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Kanpur News: कालपी में खतरे के निशान से ऊपर बह रही यमुना
Tue, 26 Aug 2025 02:13 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Tue, 26 Aug 2025 02:13 AM IST
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पथार गांव से चपरघटा की ओर नाव पर जाते लोग। संवाद
कानपुर देहात/मूसानगर। भोगनीपुर तहसील के मूसानगर गेज में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। वहीं कालपी गेज में यमुना खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। 13 गांवों का सड़क मार्ग से संपर्क टूट गया है। पहले दो नाव लगाई गई थीं। सोमवार को एक नाव और बढ़ा दी गई। इन तीन नावों से ही इन गांवों के लोगों की आवाजाही रही है।
धौलपुर (राजस्थान) गेज में चंबल का जलस्तर खतरे के निशान से 8.17 मीटर ऊपर है। चंबल यमुना में गिरती है। इससे यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सोमवार शाम को मूसानगर गेज में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से 50 सेमी ही नीचे रह गया है। यहां खतरे का निशान 107 मीटर है। यमुना नदी का जलस्तर 106.50 के स्तर पर आ गया है।
वहीं, कालपी गेज में यमुना खतरे के निशान 108 मीटर से ऊपर बह रही है। इससे भोगनीपुर तहसील के 13 गांवों के रास्ते जलमग्न हो गए हैं। पथार गांव में किनारे तक पानी पहुंच गया है। इन गांवों में रह रहे करीब 12000 की आबादी दूसरी बार बाढ़ की दुश्वारियां झेलेगी। पथार गांव के बाहर से आयी बिजली लाइन के आधे-आधे पोल पानी में डूब गए हैं। डबल पोल पर लगे ट्रांसफार्मर के करीब तक पानी पहुंच गया है।
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पथार के रामऔतार के घर का चतूबरा जलमग्न हो गया है। अब जलस्तर बढ़ने पर उनके घर में पानी घुसने की आशंका है। बता दें कि रविवार को चपरघटा के आढ़न पथार को जोड़ने वाली पुलिया डूब गई थी। जलस्तर बढ़ने से सोमवार को पड़ाव, नगीना बांगर, बम्हरौली घाट की भी पुलिया डूब गई। क्षेत्र की चार पुलिया डूबने से आढ़न-पथार, पड़ाव, रसूलपुर, भुंडा, भरतौली, नगीना बांगर, कट्टापुरवा, सूर्यपुर, बम्हरौली घाट, सिमरिया, अहरौली घाट का संपर्क टूट गया।
बाढ़ के खतरे को भांप लोग फिर से ऊंचे स्थानों पर गृहस्थी का सामान आदि पहुंचा रहे हैं। मवेशियों और उनके लिए भूसा-दाना आदि भी सुरक्षित रखने की फिक्र लोगों को सता रही है। केंद्रीय जल आयोग के मूसानगर गेज स्थल प्रभारी निल कुमार गुप्ता ने बताया कि यमुना नदी जलस्तर शाम छह बजे 106.50 मीटर दर्ज किया गया। कालपी गेज स्थल प्रभारी सौरभ यादव ने बताया कि शाम को यमुना जलस्तर खतरे के निशान से 0.06 सेमी ऊपर बह रहा है।
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वर्जन..............
