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Kanpur News: सामुदायिक कार्य में बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी
Fri, 29 May 2026 01:58 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Fri, 29 May 2026 01:58 AM IST
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कानपुर देहात। आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं को खेती और व्यापार तक सीमित न रखकर सामुदायिक कार्यों से जोड़ा जाएगा। समूह से जुड़ने वाली नई महिलाओं को सामुदायिक कार्य उपलब्ध कराने के लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है। इससे महिलाओं को काम मिलेगा और उनकी आमदनी हो सकेगी।
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में नौ हजार स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनसे जुड़ी करीब एक लाख से अधिक महिलाएं अपने कौशल के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त कर खुद का कारोबार कर रही हैं। साथ ही अन्य महिलाओं को रोजगार उपलब्ध करा रही हैं। शासन ने पात्र गृहस्थी व अंत्योदय कार्ड धारक परिवार की महिलाओं को समूह में शामिल करने के लिए जिले को तीन लाख से अधिक का लक्ष्य दिया है। इसके लिए डीएमएम (जिला मिशन प्रबंधक) व बीएमएम (ब्लॉक मिशन प्रबंधक) ग्राम पंचायत स्तर पर महिलाओं से संपर्क कर रहे हैं। साथ ही उन्हें समूह से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।
उपायुक्त एनआरएलएम गंगाराम वर्मा ने बताया कि जनवरी से अब तक 11 हजार से अधिक महिलाएं नए या फिर पुराने समूह से जोड़ी जा चुकी है। इसके लिए ग्राम पंचायत सचिवों, एडीओ आरडी, एडीओ पंचायत और एडीओ समाज कल्याण को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह प्रतिदिन एक ग्राम पंचायत को चिह्नित कर वहां की महिलाओं से संपर्क करेंगे और उन्हें समूह से जुड़ने के लिए प्रेरित करेंगे।
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समूह में शामिल होने वाली नई महिलाओं को उनकी योग्यता के अनुसार कार्य सौंपा जाएगा। जिसमें उन्हें बैंक सखी, बिजली सखी व कृषि सखी जैसे कार्य मुहैया कराए जाएंगे। इसके लिए पहले इन्हें प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। हालांकि जो महिलाएं स्वयं का कारोबार करना चाहेंगी, उन्हें उनके कौशल के अनुसार प्रशिक्षित कर काम शुरू करने के लिए योजना के तहत 1.5 लाख रुपये तक का ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा।
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ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में नौ हजार स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनसे जुड़ी करीब एक लाख से अधिक महिलाएं अपने कौशल के अनुसार प्रशिक्षण प्राप्त कर खुद का कारोबार कर रही हैं। साथ ही अन्य महिलाओं को रोजगार उपलब्ध करा रही हैं। शासन ने पात्र गृहस्थी व अंत्योदय कार्ड धारक परिवार की महिलाओं को समूह में शामिल करने के लिए जिले को तीन लाख से अधिक का लक्ष्य दिया है। इसके लिए डीएमएम (जिला मिशन प्रबंधक) व बीएमएम (ब्लॉक मिशन प्रबंधक) ग्राम पंचायत स्तर पर महिलाओं से संपर्क कर रहे हैं। साथ ही उन्हें समूह से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।
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उपायुक्त एनआरएलएम गंगाराम वर्मा ने बताया कि जनवरी से अब तक 11 हजार से अधिक महिलाएं नए या फिर पुराने समूह से जोड़ी जा चुकी है। इसके लिए ग्राम पंचायत सचिवों, एडीओ आरडी, एडीओ पंचायत और एडीओ समाज कल्याण को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह प्रतिदिन एक ग्राम पंचायत को चिह्नित कर वहां की महिलाओं से संपर्क करेंगे और उन्हें समूह से जुड़ने के लिए प्रेरित करेंगे।
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समूह में शामिल होने वाली नई महिलाओं को उनकी योग्यता के अनुसार कार्य सौंपा जाएगा। जिसमें उन्हें बैंक सखी, बिजली सखी व कृषि सखी जैसे कार्य मुहैया कराए जाएंगे। इसके लिए पहले इन्हें प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। हालांकि जो महिलाएं स्वयं का कारोबार करना चाहेंगी, उन्हें उनके कौशल के अनुसार प्रशिक्षित कर काम शुरू करने के लिए योजना के तहत 1.5 लाख रुपये तक का ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा।