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कन्नौज हादसा: सादे मॉडल की बसों को भी बना देते हैं स्लीपर, फिर शुरू होता है 'मौत का सफर'

Sun, 12 Jan 2020 05:37 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रूखाबाद
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रूखाबाद Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sun, 12 Jan 2020 05:37 PM IST
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Kannauj accident: Plain model buses converted into sleepers
कन्नौज बस हादसा - फोटो : self
फर्रुखाबाद के एआरटीओ कार्यालय में थोड़े से लालच में ही फिटनेस के मानकों की धज्जियां उड़ा कर प्रमाण पत्र जारी करने से अधिकारी नहीं चूकते हैं। जब हादसा होता है तो कुछ महीनों तक नियम कानून का पाठ पढ़ाया जाता है। मैनपुरी में दो वर्ष पहले हुई घटना के बाद सादे माडल से स्लीपर में तब्दील हुई बसों को विमल ने लेनदेन कर स्लीपर के रिकार्ड में दर्ज करवा दिया था।

 
Kannauj accident: Plain model buses converted into sleepers
कन्नौज बस-ट्रक हादसा - फोटो : अमर उजाला
जिस बस से दुर्घटना हुई है वह भी उन्हीं में से एक है। एआरटीओ कार्यालय में वाहनों की फिटनेस को लेकर मानकों का बीस प्रतिशत की अनदेखी की जाती है। फिटनेस देते समय सबसे पहले बस के आगे के पहिये की स्थिति देखना चाहिए। वाहन की ओवरआल बॉडी की स्थिति, ब्रेक लाइट, इंडिकेटर के काम करने की स्थिति, बस में प्रेशर हार्न न हो, हेडलाइट लो और हाई में जलने या नहीं जलने, नंबर आफ सीट, इंमरजेंसी डोर से निकलने की स्थिति है।
Kannauj accident: Plain model buses converted into sleepers
कन्नौज हादसा - फोटो : अमर उजाला
बस में अग्नि शमन यंत्र,  चालक ड्रेस में और जूते पहने होने आदि मानकों को देखकर ही फिटनेस देने का नियम है। आल इंडिया परमिट में चलने वाली बसों में दो ड्राइवर वा वर्दी दुरुस्त होने चाहिए। स्कूल बसों में दो अग्निशमन यंत्र एक आगे व दूसरा पीछे के गेट के पास होना चाहिए। इसके अलावा बस के सभी कागजात पूरे और कोई टैक्स भी बकाया नहीं होना चाहिए। ये सब होने पर ही फिटनेस प्रमाण पत्र मिलना चाहिए। होता इसका उलटा है।
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Kannauj accident: Plain model buses converted into sleepers
कन्नौज हादसा - फोटो : अमर उजाला
ऐसे वाहनों को फिटनेस का प्रमाण पत्र दे दिया जाता है जो कई वर्ष पुराने और मानकों से परे हैं। वर्ष 2018 में 13 जून को विमल की बस से मैनपुरी में हादसा हुआ था। दुर्घटना में 18 लोगों की मौत हुई थी। तब पुलिस व प्रशासन ने सख्ती की और विमल की कई बसों को बंद कर दिया था। समय बीतने पर मामला ठंडा हुआ तो विमल ने अपनी आठ सामान्य बसों को स्लीपर में परिवर्तित करवाकर आरटीओ कानपुर की पैरवी से स्लीपर में दर्ज करवा दिया था।
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Kannauj accident: Plain model buses converted into sleepers
कन्नौज हादसा - फोटो : अमर उजाला
इसमें छिबरामऊ में शुक्रवार को दुर्घटनाग्रस्त हुई बस यूपी 76 के 7255 बस भी शामिल है। आरआई जीवन कुमार ने बताया कि वह वाहनों को फिटनेस प्रमाण पत्र देते समय वाहन का स्वयं भौतिक सत्यापन करते हैं। सभी मानकों के पूरा होने पर ही फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करते हैं। पहले के वर्षों में क्या होता रहा इसके बारे में जानकारी नहीं है।
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