिंह, कृष्ण कुमार शर्मा आदि शिक्षक शामिल रहे।
... और पढ़ें

बच्चा चोरी की अफवाह फैलाई भेजा गया जेल

मंझनपुर। क्षेत्र में बच्चा चोरी होने की अफवाह फैलाने वाला एक युवक शनिवार को पुलिस के हाथ लग गया। आरोपी युवक ने सैयद सरावा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय से चार बच्चों के चोरी होने की फर्जी सूचना पुलिस को दिया था।
शनिवार को चरवा क्षेत्र की डायल 100 पीआरवी वैन 1212 को सूचना मिली की सैयद सरावा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले चार बच्चों को बच्चा चोरी करने वाले लोग उठा ले गए। सूचना से पुलिस हरकत में आई और हड़कम्प मच गया। पुलिस कॉल करने वाले युवक संदीप दिवाकर निवासी सैयद सरावां के पास पहुंची। पूछताछ में युवक टालमटोल करने लगा। कड़ाई से पूंछने पर युवक ने फर्जी सूचना देने की बात कुबूल किया। पुलिस आरोपी युवक और उसके पिता को हिरासत में लेकर हवालात के अंदर किया है।
... और पढ़ें

छह साल की बच्ची से दुष्कर्म में आरोपी को आजीवन कारावास

मंझनपुर। चार साल पहले कोखराज इलाके में छह साल की बच्ची से दरिंदगी के आरोपी को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
कोखराज इलाके में तीन अक्तूबर 2015 को एक छह साल की बच्ची के साथ गांव के नन्हे नाई ने दुष्कर्म किया था। आरोपी बच्ची को घर से लकड़ी तोड़ने के बहाने बाग
में ले गया और वहीं पर दरिंदगी की।
घटना में बालिका की हालत बिगड़ गई थी। किसी तरह घर पहुंची बच्ची ने आपबीती बताई तो परिजन उसे पुलिस के पास ले गए। पुलिस ने नन्हे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर बच्ची का मेडिकल कराया। मामला विशेष न्यायाधीश पास्को अधिनियम अनुपम कुमार की कोर्ट में विचाराधीन था। अभियोजन की तरफ से शासकीय अधिवक्ता तीरथ सिंह ने छह गवाहों को पेश कर आरोपी को सख्त सजा दिए जाने की मांग किया। कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद नन्हे लाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा आरोपी को 20 हजार रुपये अर्थदंड भी जमा करना होगा।
... और पढ़ें

पुलिस के कब्जे से अभियुक्त को ग्रामीणों ने छुड़ाया

सिराथू (कौशाम्बी)। शनिवार की देर रात फतेहपुर से एक निजी कार में सादे लिबास में अभियुक्त को करारी पुलिस लेकर आ रही थी। सैनी चौराहे पर अभियुक्त के छोटे भाई ने समर्थकों के साथ पुलिस की गाड़ी रोक अभियुक्त को छुड़ा लिया। इस दौरान सैनी पुलिस ने फरार अभियुक्त के भाई को हिरासत में ले लिया, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया।
सैनी क्षेत्र के मुंगहरी निवासी साबेज रजा पप्पू पुत्र फरजान फतेहपुर के बाकरगंज में परिवार के साथ रहता है। वह पासपोर्ट बनवाने व युवकों को विदेश भेजने का भी काम करता है। बताते हैं कि साबेज के खिलाफ करारी थाने में किसी ने लेनदेन की शिकायत दर्ज कराई थी। उसी मामले में शनिवार की रात करारी पुलिस सादे कपड़ों में साबेज को फतेहपुर से पकड़ कार द्वारा करारी लेकर जा रही थी। जैसे ही पुलिस साबेज को फतेहपुर से लेकर चली। घटना की सूचना मुंगहरी गांव में उसके छोटे भाई ऐमन नवकी को मिल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रात 11 बजे जैसे ही करारी पुलिस की कार सैनी चौराहे पर पहुंची।
भीड़ ने कार को घेर कर रोक लिया। इस दौरान भीड़ पुलिस हिरासत में लिए गए साबेज को छुड़ा ले गई। सैनी कोतवाली चौराहे पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने अभियुक्त के छोटे भाई को पकड़ लिया। पर करारी पुलिस अपनी नाकामी छिपाते हुए रात के अंधेरे में वहां से खिसक गई। सैनी पुलिस ने भी पकड़े गए छोटे भाई को कुछ देर बाद छोड़ दिया। एसआई कमलेश का कहना है कि इस संबंध में करारी पुलिस ने कोई तहरीर नहीं दी। इस बारे में सीओ सिराथू रामवीर सिंह से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनके फोन से संपर्क नहीं हो सका।
... और पढ़ें

