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यूपी: कानपुर के कटरी में एक और रामदास, बेटे के नाम पर रीयल एस्टेट कंपनी बनाकर सरकारी जमीनों पर कर डाली प्लाटिंग

Mon, 05 Oct 2020 11:40 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा सूरज शुक्ला , अमर उजाला, कानपुर
सूरज शुक्ला , अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Mon, 05 Oct 2020 11:40 AM IST
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UP: Plotting on government land in Katri, Kanpur by creating another real estate company in the name of Ramdas, son
कानपुर में सरकारी जमीनों को प्लाटिंग कर बेंच डाला - फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश में कानपुर के कटरी के नत्थापुरवा गांव में एक और रामदास ने अपना अवैध साम्राज्य बनाया है। हिस्ट्रीशीटर सुखदेव निषाद ने भी किसानों के खेत और सरकारी जमीनें कब्जा डालीं। बेटे ने रीयल एस्टेट कंपनियां बनाकर जमीनों पर प्लाटिंग कर दी।
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कुछ जमीनें बिल्डरों को भी बेची गईं। 100 बीघा से भी अधिक जमीन हिस्ट्रीशीटर ने कब्जा कर बेच डाली है। हाल में उसे टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल किया गया है। सुखदेव पहले रामदास का मुंशी था। ग्वालटोली के नत्थापुरवा गांव निवासी सुखदेव निषाद 90 के दशक से जरायम की दुनिया में हैं।
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उसने अपनी दहशत के दम पर दर्जनों किसानों के खेतों पर कब्जा कर लिया। उसके बाद उस जमीन को बेंचना शुरू कर दिया। पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक अलग-अलग विभाग की सरकारी जमीन पर सुखदेव ने कब्जा किया। इसमें ग्राम समाज, सिंचाई विभाग समेत अन्य विभाग की जमीन शामिल है। 
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बेटे के नाम बनाईं कंपनियां 
सुखदेव निषाद ने बेटे के नाम से दो रीयल एस्टेट कंपनियां बनाईं। जिन जमीनों पर हिस्ट्रीशीटर सुखदेव ने कब्जे किए थे, उन जमीनों को इन कंपनियों के जरिये बेचा गया। अब जब रामदास के अवैध साम्राज्य का खुलासा हुआ तो सुखदेव भी दहशत में आ गया है। आशंका है कि उस पर भी कार्रवाई हो सकती है। वहीं कुछ कथित पत्रकार भी इस धंधे में सुखदेव के साथ हैं।

27 साल से अपराध की दुनिया में, दो बार लगा एनएसए
ग्वालटोली इंस्पेक्टर केके दीक्षित ने बताया कि वर्ष 1993 में बलवा, हत्या का प्रयास समेत अन्य धाराओं में पहला केस सुखदेव पर दर्ज हुआ। 1996 में अपहरण व हत्या का केस दर्ज हुआ था। उसके बाद से हत्या, हत्या का प्रयास, रंगदारी, आर्म्स एक्ट, गुंडा एक्ट समेत तीस से अधिक मुकदमे दर्ज हुए। सुखदेव पर 1997 में पहली बार रासुका लगी। उसके बाद 2007 में दोबारा रासुका लगाई गई। आखिरी केस वर्ष 2014 में हत्या का हुआ था। हाल में भी हत्या का एक केस दर्ज हुआ था लेकिन इसमें समझौता हो गया।

जो भी अपराधी रहे हैं, उनको चिह्नित किया जा रहा है। सुखदेव भी उसमें शामिल है। जमीनों पर कब्जे की जानकारी मिली है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी। 
डॉ. अनिल कुमार, एसपी पश्चिम

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