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Kaushambi News: सिर पर मौत के तार... नीचे बैठकर पढ़ रहे नौनिहाल

Tue, 12 May 2026 12:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी Updated Tue, 12 May 2026 12:13 AM IST
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Death's strings hanging over their heads... children sitting down and studying
नेवादा के औधन गांव ​स्थित परिषदीय विद्यालय की दीवार से सटा हुआ बिजली का पोल और तार। संवाद
परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले सैकड़ों बच्चों की पढ़ाई इन दिनों खतरे के साये में चल रही है। 46 विद्यालयों में बच्चे आज भी मौत के तारों के नीचे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। हाईटेंशन बिजली की लाइन कभी भी बड़े हादसे की वजह बन सकती हैं।
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जिले के 100 विद्यालयों को जोखिम भरा मानते हुए सूची तैयार की गई थी, लेकिन अब तक केवल 54 स्कूलों से ही लाइन शिफ्ट हो सकी है। इस कारण बरसात और आंधी के मौसम ने अभिभावकों की चिंता और बढ़ा दी है।
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विभागीय अधिकारियों के अनुसार कई विद्यालयों में लाइन शिफ्टिंग के लिए सर्वे कराया गया है। कुछ स्थानों पर बिजली विभाग ने खंभे बदलने और लाइन ऊंची कराने का प्रस्ताव तैयार किया है। हालांकि बजट और तकनीकी स्वीकृति की प्रक्रिया अब भी जारी है।
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शिक्षा विभाग ने विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को बच्चों को बिजली तारों के नीचे खेलने से रोकने और सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। कई विद्यालयों में प्रार्थना स्थल और खेल मैदान भी हाईटेंशन लाइन की जद में हैं।
जिले के आठ विकास खंडों के 100 परिषदीय विद्यालय जर्जर बिजली तारों और पोलों से प्रभावित पाए गए हैं। इनमें सबसे अधिक 21 विद्यालय मंझनपुर, 16 नेवादा और 15 कड़ा ब्लॉक में चिह्नित किए गए हैं। चायल के जानकीपुर, नेवादा के पिपरी, पुरखास व औधन, सिराथू के अहिरारा और कड़ा क्षेत्र के कई विद्यालय अब भी जोखिम की जद में हैं।
कई स्थानों पर कार्य अधूरा छोड़ा गया है। अभी भी 46 विद्यालयों में जर्जर तार और पोल खतरा बने हुए हैं। इसकी जांच के लिए संयुक्त टीम गठित की गई है। -कमलेंद्र कुमार कुशवाहा, बीएसए
अधिकांश विद्यालयों में लाइन शिफ्टिंग कराई जा चुकी है। डीएम के निर्देश पर गठित संयुक्त टीम स्थलीय सत्यापन करेगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा कि किन विद्यालयों में कार्य पूरा हो चुका है और कहां अब भी काम बाकी है। समिति को 14 मई तक रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। -श्याम नारायण, अधीक्षण अभियंता

बिजली के जर्जर तार और पोल से प्रभावित विकास खंडवार विद्यालयों की संख्या
कौशाम्बी – 14 विद्यालय
मूरतगंज – 12 विद्यालय
मंझनपुर – 21 विद्यालय
सिराथू – 10 विद्यालय
सरसवा – 7 विद्यालय
नेवादा – 16 विद्यालय
कड़ा – 15 विद्यालय
चायल – 5 विद्यालय

नेवादा के औधन गांव स्थित परिषदीय विद्यालय की दीवार से सटा हुआ बिजली का पोल और तार। संवाद

नेवादा के औधन गांव स्थित परिषदीय विद्यालय की दीवार से सटा हुआ बिजली का पोल और तार। संवाद

नेवादा के औधन गांव स्थित परिषदीय विद्यालय की दीवार से सटा हुआ बिजली का पोल और तार। संवाद

नेवादा के औधन गांव स्थित परिषदीय विद्यालय की दीवार से सटा हुआ बिजली का पोल और तार। संवाद

नेवादा के औधन गांव स्थित परिषदीय विद्यालय की दीवार से सटा हुआ बिजली का पोल और तार। संवाद

नेवादा के औधन गांव स्थित परिषदीय विद्यालय की दीवार से सटा हुआ बिजली का पोल और तार। संवाद

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