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Banda News: असम का निकला 12 साल से लापता आरोपी
Fri, 28 Aug 2026 10:57 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
संवाद न्यूज एजेंसी, बांदा
Updated Fri, 28 Aug 2026 10:57 PM IST
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बांदा। फतेहगंज तिराहे पर संदिग्ध हालात में मिले युवक के बांग्लादेशी होने की आशंका में पुलिस ने जांच शुरू की।
पूछताछ में उसने कभी चित्रकूट के ढाबे पर काम करने की बात बताई तो कभी अपना पता असम के बोंगाई गांव का बताया। चित्रकूट में एक ढाबे पर उसके काम करने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने असम में उसके बताए पते पर संपर्क किया तो उसकी पहचान 12 साल से लापता मो. सफीउर्रहमान के रूप में हुई।
25 अगस्त की शाम बदौसा थाना पुलिस फतेहगंज तिराहे पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक युवक मिला। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसकी भाषा स्पष्ट समझ में नहीं आ रही थी। वह अपना नाम-पता और निवास स्थान भी ठीक से नहीं बता पा रहा था। प्रारंभिक पूछताछ में उसने अपना नाम मो. सफीउर्रहमान पुत्र हुसैन अली और बोंगाई गांव, असम का निवासी बताया।
उसके बांग्लादेशी होने की आशंका पर पुलिस ने उसके बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। पूछताछ में उसने चित्रकूट में एक ढाबे पर काम करने और वहां अपने कुछ साथियों के होने की बात भी बताई। पुलिस टीम उसके बताए स्थान पर पहुंची लेकिन बताए गए नाम का ढाबा वहां नहीं मिला। आसपास जानकारी करने पर पास के एक ढाबे पर उसके 10 अगस्त से 25 अगस्त तक काम करने की पुष्टि हुई।
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इसके बाद पुलिस ने उसके द्वारा बताए गए असम के बोंगाईगांव स्थित पते की पुष्टि करने की कवायद शुरू की। इंटरनेट के माध्यम से संबंधित थाना क्षेत्र से संपर्क स्थापित किया गया। पुलिस को ग्राम वरगुला, जिला बोंगाईगांव से संबंधित जानकारी मिली। इसके बाद उसके भाई शुजाउल हक निवासी ग्राम बलारपेट, पोस्ट तिलपुखुरी, थाना अभयापुरी, जिला बोंगाईगांव, असम से फोन पर संपर्क किया गया।
वीडियो कॉल के जरिये पुलिस ने व्यक्ति की उसके भाई से पहचान कराई। शुजाउल हक ने वीडियो कॉल पर देखते ही उसे अपना भाई मो. सफीउर्रहमान बताया। पहचान की पुष्टि के लिए पुलिस ने भाई से पहचान संबंधी दस्तावेज व्हाट्सएप पर मंगवाए। दस्तावेज में दर्ज विवरण का युवक के बताए गए विवरण से मिलान किया गया।
भाई ने पुलिस को बताया कि सफीउर्रहमान करीब 12 वर्ष पहले घर से नाराज होकर चला गया था। इसके बाद से वह लापता था। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा था। पुलिस की जांच में बांग्लादेशी होने की आशंका की पुष्टि नहीं हुई। पहचान सामने आने के बाद परिजन ने उसे लेने बांदा आने की बात कही है। परिजनों के पहुंचने के बाद नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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वर्जन
संदिग्ध व्यक्ति की पहचान और उसके बताए पते की पुष्टि के लिए पुलिस ने विभिन्न स्तरों पर जांच की। असम में उसके परिजनों से संपर्क होने के बाद उसकी पहचान 12 साल से लापता मो. सफीउर्रहमान के रूप में हुई। उसके परिजन को सुपुर्दगी के लिए बुलाया गया है।
-शिवराज, अपर पुलिस अधीक्षक बांदा
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पूछताछ में उसने कभी चित्रकूट के ढाबे पर काम करने की बात बताई तो कभी अपना पता असम के बोंगाई गांव का बताया। चित्रकूट में एक ढाबे पर उसके काम करने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने असम में उसके बताए पते पर संपर्क किया तो उसकी पहचान 12 साल से लापता मो. सफीउर्रहमान के रूप में हुई।
25 अगस्त की शाम बदौसा थाना पुलिस फतेहगंज तिराहे पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक युवक मिला। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसकी भाषा स्पष्ट समझ में नहीं आ रही थी। वह अपना नाम-पता और निवास स्थान भी ठीक से नहीं बता पा रहा था। प्रारंभिक पूछताछ में उसने अपना नाम मो. सफीउर्रहमान पुत्र हुसैन अली और बोंगाई गांव, असम का निवासी बताया।
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उसके बांग्लादेशी होने की आशंका पर पुलिस ने उसके बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। पूछताछ में उसने चित्रकूट में एक ढाबे पर काम करने और वहां अपने कुछ साथियों के होने की बात भी बताई। पुलिस टीम उसके बताए स्थान पर पहुंची लेकिन बताए गए नाम का ढाबा वहां नहीं मिला। आसपास जानकारी करने पर पास के एक ढाबे पर उसके 10 अगस्त से 25 अगस्त तक काम करने की पुष्टि हुई।
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इसके बाद पुलिस ने उसके द्वारा बताए गए असम के बोंगाईगांव स्थित पते की पुष्टि करने की कवायद शुरू की। इंटरनेट के माध्यम से संबंधित थाना क्षेत्र से संपर्क स्थापित किया गया। पुलिस को ग्राम वरगुला, जिला बोंगाईगांव से संबंधित जानकारी मिली। इसके बाद उसके भाई शुजाउल हक निवासी ग्राम बलारपेट, पोस्ट तिलपुखुरी, थाना अभयापुरी, जिला बोंगाईगांव, असम से फोन पर संपर्क किया गया।
वीडियो कॉल के जरिये पुलिस ने व्यक्ति की उसके भाई से पहचान कराई। शुजाउल हक ने वीडियो कॉल पर देखते ही उसे अपना भाई मो. सफीउर्रहमान बताया। पहचान की पुष्टि के लिए पुलिस ने भाई से पहचान संबंधी दस्तावेज व्हाट्सएप पर मंगवाए। दस्तावेज में दर्ज विवरण का युवक के बताए गए विवरण से मिलान किया गया।
भाई ने पुलिस को बताया कि सफीउर्रहमान करीब 12 वर्ष पहले घर से नाराज होकर चला गया था। इसके बाद से वह लापता था। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा था। पुलिस की जांच में बांग्लादेशी होने की आशंका की पुष्टि नहीं हुई। पहचान सामने आने के बाद परिजन ने उसे लेने बांदा आने की बात कही है। परिजनों के पहुंचने के बाद नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।
वर्जन
संदिग्ध व्यक्ति की पहचान और उसके बताए पते की पुष्टि के लिए पुलिस ने विभिन्न स्तरों पर जांच की। असम में उसके परिजनों से संपर्क होने के बाद उसकी पहचान 12 साल से लापता मो. सफीउर्रहमान के रूप में हुई। उसके परिजन को सुपुर्दगी के लिए बुलाया गया है।
-शिवराज, अपर पुलिस अधीक्षक बांदा