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सफेदपोश की शरण में पहुंचा फरार डिप्टी जेलर
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Sat, 30 Jul 2016 12:16 AM IST
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कैदी दीपक पांडेय फरारी कांड का आरोपी डिप्टी जेलर इन दिनों एक सफेदपोश की शरण में है। इसे देख गठित टीम ने गिरफ्तारी को लेकर हाथ-पांव ढीले कर लिए हैं। फरार आरोपी ने विवेचक पर नाम बाहर करने का भी दबाव बनाया पर बात नहीं बन सकी। विवेचक से बात न बनती देख अब आरोपी डिप्टी जेलर सफेदपोश के सहारे सत्ता के एक असरदार नेता से दबाव बनवाने की तैयारी में है।
जिला जेल में हत्या के आरोप में बंद कैदी दीपक पांडेय को इलाज के बहाने उसके घर ले जाने और वहां से कैदी के फरार हो जाने के मामले में डिप्टी जेलर आरोपी हैं। कैदी के फरार होने के आरोप में साथ गए दो बंदी रक्षकों को गिरफ्तार कर मंझनपुर पुलिस ने दूसरे दिन जेल भेज दिया था। इसके बाद फरार हुए कैदी की तलाश शुरू कर दी। सीओ सदर ने मुखबिरों का जाल बिछाया तो फरार कैदी तीन जुलाई को पकड़ा गया। सदर कोतवाली लाने के बाद एसपी वीके मिश्र ने फरार कैदी का बयान वीडियो रिकार्डिंग के जरिए कराया।
इस दौरान उसने चौकाने वाले रहस्य को उजागर किया। पकड़े गए कैदी ने बताया कि पैसे के लिए उसे इलाज के बहाने डिप्टी जेलर घर लेकर गए थे। घर पर पैसा न होने की वजह से वह छत से कूदकर फरार हो गया था। कैदी के बयान और फरारी कांड की छानबीन में डिप्टी जेलर की संलिप्तता मिलने और आरोपी के घर तक जाने का प्रमाण मिलने के बाद उनके खिलाफ सदर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर लिया। इतना ही नहीं पुलिस अधीक्षक ने तत्काल सदर कोतवाली और एसओजी टीम गिरफ्तारी के लिए गठित कर दिया।
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इसकी भनक लगते ही डिप्टी जेलर जिला जेल में एक प्रार्थनापत्र देकर फरार हो गया। गिरफ्तारी के लिए गठित टीम ने दबाव बनाना शुरू किया तो आरोपी डिप्टी जेलर इलाहाबाद के सफेदपोश की शरण में पहुंच गया। सूत्रों की माने तो सफेदपोश की शरण में पहुंचने के बाद पुलिस टीम ने गिरफ्तारी को लेकर अपने हाथ-पांव ढीले कर लिए। सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि सफेदपोश ने डिप्टी जेलर का नाम विवेचना के दौरान निकालने का दबाव भी विवेचक पर बनाया लेकिन वह नहीं माने। काम न बनता देख अब फरार डिप्टी जेलर सत्ता के एक चर्चित और असरदार नेता के जरिए विवेचना बदलवाने की जुगत में भिड़ गया है।
विवेचना ट्रांसफर हुई तो आरोपी का नाम निकलना तय
कैदी फरारी कांड के आरोपी डिप्टी जेलर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के बाद विवेचना सदर कोतवाल कर रहे हैं। एसपी की निगहबानी और विवेचक की सख्ती के चलते डिप्टी जेलर मामले से बाहर नहीं हो पा रहा है। इसे देखते हुए डिप्टी जेलर विवेचना ट्रांसफर कराने की जुगत में भिड़ गया है। कुछ भी हो यदि सदर कोतवाल से विवेचना हटी तो आरोपी डिप्टी जेलर का मामले से नाम बाहर होना तय है। अब देखना यह है कि मामले की विवेचना सदर कोतवाल कर पाते हैं या फिर उनसे हटाकर विवेचना किसी और के हवाले की जाती है।
