कानपुर में गर्ग एविएशन के विमानों में दो महीने में दो बड़े हादसों को विशेषज्ञों ने बड़ी चूक माना है। इस तरह के मामलों में एविएशन कंपनी का लाइसेंस भी निलंबित किया जा सकता है। हालांकि, डीजीसीए की रिपोर्ट के बाद ही ये फैसला हो सकेगा। वहीं, डीजीसीए ने एविएशन कंपनी के अन्य विमानों की उड़ान पर अगले आदेशों तक रोक लगा दी है। इसके अलावा जिस विमान हादसे में प्रशिक्षक और ट्रेनी पायलट की मौत हुई है।
उसकी फिटनेस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पूर्व में इसी विमान में प्रशिक्षण ले रही दिल्ली की युवती इंजन बंद करने की प्रकिया के दौरान ही उतरते समय प्रोपलर पंखे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गई थी। ये हादसा 26 जून को हुआ था। हालांकि, बाद में इस विमान को फिट बताया गया था। विशेषज्ञों के मुताबिक किसी निजी पायलट प्रशिक्षण संगठन का लाइसेंस या अनुमोदन नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (जीजीसीए) द्वारा सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन या मानकों की अनदेखी करने पर रद्द या निलंबित किया जाता है।
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कानपुर विमान हादसा
- फोटो : amar ujala
टेस्ट नियमों का पालन किया गया या नहीं
इस मामले में भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी यानी कि विमान, रनवे या उपकरणों का रख-रखाव तय नियमों के अनुसार हो रहा है या नहीं इसकी भी जांच की जा रही है। ये भी देखा जाएगा कि प्री-फ्लाईट ब्रेथ एनालाइजर (शराब की जांच) टेस्ट नियमों का पालन किया गया या नहीं। दरअसल प्रशिक्षण के दौरान विमान दुर्घटनाएं होना बड़ी लापरवाही होती है। जांच टीमें ये भी देख रही हैं कि प्रशिक्षण ले रहे ट्रेनी पायलटों को आपातकालीन स्थितियों के लिए सही से प्रशिक्षित किया जा रहा है या नहीं।
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14 साल के अमन की आंखों के सामने गिरा था ट्रेनी विमान
नत्थापुरवा में रहने वाला 14 साल का अमन निषाद जिस खेत में ट्रेनी विमान गिरा उस समय घटनास्थल से मात्र 50 मीटर दूर भैंस चरा रहा था। अमन ने बताया पहले करीब 200 मीटर दूर आसमान में उसने विमान को लहराते हुए देखा। मुश्किल से 15 सेकेंड में नीचे आकर खेत में बनी बाउंड्रीवाल में टकराने के बाद क्षतिग्रस्त हो गया। अमन के मुताबिक जब विमान लहरा रहा था। उसने करीब तीन बार पटाखे छूटने जैसी आवाज सुनी थी। इसके बाद घबरा गया और उसने गांव के बुजुर्ग सुनील को फोन करके जानकारी दी। इसके बाद भीड़ जुट गई अमन ने घटना के तुंरत बाद के कई वीडियो भी अपने मोबाइल से बनाए थे।
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खेत पर सब्जियां तोड़ने जाने से रोका
जिस खेत में ट्रेनी विमान गिरा वह नत्थापुरवा में रहने वाले किसान सुक्खीलाल निषाद का है। शुक्रवार दोपहर बाद जब उनकी बेटी तारा और परिवार के अन्य सदस्य खेत में सब्जियां तोड़ने पहुंचे तो सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें खेत जाने से रोक दिया। तारा ने बताया जब हादसा हुआ उसके मात्र 15 से 20 मिनट पहले उसके परिवार के सदस्य खेत से सब्जियां तोड़कर घर लौटे थे। जैसे ही घर पहुंचे तो उन्हें हादसे की जानकारी मिली। वहीं, मौके पर पीएसी बल के अलावा पुलिसकर्मियों की मौजूदगी रही। पुलिस ने दुर्घटना स्थल पर लोगों को जाने से रोकने के लिए आसपास टेपिंग के अलावा खेत के जाने वाले रास्ते को रस्सियों से बैरिकेड कर दिया है।
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गर्ग एविएशन की साख पर बट्टा, प्रशिक्षण लेने वालों में दहशत
कानपुर में वर्ष 1995 से संचालित गर्ग एविएशन लिमिटेड के दो विमान हादसों ने उनकी साख पर बट्टा लगाने का काम किया है। गुरुवार को हुए हादसे में प्रशिक्षक और ट्रेनी पायलट की मौत से सेंटर में प्रशिक्षण ले रहे युवक-युवतियों में दहशत है। उनके परिजन अब उन्हें वापस बुला रहे हैं। कैंट स्थित गर्ग एविएशन के विमान बेड़े में 15-20 विमान हैं। इनके जरिये पॉयलट का प्रशिक्षण दिया जाता है।