आढ़न पथार में लोगों की सहूलियत के लिए तीन नावें चलाई जा रही है। ग्रामीणों को नदी किनारे न जाने की सलाह दी गई है। साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लेखपालों को निगरानी करने के लिए लगाया गया है। - देवेंद्र सिंह, एसडीएम भोगनीपुर।
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फोटो-25 गजराज। संवाद
फोटो-26 घसीट। संवाद
फोटो-27 हरेंद्र कुमार। संवाद
दोबारा आई बाढ़ से फिर टूटा दुश्वारियों का पहाड़
पांच बीघा खेत है। बीस दिन पहले आई बाढ़ में खड़ी फसल जलमग्न होकर बर्बाद हो गई थी। अब दोबारा से बाढ़ आ गई है। करीब दो हजार रुपये का बाजरा बीज बोया था लेकिन फिर खेत जलमग्न हो गया। इससे दुश्वारी का पहाड़ टूट पड़ा है। बची खुची गृहस्थी को सहेजने की मशक्कत फिर शुरू हो गई है। - घसीट, पथार
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बोया था बाजरा, मेहनत बेकार गई
एक महीने के अंतराल में दूसरी बार बाढ़ आई है। जैसे-तैसे बाढ़ की दुश्वारियां का सामना करके जिंदगी पटरी में आई ही थी। अब फिर से बाढ़ के हालात पैदा हो गए। खेतों में अगली फसल के लिए बाजरे के बीज की बुआई की। लेकिन वह भी बाढ़ के पानी में डूब गया। - गजराज, पथार
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नहीं सोचा था फिर आएगी बाढ़
घर गांव में सबसे किनारे है। इससे उनके घर भी बाढ़ की चपेट में आकर डूब जाता है। पिछली बाढ़ में परिवार समेत गृहस्थी का सामान घर की छत में रख लिया था। कुछ दिन पहले खेत में बाजरा बोया था कि अगली फसल में कुछ पैदा हो जाएगा। मगर रविवार को यमुना नदी बढ़े जलस्तर खेत जलमग्न हो गया है। - हरेंद्र, पथार
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इन 12 गांवों में बंद की गई बिजली आपूर्ति
कृपालपुर उपकेंद्र से जुड़े 11 केवी सुल्तानपुर फीडर से बाढ़ प्रभावित 12 गांव की बिजली आपूर्ति जुड़ी है। रविवार को ही जलस्तर बढ़ने पर इन गांवों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। इससे करीब दस हजार आबादी को परेशान होना पड़ रहा है। जेई प्रमोद कुमार ने बताया कि यमुना नदी जल स्तर बढ़ने के बाद सुरक्षा के मद्देनजर आढ़न, पथार, चपरघटा, गौरी, नगीना बांगर, क्योटरा बांगर, नयापुरवा, सुल्तानपुर, अकबराबाद, बम्हरौली घाट, कट्टापुरवा आदि गांवाें की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है।
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धौलपुर (राजस्थान) गेज में चंबल का जलस्तर खतरे के निशान से 8.17 मीटर ऊपर है। चंबल यमुना में गिरती है। इससे यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। सोमवार शाम को मूसानगर गेज में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से 50 सेमी ही नीचे रह गया है। यहां खतरे का निशान 107 मीटर है। यमुना नदी का जलस्तर 106.50 के स्तर पर आ गया है।
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वहीं, कालपी गेज में यमुना खतरे के निशान 108 मीटर से ऊपर बह रही है। इससे भोगनीपुर तहसील के 13 गांवों के रास्ते जलमग्न हो गए हैं। पथार गांव में किनारे तक पानी पहुंच गया है। इन गांवों में रह रहे करीब 12000 की आबादी दूसरी बार बाढ़ की दुश्वारियां झेलेगी। पथार गांव के बाहर से आयी बिजली लाइन के आधे-आधे पोल पानी में डूब गए हैं। डबल पोल पर लगे ट्रांसफार्मर के करीब तक पानी पहुंच गया है।
