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साथियों संग बेटे ने पिता का गला रेता, मौत
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Thu, 29 Sep 2016 12:02 AM IST
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महेवाघाट के अंधावा में मंगलवार की रात अवैध संबंध व संपत्ति के लिए बेटे ने साथियों के साथ मिलकर वृद्ध पिता का कत्ल कर दिया। घटना के बाद बेटा साथियों के साथ भाग निकला है। सूचना पर एएसपी ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मृतक के छोटे भाई की तहरीर पर दो नामजद समेत तीन अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर महेवाघाट थाने की पुलिस ने तफ्तीश शुरू कर दी है।
अंधावा निवासी अमीरे सिंह (62) के तीन बेटे थे। बड़े बेटे की मौत हो चुकी है। जबकि छोटे हनुमंत की दिमागी हालत ठीक नहीं रहती है। मझला बेटा योगेंद्र सिंह मां की मौत के बाद अपने पिता की देखरेख करता था। अमीरे सिंह ने योगेंद्र की शादी गांव की ही रूबी सिंह से की थी। योगेंद्र के ससुर की मौत हो चुकी है। अमीरे सिंह का योगेंद्र की ससुराल आना-जाना था। वह वहीं रहता भी था। इसका योगेंद्र विरोध करता था। इसके अलावा अमीरे ने दस बीघा खेत गांव के पूर्व प्रधान संवारे के हाथ गहन रखा था। योगेंद्र खेत बेचना चाहता था, जिसका पिता विरोध करता था। इसी बात को लेकर पिता-पुत्र में तनातनी चल रही थी। मंगलवार की रात अमीरे घर के बरामदे में सो रहा था।
इसी दौरान योगेंद्र अपने साथी बृजेश पुत्र संवारे व एक अन्य के साथ पहुंचा और चारपाई पर सो रहे पिता की धारदार हथियार से गर्दन रेत दी। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद योगेंद्र साथियों के साथ भाग निकला। सुबह लोगों को जानकारी हुई तो पुलिस को सूचना दी गई। एएसपी वीरेंद्र कुमार, सीओ रमाकांत यादव महेवाघाट थाने की पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। अमीरे के छोटे भाई सुघर सिंह व योगेंद्र सिंह की सास रीता सिंह से पूछताछ की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। सुघर सिंह की तहरीर पर महेवाघाट थाने में योगेंद्र, बृजेश व एक अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
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अंधावा निवासी अमीरे सिंह (62) के तीन बेटे थे। बड़े बेटे की मौत हो चुकी है। जबकि छोटे हनुमंत की दिमागी हालत ठीक नहीं रहती है। मझला बेटा योगेंद्र सिंह मां की मौत के बाद अपने पिता की देखरेख करता था। अमीरे सिंह ने योगेंद्र की शादी गांव की ही रूबी सिंह से की थी। योगेंद्र के ससुर की मौत हो चुकी है। अमीरे सिंह का योगेंद्र की ससुराल आना-जाना था। वह वहीं रहता भी था। इसका योगेंद्र विरोध करता था। इसके अलावा अमीरे ने दस बीघा खेत गांव के पूर्व प्रधान संवारे के हाथ गहन रखा था। योगेंद्र खेत बेचना चाहता था, जिसका पिता विरोध करता था। इसी बात को लेकर पिता-पुत्र में तनातनी चल रही थी। मंगलवार की रात अमीरे घर के बरामदे में सो रहा था।
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इसी दौरान योगेंद्र अपने साथी बृजेश पुत्र संवारे व एक अन्य के साथ पहुंचा और चारपाई पर सो रहे पिता की धारदार हथियार से गर्दन रेत दी। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद योगेंद्र साथियों के साथ भाग निकला। सुबह लोगों को जानकारी हुई तो पुलिस को सूचना दी गई। एएसपी वीरेंद्र कुमार, सीओ रमाकांत यादव महेवाघाट थाने की पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। अमीरे के छोटे भाई सुघर सिंह व योगेंद्र सिंह की सास रीता सिंह से पूछताछ की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। सुघर सिंह की तहरीर पर महेवाघाट थाने में योगेंद्र, बृजेश व एक अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
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