{"_id":"c986e34139731a1047564185d2c21a00","slug":"crime-news-hindi-news-49","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिट्टी का टीला धसकने से बालक की मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मिट्टी का टीला धसकने से बालक की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Tue, 07 Apr 2015 12:01 AM IST
विज्ञापन
नेवादा (ब्यूरो। घर पुताई के लिए मिट्टी खोदने मां के साथ गए धारूपुर गांव के नौ वर्षीय बालक मोनू की मिट्टी के टीले में दबकर मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा सोमवार की सुबह पुरखास गांव के समीप हुआ। हादसे में बेटे की मौत से महिला की रो-रोकर हालत खराब बनी हुई है।
सरायअकिल कोतवाली क्षेत्र के धारूपुर गांव के रहने वाले मोनू (9) घर में अपनी मां और छोटे भाई गोलू (7) के साथ रहता है। उसके पिता लवकुश की कई साल पहले मौत हो गई थी। मां गीता देवी मेहनत मजदूरी करती है। बताया जाता है कि सोमवार की सुबह मोनू अपनी मां के साथ कच्चे घर के पुताई के लिए चिकनी मिट्टी खोदकर ले आने के लिए पुरखास गांव की ओर गया था। तालाब किनारे मोनू मिट्टी खोदकर निकाल रहा था। इसी दौरान मिट्टी का एक बड़ा सा टीला धसक गया। जिसके नीचे वह दबकर गया।
मिट्टी के टीले के नीचे बेटे के दब जाने से विवाहिता चीखने-चिल्लाने लगी। उधर, चीख-पुकार पर आसपास के ग्रामीण जुट गए। गांववालों ने मलबा हटाकर मोनू को बाहर निकाला, तो उसकी सांसें थम चुकी थीं। बेटे की मौत की भनक लगते ही विवाहिता दहाड़ें मार-मारकर रोने लगी। वहीं जैसे ही इस दर्दनाक हादसे की जानकारी धारूपुर गांव के लोगों को लगी। वे भी भागकर मौके पर आए। सूचना पर आई पुलिस ने जांच के बाद शव को पंचनामा करके परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए दे दिया है। बेटे की मौत से मां और छोटे भाई की रो-रोकर हालत खराब है। विवाहिता बार-बार यही कहकर बिलख रही थी कि अब वह किसके सहारे रहेगी? उसका दर्द महसूस करके ढांढस बंधाने वाली गांव की महिलाएं भी अपने आंसू नहीं रोक पा रही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सरायअकिल कोतवाली क्षेत्र के धारूपुर गांव के रहने वाले मोनू (9) घर में अपनी मां और छोटे भाई गोलू (7) के साथ रहता है। उसके पिता लवकुश की कई साल पहले मौत हो गई थी। मां गीता देवी मेहनत मजदूरी करती है। बताया जाता है कि सोमवार की सुबह मोनू अपनी मां के साथ कच्चे घर के पुताई के लिए चिकनी मिट्टी खोदकर ले आने के लिए पुरखास गांव की ओर गया था। तालाब किनारे मोनू मिट्टी खोदकर निकाल रहा था। इसी दौरान मिट्टी का एक बड़ा सा टीला धसक गया। जिसके नीचे वह दबकर गया।
विज्ञापन
मिट्टी के टीले के नीचे बेटे के दब जाने से विवाहिता चीखने-चिल्लाने लगी। उधर, चीख-पुकार पर आसपास के ग्रामीण जुट गए। गांववालों ने मलबा हटाकर मोनू को बाहर निकाला, तो उसकी सांसें थम चुकी थीं। बेटे की मौत की भनक लगते ही विवाहिता दहाड़ें मार-मारकर रोने लगी। वहीं जैसे ही इस दर्दनाक हादसे की जानकारी धारूपुर गांव के लोगों को लगी। वे भी भागकर मौके पर आए। सूचना पर आई पुलिस ने जांच के बाद शव को पंचनामा करके परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए दे दिया है। बेटे की मौत से मां और छोटे भाई की रो-रोकर हालत खराब है। विवाहिता बार-बार यही कहकर बिलख रही थी कि अब वह किसके सहारे रहेगी? उसका दर्द महसूस करके ढांढस बंधाने वाली गांव की महिलाएं भी अपने आंसू नहीं रोक पा रही थी।
विज्ञापन