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पथार के रामऔतार के घर का चतूबरा जलमग्न हो गया है। अब जलस्तर बढ़ने पर उनके घर में पानी घुसने की आशंका है। बता दें कि रविवार को चपरघटा के आढ़न पथार को जोड़ने वाली पुलिया डूब गई थी। जलस्तर बढ़ने से सोमवार को पड़ाव, नगीना बांगर, बम्हरौली घाट की भी पुलिया डूब गई। क्षेत्र की चार पुलिया डूबने से आढ़न-पथार, पड़ाव, रसूलपुर, भुंडा, भरतौली, नगीना बांगर, कट्टापुरवा, सूर्यपुर, बम्हरौली घाट, सिमरिया, अहरौली घाट का संपर्क टूट गया।
बाढ़ के खतरे को भांप लोग फिर से ऊंचे स्थानों पर गृहस्थी का सामान आदि पहुंचा रहे हैं। मवेशियों और उनके लिए भूसा-दाना आदि भी सुरक्षित रखने की फिक्र लोगों को सता रही है। केंद्रीय जल आयोग के मूसानगर गेज स्थल प्रभारी निल कुमार गुप्ता ने बताया कि यमुना नदी जलस्तर शाम छह बजे 106.50 मीटर दर्ज किया गया। कालपी गेज स्थल प्रभारी सौरभ यादव ने बताया कि शाम को यमुना जलस्तर खतरे के निशान से 0.06 सेमी ऊपर बह रहा है।
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आढ़न पथार में लोगों की सहूलियत के लिए तीन नावें चलाई जा रही है। ग्रामीणों को नदी किनारे न जाने की सलाह दी गई है। साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लेखपालों को निगरानी करने के लिए लगाया गया है। - देवेंद्र सिंह, एसडीएम भोगनीपुर।
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फोटो-25 गजराज। संवाद
फोटो-26 घसीट। संवाद
फोटो-27 हरेंद्र कुमार। संवाद
दोबारा आई बाढ़ से फिर टूटा दुश्वारियों का पहाड़
पांच बीघा खेत है। बीस दिन पहले आई बाढ़ में खड़ी फसल जलमग्न होकर बर्बाद हो गई थी। अब दोबारा से बाढ़ आ गई है। करीब दो हजार रुपये का बाजरा बीज बोया था लेकिन फिर खेत जलमग्न हो गया। इससे दुश्वारी का पहाड़ टूट पड़ा है। बची खुची गृहस्थी को सहेजने की मशक्कत फिर शुरू हो गई है। - घसीट, पथार
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बोया था बाजरा, मेहनत बेकार गई
एक महीने के अंतराल में दूसरी बार बाढ़ आई है। जैसे-तैसे बाढ़ की दुश्वारियां का सामना करके जिंदगी पटरी में आई ही थी। अब फिर से बाढ़ के हालात पैदा हो गए। खेतों में अगली फसल के लिए बाजरे के बीज की बुआई की। लेकिन वह भी बाढ़ के पानी में डूब गया। - गजराज, पथार
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नहीं सोचा था फिर आएगी बाढ़
घर गांव में सबसे किनारे है। इससे उनके घर भी बाढ़ की चपेट में आकर डूब जाता है। पिछली बाढ़ में परिवार समेत गृहस्थी का सामान घर की छत में रख लिया था। कुछ दिन पहले खेत में बाजरा बोया था कि अगली फसल में कुछ पैदा हो जाएगा। मगर रविवार को यमुना नदी बढ़े जलस्तर खेत जलमग्न हो गया है। - हरेंद्र, पथार
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इन 12 गांवों में बंद की गई बिजली आपूर्ति
कृपालपुर उपकेंद्र से जुड़े 11 केवी सुल्तानपुर फीडर से बाढ़ प्रभावित 12 गांव की बिजली आपूर्ति जुड़ी है। रविवार को ही जलस्तर बढ़ने पर इन गांवों की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। इससे करीब दस हजार आबादी को परेशान होना पड़ रहा है। जेई प्रमोद कुमार ने बताया कि यमुना नदी जल स्तर बढ़ने के बाद सुरक्षा के मद्देनजर आढ़न, पथार, चपरघटा, गौरी, नगीना बांगर, क्योटरा बांगर, नयापुरवा, सुल्तानपुर, अकबराबाद, बम्हरौली घाट, कट्टापुरवा आदि गांवाें की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है।