मामले की विवेचना सदर कोतवाल द्वारा की जा रही है। डीआईजी जेल, आईजी जेल और डीजी जेल को मामले की रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। अभी तक विवेचना ट्रांसफर का कोई दबाव नहीं आया है।
वीके मिश्र, एसपी कौशाम्बी
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जिला जेल में हत्या के आरोप में बंद कैदी दीपक पांडेय को इलाज के बहाने उसके घर ले जाने और वहां से कैदी के फरार हो जाने के मामले में डिप्टी जेलर आरोपी हैं। कैदी के फरार होने के आरोप में साथ गए दो बंदी रक्षकों को गिरफ्तार कर मंझनपुर पुलिस ने दूसरे दिन जेल भेज दिया था। इसके बाद फरार हुए कैदी की तलाश शुरू कर दी। सीओ सदर ने मुखबिरों का जाल बिछाया तो फरार कैदी तीन जुलाई को पकड़ा गया। सदर कोतवाली लाने के बाद एसपी वीके मिश्र ने फरार कैदी का बयान वीडियो रिकार्डिंग के जरिए कराया।
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इस दौरान उसने चौकाने वाले रहस्य को उजागर किया। पकड़े गए कैदी ने बताया कि पैसे के लिए उसे इलाज के बहाने डिप्टी जेलर घर लेकर गए थे। घर पर पैसा न होने की वजह से वह छत से कूदकर फरार हो गया था। कैदी के बयान और फरारी कांड की छानबीन में डिप्टी जेलर की संलिप्तता मिलने और आरोपी के घर तक जाने का प्रमाण मिलने के बाद उनके खिलाफ सदर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर लिया। इतना ही नहीं पुलिस अधीक्षक ने तत्काल सदर कोतवाली और एसओजी टीम गिरफ्तारी के लिए गठित कर दिया।
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इसकी भनक लगते ही डिप्टी जेलर जिला जेल में एक प्रार्थनापत्र देकर फरार हो गया। गिरफ्तारी के लिए गठित टीम ने दबाव बनाना शुरू किया तो आरोपी डिप्टी जेलर इलाहाबाद के सफेदपोश की शरण में पहुंच गया। सूत्रों की माने तो सफेदपोश की शरण में पहुंचने के बाद पुलिस टीम ने गिरफ्तारी को लेकर अपने हाथ-पांव ढीले कर लिए। सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि सफेदपोश ने डिप्टी जेलर का नाम विवेचना के दौरान निकालने का दबाव भी विवेचक पर बनाया लेकिन वह नहीं माने। काम न बनता देख अब फरार डिप्टी जेलर सत्ता के एक चर्चित और असरदार नेता के जरिए विवेचना बदलवाने की जुगत में भिड़ गया है।
विवेचना ट्रांसफर हुई तो आरोपी का नाम निकलना तय
कैदी फरारी कांड के आरोपी डिप्टी जेलर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के बाद विवेचना सदर कोतवाल कर रहे हैं। एसपी की निगहबानी और विवेचक की सख्ती के चलते डिप्टी जेलर मामले से बाहर नहीं हो पा रहा है। इसे देखते हुए डिप्टी जेलर विवेचना ट्रांसफर कराने की जुगत में भिड़ गया है। कुछ भी हो यदि सदर कोतवाल से विवेचना हटी तो आरोपी डिप्टी जेलर का मामले से नाम बाहर होना तय है। अब देखना यह है कि मामले की विवेचना सदर कोतवाल कर पाते हैं या फिर उनसे हटाकर विवेचना किसी और के हवाले की जाती है।
मामले की विवेचना सदर कोतवाल द्वारा की जा रही है। डीआईजी जेल, आईजी जेल और डीजी जेल को मामले की रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। अभी तक विवेचना ट्रांसफर का कोई दबाव नहीं आया है।
वीके मिश्र, एसपी कौशाम्बी