ग्राम पंचायत में होगा विवाह रजिस्टर, कराना होगा पंजीकरण

मंझनपुर। हिंदू रीति-रिवाज से शादी करने वाले लोगों का ग्राम पंचायत के विवाह रजिस्टर में पंजीकरण होगा। पंजीकरण के बाद ही परिवार की नई बहू परिवार रजिस्टर में शामिल की जाएगी। इसके दूरगामी परिणाम सामने आएंगे। पंजीकरण रजिस्टर गांव में रखवाने के लिए पंचायत सेक्रेटरियों को निर्देश दिया गया है।
हिंदू रीति-रिवाज से होने वाली शादी का अब तक अधिकारिक प्रमाण नहीं होता था। शादी के बाद परिवार के लोग नई वधू का राशन कार्ड में नाम शामिल कराने व मतदाता पहचान पत्र बनवा लेने तक को पंजीकरण मानते थे। लेकिन शादी का ग्राम पंचायतों में रजिस्ट्रेशन होगा। रजिस्ट्रेशन में शादी कराने वाले पुरोहित के अलावा वर और कन्या का हस्ताक्षर कराया जाएगा। शादी के गवाह (रिश्तेदार) का भी हस्ताक्षर होगा। एक तरह से यह शादी रजिस्टर्ड होगी। इसके तमाम फायदे होंगे। विवाहिता जैसे ही बच्चे को जन्म देती है उसके 28 दिन के अंदर जन्म प्रमाण पत्र बनाया जाएगा।
इसकी सूचना परिवार के मुखिया को गांव के सेक्रेटरी को देनी होगी। 28 दिन के अंदर जन्म प्रमाण पत्र नहीं बनने पर एक साल के अंदर डीपीआरओ की अनुमति से ही प्रमाण पत्र बनेगा। एक साल से ज्यादा का समय होने पर एसडीएम की स्पष्ट अनुमति के बाद प्रमाण पत्र जारी होगा। यहीं प्रक्रिया मृत्यु प्रमाण पत्र में भी अपनाई जाएगी। इस नई व्यवस्था से लोगों को वरासत आदि में कभी किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी। जिला पंचायतराज अधिकारी गोपाल जी ओझा ने बताया कि गांव के सेक्रेटरी को इस बाबत निर्देशित किया जा चुका है। ग्राम पंचायतों में विवाह पंजीकरण रजिस्टर रखवाने के निर्देश दिए गए हैं।
... और पढ़ें

आयुष्मान भारत: गरीबों का भरोसा नहीं जीत पा रहे सरकारी अस्पताल

मंझनपुर। तमाम कवायद के बावजूद सरकारी जिले के अस्पताल लोगों का भरोसा नहीं जीत पा रहे हैं। इसकी बानगी प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना आयुष्मान भारत के तहत इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या मेें साफ देखी जा रही है। विशेष डॉक्टरों की फौज के बावजूद सरकारी चिकित्सालयों के बजाय निजी अस्पतालों में ज्यादा पहुंच रहे हैं। जानकार इसके पीछे सेटिंग का खेल बता रहे हैं।
गरीबी रेखा से नीचे की जिंदगी गुजरने वाले चिंहित जिले के 116151 परिवारों को पांच लाख तक का मुफ्त इलाज मुहैया कराने के इरादे से मोदी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना संचालित किया है। जिले में यह योजना 23 सितंबर 2018 को लांच हुई। योजना के तहत संयुक्त जिला अस्पताल और सीएचसी कनैली, सरायअकिल तथा सिराथू समेत चार सरकारी एवं आठ निजी हॉस्पिटल समेत 12 अस्पतालों को संबद्ध किया गया है। इन अस्पतालों में गोल्डन कार्ड धारकों को मुफ्त चिकित्सा सेवा मुहैया कराने का प्राविधान है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि साल भर के भीतर योजना के तहत जिले के 1462 मरीजों का इलाज किया जा चुका है। इनके इलाज में सरकारी खजाने का 1,46,42,935 रुपये खर्च हुआ है।
इन आंकड़ों के बीच एक चौंकाने वाली बात सामने आई कि सरकारी के मुकाबले निजी अस्पतालों में दो गुना ज्यादा मरीजों का इलाज हुआ। जबकि संयुक्त जिला चिकित्सालय में तमाम आधुनिक मशीन और विशेष डॉक्टर हैं। इसके बावजूद यहां सिर्फ 180 मरीज का इलाज हुआ। इसके विपरीत लवकुश और न्यू तेजमती अस्पतालों में यहां से ज्यादा क्रमश: 224 व 211 मरीज भर्ती हुए। यही हाल तीनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का है। जानकार इसके पीछे सरकारी अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों की उदासीनता को जिम्मेदार मान रहे हैं। सूत्रों की मानें तो सरकारी अस्पताल में आधे से अधिक डॉक्टर ड्यूटी ही नहीं आते हैं। मुकम्मल सुविधाएं नहीं मिलने के कारण सरकारी के बजाय निजी अस्पतालों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
गंभीर रोगियों के इलाज की व्यवस्था नहीं, रेफर किए गए 464 मरीज
मंझनपुर। जनपद के सरकारी अस्पतालों में आयुष्मान भारत के मरीजों को भर्ती कर इलाज करने का भले ही स्वास्थ्य विभाग दावा कर रहा है। पर, हीककत में विभाग के पास विशेषज्ञ डॉक्टर, दवा और आधुनिक उपकरणों का टोटा है। ऐसे में सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। साल भर के भीतर गंभीर पीड़ित जिले के 464 मरीजों को योजना के तहत जनपद से बाहर इलाज कराना पड़ा।
अस्पतालों को साफ निर्देश है कि मरीजों के आने पर उनसे गोल्डन कार्ड की जानकारी लें। पात्रता सूची में नाम होने पर कार्ड बनाकर भर्ती करें। गंभीर रोगियों को ही रेफर करें। इसके बाद भी कोई शिकायत मिली तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ हिंदप्रकाश-डिप्टी सीएमओ/नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत योजना
... और पढ़ें
अपने शहर की सभी खबर पढ़ने के लिए amarujala.com पर जाएं

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree