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राष्ट्रपति बोले पुखरायां मेरी कर्मभूमि: हर चुनाव का कार्यालय यहीं बना, पहली बार 1991 में आया था

Mon, 28 Jun 2021 02:03 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Mon, 28 Jun 2021 02:03 PM IST
सार

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि लोकसभा का चुनाव हो या विधान सभा का या राज्यसभा का हर चुनाव का मुख्य कार्यालय पुखरायां में ही रहा। यहां के लोग दिल से जुड़े हैं।

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President said Pukhrayan is my workland: The office of every election was made here, first came in 1991
अपनी कर्मभूमि पुखरायां पहुंच भावुक हुए राष्ट्रपति - फोटो : amar ujala

विस्तार

राष्ट्रपति कोविंद परौंख के बाद जब अपनी कर्मभूमि पुखरायां पहुंचे तो पुराने दिनों को याद कर भावुक हो उठे। कहा, यहां आज भी वही प्यार और सम्मान बरकरार है, जो तीन दशक पहले था। आज यहां आकर पुरानी यादें ताजा हो गईं। कहा, सच में उनके जीवन का आरंभ पुखरायां से ही हुआ। जो भी चुनाव उन्होंने लड़े, मुख्य कार्यालय पुखरायां में ही बनाया। 
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रामस्वरूप ग्रामोद्योग इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में करीब 22 मिनट के संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि तीस वर्ष का समय बहुत लंबा होता है। 1991 में जब मैंने एक पार्टी से लोकसभा का चुनाव लड़ा था, तब पहली बार पुखरायां आया था। तब यहां के लोग जिस आत्मीयता और सम्मान के साथ मुखातिब हुए थे, वो जीवन में पहली बार महसूस किया था।
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उन्होंने कहा कि लोकसभा का चुनाव हो या विधान सभा का या राज्यसभा का। हर चुनाव का मुख्य कार्यालय पुखरायां में ही रहा। यहां के लोग दिल से जुड़े हैं। राष्ट्रपति ने ये भी कहा कि अगर आज मैं राष्ट्रपति भवन तक पहुंचा हूं तो भी केंद्र बिंदु पुखरायां ही है। यहां आना, दोस्तों से मिलना और उनके साथ खाना खाना। अद्भुत पल हुआ करते थे।
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद - फोटो : amar ujala
2014 में आखिरी बार ट्रेन पर बैठा था 
राष्ट्रपति ने कहा कि कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति भवन में शिष्टाचार भेंट की थी। तब उन्होंने याद दिलाया था कि मुझे अपने गांव आना है। मैंने उन्हें बताया कि कोई कहता है कि गर्मी बहुत होगी तो कोई बारिश होने की बात कहता है। इस बात पर सीएम ने कहा था कि बारिश हो तो हो पर आप चलेंगे। आज वो दिन आ गया। मैं परौंख भी गया और पुखरायां भी। बारिश भी नहीं हुई।

इसके लिए मुझे सीएम से प्रेरणा मिली। राष्ट्रपति ने झींझक की तरह यहां पर भी रेलमंत्री का जिक्र कर रेलवे के विकास कार्यों की तारीफ की। इसके अलावा उन्होंने बताया कि रेलमंत्री जब उनसे मिले थे तो पूछा था कि आपने ट्रेन से आखिरी बार कब सफर किया था। मैंने कहा कि 2014 में। इस पर रेलमंत्री ने प्रेसिडेंशियल सैलून से कानपुर देहात का दौरा करने की बात कही थी। 

युवाओं का जोश देख खुश हुए राष्ट्रपति
पंडाल में पीछे बैठे लोग खूब तालियां बजा रहे थे। राष्ट्रपति के मंच पर कदम रखते ही तालियों से अभिवादन कर भारत मां के जयकारे भी लगाए। इसलिए भाषण शुरू करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि पीछे युवा शक्ति मौजूद है। युवाओं में ऊर्जा होती है और ऊर्जा का वो प्रदर्शन भी करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि मुझे पता है कि पुखरायां के युवाओं में प्रतिभा भरी हुई है। बेहतर भविष्य के लिए सही दिशा में ऊर्जा का इस्तेमाल करें। जीवन में कामयाबी मिलेगी।

President said Pukhrayan is my workland: The office of every election was made here, first came in 1991
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद - फोटो : amar ujala
राज्यपाल, मुख्यमंत्री ने भी देखा राष्ट्रपति का गांव
राष्ट्रपति के गांव परौंख को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी देखा। राज्यपाल ने कहा कि कोविंद हमेशा विवादों से दूर रहे। उन्होेंने दलितों के उत्थान के लिए बड़ा काम किया। बताया कि वह संसदीय परंपरा के अच्छे जानकार हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन्मभूमि और जननी का कोई विकल्प नहीं होता है। राष्ट्रपति के गांव को नजदीक से देखा।

कहा कि जन्मभूमि के प्रति हम सभी का एक दायित्व होता है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति ने गांव में जिस विद्यालय झलकारी बाई इंटर कालेज को स्थापित किया, उसे उन्होंने अब प्रदेश सरकार के हवाले कर दिया है। सरकार अब इसे आगे बढ़ाएगी। यह भी कहा कि वर्तमान समय में देश के दोनों महत्वपूर्ण पद राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री पद पर उप्र का प्रतिनिधित्व है। राष्ट्रपति कानपुर देहात से हैं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी से सांसद हैं।
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