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Kanpur News: सचिव, प्रधान पर गलत मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने का आरोप
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कानपुर। चौबेपुर ब्लाक के भिखारीपुर निवासी नितिन कुमार ने चाचा स्व. ललित कुमार पुत्र स्व. देवी प्रसाद का गलत मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करने का आरोप ग्राम पंचायत सचिव और प्रधान पर लगाया है। सीडीओ दीक्षा जैन से शिकायत कर बताया कि उनकी मृत्यु 5 जनवरी 2025 को हुई थी लेकिन उनकी पत्नी धनोरमा ने जिम्मेदारों की मिलीभगत से 4 जनवरी 2025 की तारीख का मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करा लिया। सीडीओ ने मामले को संज्ञान लेकर डीपीआरओ से जांच करने के निर्देश दिए। डीपीआरओ ने एडीपीआरओ को जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है।
नितिन ने आरोप लगाया कि स्व. ललित कुमार की शादी 1982 में धनोरमा निवासी खजूर कहजुड़ गांव रायबरेली के साथ हुई थी। शादी के तुरंत बाद धनोरमा ने पति से बिना संबंध विच्छेद किए दूसरी जगह अपना परिवार बना लिया। तब से आज तक गांव नहीं आईं। चाचा की देखरेख उन्होंने की। चाचा ललित की बीमारी के दौरान इलाज कराया। लंबे समय से बीमार रहने के कारण उनकी मृत्यु 5 जनवरी को हो गई थी। जानकारी मिलते ही धनोरमा गांव आईं। इसके बाद वह बिना कुछ कहे चली गईं। नितिन के मुताबिक चाचा के दाह संस्कार और तेरहवीं के बाद मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने के लिए आवेदन किया लेकिन ग्राम पंचायत सचिव ने नहीं बनाया। वहीं धनोरमा ने गोपनीय तरीके से सचिव, प्रधान की मिलीभगत से 4 जनवरी का मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करा लिया जो पूरी तरह से फर्जी है।
डीपीआरओ मनोज कुमार ने बताया कि एडीपीआरओ को भेजकर जांच कराई जा रही है। मामला पारिवारिक विवाद का है। पूछताछ में सामने आया कि ललित कुमार की मृत्यु चार तारीख की रात को हुई है और दाह संस्कार पांच को हुआ है। मृत्यु के दिन की तारीख का मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। हालांकि जांच पूरी होने के बाद हकीकत सामने आएगी।
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नितिन ने आरोप लगाया कि स्व. ललित कुमार की शादी 1982 में धनोरमा निवासी खजूर कहजुड़ गांव रायबरेली के साथ हुई थी। शादी के तुरंत बाद धनोरमा ने पति से बिना संबंध विच्छेद किए दूसरी जगह अपना परिवार बना लिया। तब से आज तक गांव नहीं आईं। चाचा की देखरेख उन्होंने की। चाचा ललित की बीमारी के दौरान इलाज कराया। लंबे समय से बीमार रहने के कारण उनकी मृत्यु 5 जनवरी को हो गई थी। जानकारी मिलते ही धनोरमा गांव आईं। इसके बाद वह बिना कुछ कहे चली गईं। नितिन के मुताबिक चाचा के दाह संस्कार और तेरहवीं के बाद मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने के लिए आवेदन किया लेकिन ग्राम पंचायत सचिव ने नहीं बनाया। वहीं धनोरमा ने गोपनीय तरीके से सचिव, प्रधान की मिलीभगत से 4 जनवरी का मृत्यु प्रमाणपत्र जारी करा लिया जो पूरी तरह से फर्जी है।
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डीपीआरओ मनोज कुमार ने बताया कि एडीपीआरओ को भेजकर जांच कराई जा रही है। मामला पारिवारिक विवाद का है। पूछताछ में सामने आया कि ललित कुमार की मृत्यु चार तारीख की रात को हुई है और दाह संस्कार पांच को हुआ है। मृत्यु के दिन की तारीख का मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। हालांकि जांच पूरी होने के बाद हकीकत सामने आएगी।
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