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नवजात की मौत के मामले में चिकित्सक पर केस
अमर उजाला ब्यूराे काैश्ााम्बी
Updated Wed, 10 Feb 2016 11:38 PM IST
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नवजात बच्चे की मौत के मामले में सरायअकिल क्षेत्र के बेनीराम कटरा बाजार में संचालित नवजीवन पाली क्लीनिक के संचालक चिकित्सक फंस गए हैं। पिता की तहरीर पर पुलिस ने चिकित्सक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। वहीं पीड़ित परिवार ने मामले की शिकायत डीएम से करते हुए आरोपी चिकित्सक की गिरफ्तारी और अस्पताल बंद कराए जाने की मांग की है।
सरायअकिल थाना क्षेत्र के बसुहार गांव निवासी राममगुन सिंह की पत्नी विमला देवी को 5 फरवरी की शाम प्रसव पीड़ा होने पर बेनीराम कटरा बाजार स्थित नवजीवन पाली क्लीनिक में भर्ती कराया गया था। विवाहिता के पति की मानें तो 6 फरवरी को क्लीनिक के संचालक डॉ.अहमद खान सिद्दीकी ने आपरेशन से बच्चा होने की बात उससे कही। इस पर वह पत्नी को लेकर इलाहाबाद जाने को तैयार हो गया। आरोप है कि क्लीनिक के संचालक ने सर्जन बुलाकर वहीं आपरेशन से सुरक्षित डिलेवरी कराने का भरोसा उसे दिलाया और उसे किसी दूसरे अस्पताल नहीं ले जाने दिया। राममगुन की मानें तो शाम करीब 6 बजे डॉ.सिद्दीकी ने खुद ही आपरेशन करके डिलीवरी कराई।
प्रसव के कुछ देर बाद ही बच्चे की तबियत बिगड़ने लगी। वह बच्चे को इलाज के लिए इलाहाबाद रेफर करने को डॉक्टर से कहता रहा, लेकिन उसकी एक नहीं सुनी गई। 8 फरवरी की दोपहर जब बच्चे की हालत नाजुक होने लगी, तो डॉक्टर उसे लेकर आपरेशन कक्ष में चले गए। आरोप है कि वहां उन्होंने बच्चे को एक इंजेक्शन लगाया। इसके कुछ देर बाद उसकी सांस थम गई। राम मगुन और परिजनों का आरोप है कि गलत इंजेक्शन और डॉक्टर की लापरवाही के कारण ही नवजात की मौत हुई है। उसने डॉक्टर के खिलाफ नामजद तहरीर सरायअकिल थाने में दी। मंगलवार को पुलिस ने भुक्तभोगी पिता की तहरीर पर डॉ.अहमद हसन सिद्दीकी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। वहीं, घरवालों ने बुधवार को डीएम से प्रकरण की शिकायत करते हुए डॉक्टर की गिरफ्तारी और क्लीनिक बंद कराए जाने की मांग की है। एसओ पीके यादव ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। घटना की जांच की जा रही है।
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सरायअकिल थाना क्षेत्र के बसुहार गांव निवासी राममगुन सिंह की पत्नी विमला देवी को 5 फरवरी की शाम प्रसव पीड़ा होने पर बेनीराम कटरा बाजार स्थित नवजीवन पाली क्लीनिक में भर्ती कराया गया था। विवाहिता के पति की मानें तो 6 फरवरी को क्लीनिक के संचालक डॉ.अहमद खान सिद्दीकी ने आपरेशन से बच्चा होने की बात उससे कही। इस पर वह पत्नी को लेकर इलाहाबाद जाने को तैयार हो गया। आरोप है कि क्लीनिक के संचालक ने सर्जन बुलाकर वहीं आपरेशन से सुरक्षित डिलेवरी कराने का भरोसा उसे दिलाया और उसे किसी दूसरे अस्पताल नहीं ले जाने दिया। राममगुन की मानें तो शाम करीब 6 बजे डॉ.सिद्दीकी ने खुद ही आपरेशन करके डिलीवरी कराई।
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प्रसव के कुछ देर बाद ही बच्चे की तबियत बिगड़ने लगी। वह बच्चे को इलाज के लिए इलाहाबाद रेफर करने को डॉक्टर से कहता रहा, लेकिन उसकी एक नहीं सुनी गई। 8 फरवरी की दोपहर जब बच्चे की हालत नाजुक होने लगी, तो डॉक्टर उसे लेकर आपरेशन कक्ष में चले गए। आरोप है कि वहां उन्होंने बच्चे को एक इंजेक्शन लगाया। इसके कुछ देर बाद उसकी सांस थम गई। राम मगुन और परिजनों का आरोप है कि गलत इंजेक्शन और डॉक्टर की लापरवाही के कारण ही नवजात की मौत हुई है। उसने डॉक्टर के खिलाफ नामजद तहरीर सरायअकिल थाने में दी। मंगलवार को पुलिस ने भुक्तभोगी पिता की तहरीर पर डॉ.अहमद हसन सिद्दीकी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। वहीं, घरवालों ने बुधवार को डीएम से प्रकरण की शिकायत करते हुए डॉक्टर की गिरफ्तारी और क्लीनिक बंद कराए जाने की मांग की है। एसओ पीके यादव ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। घटना की जांच की जा रही है।
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