{"_id":"57cc5fb24f1c1ba930317555","slug":"two-group","type":"story","status":"publish","title_hn":"जमीनी विवाद में दो पक्षों में खूनी संघर्ष","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जमीनी विवाद में दो पक्षों में खूनी संघर्ष
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Sun, 04 Sep 2016 11:57 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सैयदसरांवा के मुस्कान चौराहा के समीप रविवार दोपहर जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया। मारपीट में दोनों पक्षों से चार लोग घायल हो गए। एक को जिला अस्पताल भेजा गया है। सूचना पर पहुंची पुलिस घटना की पड़ताल कर रही है। घटना में एक दरोगा की भूमिका पर सवालिया निशान लगे हैं।
सैयदसरांवा निवासी बंसत लाल केशरवानी ने चरवा-भरवारी रोड में 11 बिस्वा भूमि खरीदी थी। इस भूमि को गांव के ही जितेंद्र केशरवानी अपनी बता रहे थे। बसंतलाल का आरोप है कि जितेंद्र रविवार को भूमि पर जबरन निर्माण करा रहे थे, जबकि इसका उन्हें कोर्ट से स्टे मिला हुआ था। बार-बार हलका दारोगा बृजेश पांडेय को वह सूचना दे रहे थे लेकिन निर्माण कार्य नहीं बंद कराया गया। इस पर वह अपने बेटे सोनू, भाई गिरिजा शंकर के साथ मौके पर पहुंचे तो जितेंद्र, वीरेंद्र आदि लोगों ने मिलकर हमला कर दिया।
लाठी-डंडों से लैस लोगों ने पीटना शुरू कर दिया। इस पर बसंत के परिजनों ने भी मारपीट शुरू कर दी। किसी तरह स्थानीय लोगों ने बीचबचाव कर मामला शांत कराया। घटना में बसंत, उसका बेटा सोनू व भाई गिरिजा शंकर को चोटें आई हैं। दूसरे पक्ष से जितेंद्र घायल है। जितेंद्र को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भेजा गया है। हलका दारोगा बृजेश पांडेय का कहना है कि सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे, तब तक झगड़ा हो चुका था। सिपाही ही दोनों पक्षों को थाने लेकर आए हैं। मामले में क्रास एफआइआर दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सैयदसरांवा निवासी बंसत लाल केशरवानी ने चरवा-भरवारी रोड में 11 बिस्वा भूमि खरीदी थी। इस भूमि को गांव के ही जितेंद्र केशरवानी अपनी बता रहे थे। बसंतलाल का आरोप है कि जितेंद्र रविवार को भूमि पर जबरन निर्माण करा रहे थे, जबकि इसका उन्हें कोर्ट से स्टे मिला हुआ था। बार-बार हलका दारोगा बृजेश पांडेय को वह सूचना दे रहे थे लेकिन निर्माण कार्य नहीं बंद कराया गया। इस पर वह अपने बेटे सोनू, भाई गिरिजा शंकर के साथ मौके पर पहुंचे तो जितेंद्र, वीरेंद्र आदि लोगों ने मिलकर हमला कर दिया।
विज्ञापन
लाठी-डंडों से लैस लोगों ने पीटना शुरू कर दिया। इस पर बसंत के परिजनों ने भी मारपीट शुरू कर दी। किसी तरह स्थानीय लोगों ने बीचबचाव कर मामला शांत कराया। घटना में बसंत, उसका बेटा सोनू व भाई गिरिजा शंकर को चोटें आई हैं। दूसरे पक्ष से जितेंद्र घायल है। जितेंद्र को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भेजा गया है। हलका दारोगा बृजेश पांडेय का कहना है कि सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे, तब तक झगड़ा हो चुका था। सिपाही ही दोनों पक्षों को थाने लेकर आए हैं। मामले में क्रास एफआइआर दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
विज्ञापन