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Kanpur News: अड़े प्रधान... शिक्षकों के गले पड़ी मिड-डे मील व्यवस्था
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केस-1
कुंडौली स्थित कंपोजिट विद्यालय की इंचार्ज शिक्षक निर्मला मिश्रा ने बताया कि वह तीन महीने से अपने पैसे से बच्चों के लिए मिड-डे मील तैयार करा रही हैं। सिमरा के विद्यालय में शिक्षक अमिता अवस्थी ने भी बताया कि बच्चों के खान-पान की व्यवस्था के लिए उन्हें निजी खर्च करना पड़ रहा है।
केस-2
घाटमपुर ब्लॉक के हरदौली स्थित विद्यालय में परवेज अख्तर और ताराचांद गांव के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका रीता भी अपने स्तर से बच्चों के लिए भोजन बनवा रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि बच्चों का भोजन बंद न हो, इसलिए उन्हें मजबूरी में निजी स्तर पर व्यवस्था करनी पड़ रही है।
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कानपुर। प्रधानों के अडि़यल रवैये से कई गांवों के स्कूलों में बच्चों के दोपहर के भोजन पर संकट मंडराने लगा है। हालांकि यहां के शिक्षक अभी अपने खर्चे पर मिडडे मील बंटवा रहे हैं लेकिन उनका कहना है कि ऐसा कब तक चलेगा। खाते में धन होने के बाद भी प्रधान चेकों पर हस्ताक्षर नहीं कर रहे हैं। इससे भोजन का भुगतान अटका है। उनकी शिकायत पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिओम सिंह ने जिला पंचायतराज अधिकारी को पत्र भेजा है।
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प्रशासक की जिम्मेदारी फिर भी हीलाहवाली
26 मई 2026 को कार्यकाल खत्म होने के बाद ग्राम प्रधान प्रशासक के रूप में कार्य कर रहे हैं। विभाग का कहना है कि इसके बावजूद कुछ प्रधान विद्यालयों में पीएम पोषण योजना के संचालन में अपेक्षित सहयोग नहीं कर रहे हैं। बड़ी ग्राम पंचायतों में पहले से ही प्रधानाध्यापक आपसी सामंजस्य से व्यवस्था चला रहे थे। अब चेक पर हस्ताक्षर नहीं होने से उनकी मुश्किल और बढ़ गई है।
कई ग्राम प्रधानों ने पीएम पोषण योजना के तहत बच्चों को मिलने वाले भोजन, फल और दूध की व्यवस्था से दूरी बना ली है। इतना ही नहीं, कई विद्यालयों में परिवर्तन लागत और फल वितरण की चेकों पर प्रधानों के हस्ताक्षर नहीं हो रहे हैं। इससे खाते में रकम होने के बावजूद उसका भुगतान नहीं हो पा रहा है।
कोरो में आठ महीने से चेक पर नहीं हुए हस्ताक्षर
घाटमपुर के प्राथमिक स्कूल कोरो में समस्या सबसे गंभीर बताई जा रही है। यहां करीब आठ महीने से चेक पर हस्ताक्षर नहीं होने से भुगतान अटका हुआ है।
कुंडौली-पतरसा समेत कई जगह से शिकायत
भीतरगांव के कुंडौली, कल्याणपुर के पतरसा समेत कई ग्रामसभाओं से प्रधानों द्वारा पीएम पोषण की चेक पर हस्ताक्षर नहीं करने की शिकायत विभाग को मिली है। घाटमपुर के प्राइमरी स्कूल (पीएस) मुस्तफाबाद, पीएस परचंद, पीएस लालईपुर और कंपोजिट विद्यालय स्योंडी में भी चेक पर हस्ताक्षर को लेकर समस्या सामने आई है। कंपोजिट विद्यालय चितौली में भी प्रधान की ओर से हस्ताक्षर से इनकार किए जाने की जानकारी विभाग को दी गई है।
रकम खाते में, भुगतान के लिए हस्ताक्षर का इंतजार
पीएम पोषण योजना में भोजन की परिवर्तन लागत और फल वितरण के लिए निर्धारित धनराशि विद्यालयों से जुड़े खातों में उपलब्ध है लेकिन चेकों पर आवश्यक हस्ताक्षर नहीं होने से भुगतान अटक रहा है। प्रधानाध्यापकों के सामने दुकानदारों और अन्य संबंधित भुगतान समय पर करने की चुनौती खड़ी हो रही है।
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