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Kanpur: 45 यात्रियों की जान बचाने वाले पांच जांबाज सम्मानित, दिए गए स्मृति चिह्न
Sun, 30 Nov 2025 11:02 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 30 Nov 2025 11:02 PM IST
सार
टीआई राजेश कुमार मिश्रा, दरोगा रविंद्र कुमार यादव, हेड कांस्टेबल महेश बाबू, सिपाही पुष्पेंद्र कुमार, साहिल खान को सम्मानित किया गया।
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यात्रियों की जान बचाने वाले जांबाज सम्मानित किए गए
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली प्रयागराज हाईवे पर रामादेवी पुल के पास शुक्रवार को एसी बस में लगी आग में फंसे 45 यात्रियों को बचाने वाले जांबाज सिपाहियों को अमर उजाला ने सम्मानित किया। रविवार को फजलगंज स्थित अमर उजाला कार्यालय में टीआई राजेश कुमार मिश्रा, दरोगा रविंद्र कुमार यादव, हेड कांस्टेबल महेश बाबू, सिपाही पुष्पेंद्र कुमार, साहिल खान को संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था आशुतोष कुमार ने स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
शुक्रवार को दिल्ली से वाराणसी जा रही एसी स्लीपर बस में फ्लाईओवर पर मंगला विहार पुलिया के पास एसी में शाॅर्ट सर्किट से आग लग गई थी। स्लीपर बस आग का गोला बनने लगी थी। इस देख वहां यातायात संभाल रहे टीआई राजेश कुमार मिश्रा, एसआई रविंद्र कुमार यादव, हेड कांस्टेबल महेश बाबू, सिपाही पुष्पेंद्र कुमार, साहिल खान बस के पास पहुंचे। यात्रियों को बस से सुरक्षित बाहर निकालने के साथ यथासंभव सामान भी बचाने में मदद की। सैकड़ों लीटर डीजल वाली टंकी और टायर गर्म होकर कभी भी फट सकते थे पर इन जांबाजों ने जान पर खेलकर कर्तव्य का पालन किया।
जांबाजों को सम्मानित करने की अमर उजाला की पहल सराहनीय है। इससे इन कर्मियों का उत्साह बढ़ेेगा। विभाग की ओर से भी इन्हें सम्मानित किया जाएगा। - आशुतोष कुमार, जेसीपी लॉ एंड ऑर्डर
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पहले लगा था कि टायर जल रहा है, फिर बस जलता देख तत्काल कंट्रोल रूम और उच्चाधिकारियों को सूचित किया। लोगों को बस से उतारकर दूर सुरक्षित खड़ा कराया। - राजेश कुमार, टीआई
बस में यात्रियों का कीमती सामान था, एक परिवार के लड्डू गोपाल थे। वे सब सामान के लिए ज्यादा परेशान थे। जब सामान निकाल लिया, तब परिवार के लोग बस से दूर हटे। - साहिल खान, सिपाही
लोगों को बचाने में सबसे ज्यादा दिक्कतें इसलिए आईं क्योंकि बस का इमरजेंसी गेट बंद था। उसके आगे ढेर सारा सामान लगाकर रखा गया था। उसे खोलने की भी जगह नहीं थी। - रविंद्र कुमार, दरोगा
लोगों ने ज्यादातर सामान सीट के नीचे फंसाकर रखा था। इसे निकालने में काफी मशक्क्त करनी पड़ी। बस में आग बुझाने के इंतजाम नहीं थे, लोग मदद करने के बजाय वीडियो बनाने में जुटे थे। - महेश बाबू, हेड कांस्टेबल
बस से लोगों को बचाने और सामान को निकालने के दौरान केवल एक चीज दिमाग में थी कि जनहानि न हो, इसलिए अंदर से लोगों को जल्द बाहर निकालने की कोशिश की गई। - पुष्पेंद्र कुमार, सिपाही
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शुक्रवार को दिल्ली से वाराणसी जा रही एसी स्लीपर बस में फ्लाईओवर पर मंगला विहार पुलिया के पास एसी में शाॅर्ट सर्किट से आग लग गई थी। स्लीपर बस आग का गोला बनने लगी थी। इस देख वहां यातायात संभाल रहे टीआई राजेश कुमार मिश्रा, एसआई रविंद्र कुमार यादव, हेड कांस्टेबल महेश बाबू, सिपाही पुष्पेंद्र कुमार, साहिल खान बस के पास पहुंचे। यात्रियों को बस से सुरक्षित बाहर निकालने के साथ यथासंभव सामान भी बचाने में मदद की। सैकड़ों लीटर डीजल वाली टंकी और टायर गर्म होकर कभी भी फट सकते थे पर इन जांबाजों ने जान पर खेलकर कर्तव्य का पालन किया।
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जांबाजों को सम्मानित करने की अमर उजाला की पहल सराहनीय है। इससे इन कर्मियों का उत्साह बढ़ेेगा। विभाग की ओर से भी इन्हें सम्मानित किया जाएगा। - आशुतोष कुमार, जेसीपी लॉ एंड ऑर्डर
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पहले लगा था कि टायर जल रहा है, फिर बस जलता देख तत्काल कंट्रोल रूम और उच्चाधिकारियों को सूचित किया। लोगों को बस से उतारकर दूर सुरक्षित खड़ा कराया। - राजेश कुमार, टीआई
बस में यात्रियों का कीमती सामान था, एक परिवार के लड्डू गोपाल थे। वे सब सामान के लिए ज्यादा परेशान थे। जब सामान निकाल लिया, तब परिवार के लोग बस से दूर हटे। - साहिल खान, सिपाही
लोगों को बचाने में सबसे ज्यादा दिक्कतें इसलिए आईं क्योंकि बस का इमरजेंसी गेट बंद था। उसके आगे ढेर सारा सामान लगाकर रखा गया था। उसे खोलने की भी जगह नहीं थी। - रविंद्र कुमार, दरोगा
लोगों ने ज्यादातर सामान सीट के नीचे फंसाकर रखा था। इसे निकालने में काफी मशक्क्त करनी पड़ी। बस में आग बुझाने के इंतजाम नहीं थे, लोग मदद करने के बजाय वीडियो बनाने में जुटे थे। - महेश बाबू, हेड कांस्टेबल
बस से लोगों को बचाने और सामान को निकालने के दौरान केवल एक चीज दिमाग में थी कि जनहानि न हो, इसलिए अंदर से लोगों को जल्द बाहर निकालने की कोशिश की गई। - पुष्पेंद्र कुमार, सिपाही