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स्टार्टअप: जो कमियां पूरी करे वही बेहतर आइडिया
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Sun, 26 Nov 2017 02:07 PM IST
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ऐसोसिएट डायरेक्टर, अंकिता द्विवेदी
- फोटो : अमर उजाला
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अासमान की बुलंदियाें काे छ़ुने की ख्वाहिश हर किसी काे हाेती है। उन ऊंचाईयाें काे छूने के लिये वाे कुछ भी कर गुजरने से परहेज नहीं करते हैं। एेसे में स्टार्टअप का एक अाइडिया जाे दूसरे से बेहतर अाैर नया हाेने के साथ अगर किसी चीज की कमी काे पूरा कर सकता है ताे वह अाप की लाइफ भी बदल सकता है।
डेमो पिक
- फोटो : अमर उजाला
स्टार्टअप लेक्चर सीरीज ‘उत्थान’ के दूसरे सत्र में विशेषज्ञों ने आइडिया जनरेट करने का तरीका बताया। आईआईटी कानपुर के प्रो. दीपू फिलिप ने स्टार्टअप खड़ा करने के लिए टिप्स दिए। समर्पण सेवा समिति के फाउंडर चंद्रप्रकाश ने सोशल एंटरप्रिन्योरशिप के बारे में भी चर्चा की।
डेमो पिक
- फोटो : अमर उजाला
किसी भी स्टार्टअप काे शुरू करने के लिए सबसे जरूरी है हाेता है एक आइडिया। आइडिया हाेता ताे सभी के पास है लेकिन सफल एंटरप्रिन्योर की सीढि़यां वही चढ़ता है जिसका आइडिया दूसरों से बेहतर और नया हो। वह आइडिया किसी चीज की कमी को पूरा कर देता हो।
आईआईटी कानपुर के इंडस्ट्रियल एंड मैनेजमेंट इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ. दीपू फिलिप शनिवार को ये बातें कहीं। वह पीएसआईटी (प्राणवीर सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) भौंती में आयोजित लेक्चर सीरीज ‘उत्थान... अ स्टार्ट अप निर्माण’ के दूसरे सत्र को संबोधित कर रहे थे।
आईआईटी कानपुर के इंडस्ट्रियल एंड मैनेजमेंट इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ. दीपू फिलिप शनिवार को ये बातें कहीं। वह पीएसआईटी (प्राणवीर सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) भौंती में आयोजित लेक्चर सीरीज ‘उत्थान... अ स्टार्ट अप निर्माण’ के दूसरे सत्र को संबोधित कर रहे थे।
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प्रो. फिलिप
- फोटो : अमर उजाला
यह लेक्चर सीरीज स्टार्ट अप और एंटरप्रिन्योरशिप को बढ़ावा देने के लिए ‘अमर उजाला’, द इंडस एंटरप्रिन्योर (टाई) यूपी और आईआईटी कानपुर के सिंडिकेट बैंक एंटरप्रिन्योरशिप रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर (एसबीईआरटीसी) की ओर से कराई गई।
प्रो. फिलिप ने बताया कि उद्यमिता का मतलब ही है कि आप नामुमकिन काम को भी मुमकिन बना दें। हर मुश्किल काम को आसान कर दें। समस्याओं का समाधान निकालने से ही आपको स्टार्टअप आइडिया मिल सकेगा।
प्रो. फिलिप ने आइडिया जनरेट करने का बेहद सरल तरीका समझाते हुए कहा उद्यमिता (एंटरप्रिन्योरशिप) एक ऐसा जरिया है जो आपको अच्छा नाम, पैसा और पहचान दिला सकता है। बशर्ते, आपको इसके लिए मेहनत करें।
प्रो. फिलिप ने बताया कि उद्यमिता का मतलब ही है कि आप नामुमकिन काम को भी मुमकिन बना दें। हर मुश्किल काम को आसान कर दें। समस्याओं का समाधान निकालने से ही आपको स्टार्टअप आइडिया मिल सकेगा।
प्रो. फिलिप ने आइडिया जनरेट करने का बेहद सरल तरीका समझाते हुए कहा उद्यमिता (एंटरप्रिन्योरशिप) एक ऐसा जरिया है जो आपको अच्छा नाम, पैसा और पहचान दिला सकता है। बशर्ते, आपको इसके लिए मेहनत करें।
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मैनेजिंग डायरेक्टर, सैफाली राज
- फोटो : अमर उजाला
स्टार्टअप अकेले भी किया जा सकता है लेकिन लंबे समय तक संभव नहीं होगा। आपका प्रोडक्ट या सर्विस बाजार में अाने के बाद इतने काम हो जाएंगे कि उसे अकेले नहीं संभाला जा सकता है। इसलिए एक अच्छी टीम स्टार्टअप की जरूरत होती है। टीम में हर क्षेत्र के लोगाें का हाेना जरूरी है जो आपके स्टार्टअप को नया मुकाम दिला सकें।
‘उत्थान’ कार्यक्रम का शुभारंभ पीएसआईटी की मैनेजिंग डायरेक्टर शेफाली राज, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता और सोशल एंटरप्रिन्योर चंद्रप्रकाश पांडेय, आईआईटी कानपुर के प्रो. दीपू फिलिप, टाई यूपी के प्रेसिडेंट अमित तिवारी, डीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट डॉ. प्रणय वाल ने संयुक्त रूप से किया।
एमडी शेफाली राज ने छात्रों को एंटरप्रिन्योर की तरफ बढ़ने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप और एंटरप्रिन्योरशिप से भारत नए दौर की तरफ अग्रसर हो रहा है।
‘उत्थान’ कार्यक्रम का शुभारंभ पीएसआईटी की मैनेजिंग डायरेक्टर शेफाली राज, सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता और सोशल एंटरप्रिन्योर चंद्रप्रकाश पांडेय, आईआईटी कानपुर के प्रो. दीपू फिलिप, टाई यूपी के प्रेसिडेंट अमित तिवारी, डीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट डॉ. प्रणय वाल ने संयुक्त रूप से किया।
एमडी शेफाली राज ने छात्रों को एंटरप्रिन्योर की तरफ बढ़ने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप और एंटरप्रिन्योरशिप से भारत नए दौर की तरफ अग्रसर हो रहा है।