{"_id":"6ab03a5fddf31fbc7601580d","slug":"teachers-shying-away-from-online-attendance-directive-implemented-in-only-79-schools-kanpur-news-c-220-1-ka21001-149245-2026-09-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: ऑनलाइन हाजिरी से गुरुजी कर रहे परहेज, केवल 79 स्कूलों में लागू हो सके निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: ऑनलाइन हाजिरी से गुरुजी कर रहे परहेज, केवल 79 स्कूलों में लागू हो सके निर्देश
Mon, 21 Sep 2026 01:26 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Mon, 21 Sep 2026 01:26 AM IST
विज्ञापन
कानपुर देहात। जनपद के माध्यमिक विद्यालयों में ऑनलाइन हाजिरी लगाने में लापरवाही बरती जा रही है। एआई के दौर में शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और विद्यार्थी भी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने से परहेज कर रहे हैं। जिले के कुल 331 माध्यमिक विद्यालय हैं। इनमें शिक्षक, विद्यार्थी और कर्मचारियों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज कराने के के विभागीय निर्देश हैं, लेकिन यह व्यवस्था 10 फीसदी के भी कम स्कूलों में लागू हो सकी है।
इस मामले में शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी किए हैं लेकिन उनका गंभीरता से पालन नहीं हो रहा है। यह व्यवस्था मात्र 79 विद्यालयों में शुरू हो सकी है, जबकि 252 विद्यालय इससे फिलहाल अछूते हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग से ऑनलाइन हाजिरी लगाने का उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति की नियमित निगरानी करना है। साथ ही छात्रों की उपस्थिति का भी डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है।
यह व्यवस्था शत-प्रतिशत लागू नहीं होने से स्पष्ट है कि संबंधित विद्यालयों में ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। माध्यमिक शिक्षा विभाग की तरफ से जब इसकी जांच की गई, तब प्रदेश के 33 जिलों की स्थिति खराब मिली। इसमें कानपुर नगर के साथ कानपुर देहात भी शामिल हैं। जिस पर विभाग ने इसे सरकार के निर्देशों का पालन न करना और ढीली निगरानी माना है। अब डीआईओएस (जिला विद्यालय निरीक्षक) को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी स्कूलों में छह दिन के अंदर शत-प्रतिशत ऑनलाइन हाजिरी सुनिश्चित करें।
विज्ञापन
....................
विभाग के लिए है कड़ी चुनौती
विभागीय निर्देशों के मुताबिक विद्यालयों में शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और छात्रों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज होनी है। विभागीय अधिकारियों के सामने अब शेष 252 विद्यालयों में ऑनलाइन हाजिरी व्यवस्था जल्द शुरू कराना चुनौती है। माना जा रहा है कि यह व्यवस्था लागू होने से उन लोगों को दिक्कत हो सकती है जो विद्यालय आने-जाने में मनमानी कर सुविधानुसार मनमाफिक समय पर आते-जाते हैं। एक बार ऑनलाइन हाजिरी लगने लगी तो उनकी मनमर्जी पर अंकुश लग सकता है।
....................
स्कूलों में निरीक्षण का दौर शुरू, फिर भी आंकड़े दूर
जिले में 331 माध्यमिक स्कूल संचालित हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने इस संबंध में डीआईओएस कार्यालय को एक पत्र जारी किया है। इसमें साफ किया गया है कि सरकार और परिषद के निर्देश के अनुसार सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की शत-प्रतिशत दैनिक ऑनलाइन हाजिरी वेब पोर्टल या मोबाइल एप के जरिये दर्ज कराना जरूरी है। इसके बाद स्कूलों का औचक निरीक्षण करने का दौर शुरू किया गया है। इसके बाद भी अधिकांश स्कूलों में व्यवस्था लागू नहीं हो सकी है। विभागीय आंकड़ों की मानें तो 15 सितंबर तक कक्षा नौ में 87, कक्षा दस में 92, कक्षा 11 में 65 व कक्षा 12 के 64 स्कूलों ऑनलाइन हाजिरी लगने की व्यवस्था शुरू हो सकी है।
.................
बयान.....
सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को पत्र जारी करते हुए ऑनलाइन हाजिरी लगाने की व्यवस्था को शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा स्कूलों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्था की जांच की जा रही है। इसमें जो विद्यालय निर्देशों का पालन करते नहीं पाए जाएंगे, उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। - बृजभूषण चौधरी, डीआईओएस
विज्ञापन
इस मामले में शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी किए हैं लेकिन उनका गंभीरता से पालन नहीं हो रहा है। यह व्यवस्था मात्र 79 विद्यालयों में शुरू हो सकी है, जबकि 252 विद्यालय इससे फिलहाल अछूते हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग से ऑनलाइन हाजिरी लगाने का उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति की नियमित निगरानी करना है। साथ ही छात्रों की उपस्थिति का भी डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है।
विज्ञापन
यह व्यवस्था शत-प्रतिशत लागू नहीं होने से स्पष्ट है कि संबंधित विद्यालयों में ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। माध्यमिक शिक्षा विभाग की तरफ से जब इसकी जांच की गई, तब प्रदेश के 33 जिलों की स्थिति खराब मिली। इसमें कानपुर नगर के साथ कानपुर देहात भी शामिल हैं। जिस पर विभाग ने इसे सरकार के निर्देशों का पालन न करना और ढीली निगरानी माना है। अब डीआईओएस (जिला विद्यालय निरीक्षक) को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी स्कूलों में छह दिन के अंदर शत-प्रतिशत ऑनलाइन हाजिरी सुनिश्चित करें।
विज्ञापन
....................
विभाग के लिए है कड़ी चुनौती
विभागीय निर्देशों के मुताबिक विद्यालयों में शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और छात्रों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज होनी है। विभागीय अधिकारियों के सामने अब शेष 252 विद्यालयों में ऑनलाइन हाजिरी व्यवस्था जल्द शुरू कराना चुनौती है। माना जा रहा है कि यह व्यवस्था लागू होने से उन लोगों को दिक्कत हो सकती है जो विद्यालय आने-जाने में मनमानी कर सुविधानुसार मनमाफिक समय पर आते-जाते हैं। एक बार ऑनलाइन हाजिरी लगने लगी तो उनकी मनमर्जी पर अंकुश लग सकता है।
....................
स्कूलों में निरीक्षण का दौर शुरू, फिर भी आंकड़े दूर
जिले में 331 माध्यमिक स्कूल संचालित हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने इस संबंध में डीआईओएस कार्यालय को एक पत्र जारी किया है। इसमें साफ किया गया है कि सरकार और परिषद के निर्देश के अनुसार सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की शत-प्रतिशत दैनिक ऑनलाइन हाजिरी वेब पोर्टल या मोबाइल एप के जरिये दर्ज कराना जरूरी है। इसके बाद स्कूलों का औचक निरीक्षण करने का दौर शुरू किया गया है। इसके बाद भी अधिकांश स्कूलों में व्यवस्था लागू नहीं हो सकी है। विभागीय आंकड़ों की मानें तो 15 सितंबर तक कक्षा नौ में 87, कक्षा दस में 92, कक्षा 11 में 65 व कक्षा 12 के 64 स्कूलों ऑनलाइन हाजिरी लगने की व्यवस्था शुरू हो सकी है।
.................
बयान.....
सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को पत्र जारी करते हुए ऑनलाइन हाजिरी लगाने की व्यवस्था को शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा स्कूलों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्था की जांच की जा रही है। इसमें जो विद्यालय निर्देशों का पालन करते नहीं पाए जाएंगे, उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। - बृजभूषण चौधरी, डीआईओएस