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सऊदीअरब में युवक की मौत, घर में कोहराम

अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी Updated Thu, 08 Dec 2016 12:56 AM IST
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 सऊदीअरब में कौशाम्बी के एक युवक की मौत हो गई। सात दिन पहले मंझनपुर थाना क्षेत्र के टेनशाह आलमाबाद गांव के  पिंटू मौर्य की मौत सऊदी अरब में बीमारी से हो गई। मंगलवार की देर रात इसकी सूचना परिजनों को दी गई। बेटे की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बेेटे का शव देखने के लिए मां, भाई व बहन परेशान हैं।
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  टेनशाह आलमाबाद निवासी पिंटू मौर्या (20) पुत्र अमृतलाल दो भाईयों एक बहन में छोटा था। बड़े भाई अरविंद व बहन लक्ष्मी देवी की शादी हो चुकी है। पिंटू बेरोजगार था। वह करीब डेढ़ साल पहले एक एजेंट के माध्यम से सऊदीअरब चला गया था।


वहां वह कपड़ा सिलाई का काम करता था। सात दिन पहले उसकी सऊदी में ही मौत हो गई। मंगलवार की रात करीब 11 बजे पिंटू के साथियों ने अरविंद को फोन कर इसकी जानकारी दी तो घर में मातम पसर गया। घर में रोना-पीटना मचा तो मोहल्ले के लोग पहुंचे। पिंटू की मौत की खबर लोगों को पता चली तो पूरा मोहल्ला गम में डूब गया। मां फूलमती व भाई अरविंद का रो-रो कर बुरा हाल है। पिंटू का शव कैसे मंगाया जाए, इसको लेकर परिजन व गांव के लोग परेशान हैं। बुधवार को डीएम को शिकायती पत्र देकर शव मंगवाने की गुहार लगाई गई है।

दो महीने में हुई तीन की मौतें
सऊदीअरब में दो महीने के भीतर कौशाम्बी के तीन लोगों की मौत हो गई। मौत का सिलसिला कशिया के रंजीत से शुरू हुआ। इसके बाद सिराथू के एक युवक की मौत हुई। अभी लोग इन मौतों को भूला भी नहीं पाए थे कि टेनशाह आलमाबाद के पिंटू ने खाड़ी देश में दम तोड़ दिया। घर के कमाऊपूतों की हो रही इस मौत से अब लोग परेशान होने लगे हैं।

सऊदीअरब में फंसे चार युवकों की कब होगी वापसी
एजेंट की लापरवाही से सऊदीअरब में फंसे चार युवक अभी तक वापस नहीं आ सके हैं। वह सऊदीअरब में किसी तरह दिन बीता रहे हैं। इनके घर वापसी का अभी तक रास्ता साफ नहीं हो सका है। पासपोर्ट मिलने के बाद भी इनको वहां से वापस भेजने का इंतजाम नहीं हुआ है। इससे इनके परिजन परेशान हैं।

   सिराथू तहसील के टीकरडीह गांव निवासी मक्खनलाल, रमेश, गनेश व कादीपुर निवासी ओम प्रकाश ढाई माह पहले कुरामुरीदन निवासी शमीम के माध्यम से सऊदीअरब गए थे। वहां इनको भवन निर्माण में मजदूरी करनी थी। सऊदीअरब के हॉयल के निलहज्जा में यह पहुंचे तो इनका पासपोर्ट आदि छीनकर इनसे साफ-सफाई का काम कराया जाने लगा। विरोध करने पर इनको कैद कर लिया गया। फोन करके मक्खन ने अपने पिता लल्लू को इसकी जानकारी दी तो उन्होंने शमीम के खिलाफ शिकायत की। मामले में सांसद विनोद सोनकर ने मक्खन व उसके साथियों को विदेश मंत्रालय की मदद से बुलवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक यह वापस नहीं आ सके हैं। शमीम का भाई सऊदीअरब में ही रहता है। दबाव बनाने पर उसने किसी तरह मक्खन व उसके साथियों को हॉयल के निलहज्जा से राजधानी रियाद बुलवा लिया है, लेकिन भारत वापस नहीं भेज रहा है। इससे परिजन परेशान हैं।

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