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घर और लाखों की गृहस्थी का सामान राख
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Wed, 13 May 2015 12:05 AM IST
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सिराथू के मधवामई गांव की रहने वाली एक महिला के घर में मंगलवार की दोपहर अचानक आग लग गई। इससे मकान के साथ ही बर्तन, बिस्तर, कपड़े, खाद्यान्न समेत गृहस्थी का सारा सामान जल गया। दो बकरियां भी झुलस गई। घर से उठती लपटें देख जुटे गांववालों ने घंटों की मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया। भुक्तभोगी के मुताबिक घटना से करीब डेढ़ से दो लाख रुपये का उसे नुकसान हुआ है। घर में आग कैसे लगी? इसकी जानकारी पीड़िता भी नहीं दे पा रही है।
मधवामई गांव की रहने वाली नफीसा बानो ने बताया कि उसकी शादी फतेहपुर के सुल्तानपुर घोष कोतवाली के सेमौरी गांव के मोहम्मद नसीर से हुई थी। शादी के करीब करीब बाद से ही वह पति के साथ मायका मधवामई आ गई थी। यही जमीन लेकर मकान बनाकर वह परिवार समेत रहने लगी। पति कानपुर में मजदूरी करता है। बताया कि इन दिनों उसके चारों बच्चे दादा के घर सेमौरी गए हुए थे। वह अकेले घर में थी। मंगलवार की दोपहर खाना खाने के बाद वह पिता के घर घूमने चली गई थी। अपराह्न करीब 2 बजे अचानक उसके मकान में आग लग गई। घर से निकलते धुएं का गुबार और लपटें देख गांव में हड़कंप मच गया।
लोग चीखते-चिल्लाते उसके घर की तरफ दौड़े। वहीं आग लगने की भनक लगते ही वह भी भागी। जब तक गांववाले मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास शुरू करते। लपटें बेकाबू होकर पूरे घर को अपनी आगोस में ले चुकी थी। करीब दो घंटे तक जूझने के बाद जब आग बुझी, तो नफीसा का पूरा घर और बर्तन, कपड़े, बिस्तर, खाद्यान्न समेत गृहस्थी का सारा सामान राख हो चुका था। साथ ही छप्पर के नीचे बंधी दो बकरियां भी झुलस गई। घर में आग कैसे लगी? इसकी जानकारी कोई नहीं दे पा रहा है। माना जा रहा है कि खाना बनाने के बाद चूल्हे की आग ठीक से नहीं बुझाने के कारण आग लगने की यह घटना संभव है। फिलहाल गर्मी के मौसम में घर, गृहस्थी का सामान जल जाने से वह खुले आसमान के नीचे आ गई है।
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मधवामई गांव की रहने वाली नफीसा बानो ने बताया कि उसकी शादी फतेहपुर के सुल्तानपुर घोष कोतवाली के सेमौरी गांव के मोहम्मद नसीर से हुई थी। शादी के करीब करीब बाद से ही वह पति के साथ मायका मधवामई आ गई थी। यही जमीन लेकर मकान बनाकर वह परिवार समेत रहने लगी। पति कानपुर में मजदूरी करता है। बताया कि इन दिनों उसके चारों बच्चे दादा के घर सेमौरी गए हुए थे। वह अकेले घर में थी। मंगलवार की दोपहर खाना खाने के बाद वह पिता के घर घूमने चली गई थी। अपराह्न करीब 2 बजे अचानक उसके मकान में आग लग गई। घर से निकलते धुएं का गुबार और लपटें देख गांव में हड़कंप मच गया।
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लोग चीखते-चिल्लाते उसके घर की तरफ दौड़े। वहीं आग लगने की भनक लगते ही वह भी भागी। जब तक गांववाले मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास शुरू करते। लपटें बेकाबू होकर पूरे घर को अपनी आगोस में ले चुकी थी। करीब दो घंटे तक जूझने के बाद जब आग बुझी, तो नफीसा का पूरा घर और बर्तन, कपड़े, बिस्तर, खाद्यान्न समेत गृहस्थी का सारा सामान राख हो चुका था। साथ ही छप्पर के नीचे बंधी दो बकरियां भी झुलस गई। घर में आग कैसे लगी? इसकी जानकारी कोई नहीं दे पा रहा है। माना जा रहा है कि खाना बनाने के बाद चूल्हे की आग ठीक से नहीं बुझाने के कारण आग लगने की यह घटना संभव है। फिलहाल गर्मी के मौसम में घर, गृहस्थी का सामान जल जाने से वह खुले आसमान के नीचे आ गई है।
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