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उर्सला में ‘लूट’, मरीजों ने मंत्री को घेरा
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
Updated Sat, 21 Nov 2015 02:19 AM IST
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जिला अस्पताल उर्सला का हाल देखकर शुक्रवार को स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. एसपी यादव दंग रह गए। जहां-जहां नजरें उठाईं, वहां घोर अव्यवस्था मिली। बेड नंबर 26 पर भर्ती नाला रोड मुन्नीपुरवा निवासी अकरम ने तो सारी पोल-पट्टी खोल दी।
बिना चादर वाले बेड पर भर्ती अकरम ने तो मंत्री जी के हाथ में महंगी एंटीबायोटिक थमा दीं और बेधड़क बोला कि सब दवा बाहर से मंगाई जाती हैं। ऑपरेशन के लिए डॉ. पीके मिश्रा ने 21 सौ रुपये लिए हैं तो मंत्री जी अवाक रह गए, बोले, क्या यहां ऐसा होता है।
अकरम इतने पर ही नहीं रुका, उसने बताया कि सिर्फ उसी से पैसे नहीं लिए गए, सबसे वसूली होती है। मंत्री ने अपने स्टाफ से कहा कि इनका बयान रिकॉर्ड करो, कार्रवाई की जाएगी। अपने पीए को भी मामला नोट करने को कहा। इतनी अराजकता देखने के बाद भी उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।
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राज्यमंत्री ने शुक्रवार शाम चार बजे जिला प्रशासन को सूचना दी कि वह उर्सला का निरीक्षण करने आ रहे हैं। वह करीब 4.25 बजे उर्सला पहुंचे और डेंगू वार्ड का निरीक्षण किया।
वार्ड में मरीजों की समस्या सुनने के बाद सर्जरी वार्ड पहुंचे। सामने वाले मरीजों को रटा दिया गया था इसलिए किसी ने कोई शिकायत नहीं की। आगे गली की ओर बढ़े तो एक मरीज उनका हाथ पकड़कर शौचालय में गया। मंत्री अंदर गए तो दोगुनी तेजी से बाहर भागे। नाक-भौं सिकोड़ कर बोले, इतनी गंदगी, कभी सफाई नहीं होती क्या।
फिर मंत्री वार्ड के अंदर गए। वहां भी एक मरीज शौचालय में ले गया। बदबू से बेहाल मंत्री का सिर भन्ना गया, पारा चढ़ गया और फिर वे सीएमएस डॉ. एसके सिंह पर चढ़ बैठे। सकपकाए सीएमएस ने तुरंत सफाई इंचार्ज के सिर पर टोपी रख दी। लाल-पीले मंत्री बोले, यदि अगली बार सफाई नहीं मिली तो मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेज दूंगा।
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बिना चादर वाले बेड पर भर्ती अकरम ने तो मंत्री जी के हाथ में महंगी एंटीबायोटिक थमा दीं और बेधड़क बोला कि सब दवा बाहर से मंगाई जाती हैं। ऑपरेशन के लिए डॉ. पीके मिश्रा ने 21 सौ रुपये लिए हैं तो मंत्री जी अवाक रह गए, बोले, क्या यहां ऐसा होता है।
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अकरम इतने पर ही नहीं रुका, उसने बताया कि सिर्फ उसी से पैसे नहीं लिए गए, सबसे वसूली होती है। मंत्री ने अपने स्टाफ से कहा कि इनका बयान रिकॉर्ड करो, कार्रवाई की जाएगी। अपने पीए को भी मामला नोट करने को कहा। इतनी अराजकता देखने के बाद भी उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की।
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राज्यमंत्री ने शुक्रवार शाम चार बजे जिला प्रशासन को सूचना दी कि वह उर्सला का निरीक्षण करने आ रहे हैं। वह करीब 4.25 बजे उर्सला पहुंचे और डेंगू वार्ड का निरीक्षण किया।
वार्ड में मरीजों की समस्या सुनने के बाद सर्जरी वार्ड पहुंचे। सामने वाले मरीजों को रटा दिया गया था इसलिए किसी ने कोई शिकायत नहीं की। आगे गली की ओर बढ़े तो एक मरीज उनका हाथ पकड़कर शौचालय में गया। मंत्री अंदर गए तो दोगुनी तेजी से बाहर भागे। नाक-भौं सिकोड़ कर बोले, इतनी गंदगी, कभी सफाई नहीं होती क्या।
फिर मंत्री वार्ड के अंदर गए। वहां भी एक मरीज शौचालय में ले गया। बदबू से बेहाल मंत्री का सिर भन्ना गया, पारा चढ़ गया और फिर वे सीएमएस डॉ. एसके सिंह पर चढ़ बैठे। सकपकाए सीएमएस ने तुरंत सफाई इंचार्ज के सिर पर टोपी रख दी। लाल-पीले मंत्री बोले, यदि अगली बार सफाई नहीं मिली तो मुकदमा दर्ज कराकर जेल भेज दूंगा।