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Farrukhabad News: दहेज हत्या में 17 साल बाद पति व उसके भाइयों को 10 वर्ष की कैद
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फर्रुखाबाद। दहेज हत्या के करीब 17 साल पुराने मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, त्वरित न्यायालय संख्या-01 संजय कुमार ने महिला के पति व उसके दो भाइयों को 10 वर्ष की सजा सुनाई। दोषियों पर 75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
जनपद मैनपुरी के थाना भोगांव क्षेत्र के मेरापुर छदामी निवासी जागेश्वर ने चार जनवरी 2008 को शमसाबाद थाने में तहरीर दी थी। बताया था कि उनकी पुत्री सुधा कुमारी की शादी करीब पांच वर्ष पहले धमगवां निवासी अजीत कुमार से हुई थी। पति अजीत, सुनील उर्फ अवनीश, कश्मीर, सास इंद्रावती और ननद नेमा देवी ने रंगीन टीवी, वाशिंग मशीन और 50 हजार रुपये की मांग को लेकर पुत्री सुधा को प्रताड़ित किया। सुधा ने कई बार फोन कर मायके वालों को इसकी जानकारी दी। परिजन ने ससुराल वालों को समझाकर कई बार बेटी को विदा कराया।
चार जनवरी 2008 को ससुरालीजन ने पुत्री सुधा की गला दबाकर और मिट्टी का तेल डालकर आग लगाकर हत्या कर दी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपपत्र दाखिल किया। ननद नेमा देवी का नाम निकल गया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी सास इंद्रावती की मृत्यु हो गई। इसके चलते तीन मई 2025 को उसके खिलाफ कार्यवाही समाप्त कर दी गई। अदालत ने शेष तीन लोगों को दहेज हत्या और क्रूरता समेत संबंधित धाराओं में 7 सितंबर को दोषी करार दिया था।
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जनपद मैनपुरी के थाना भोगांव क्षेत्र के मेरापुर छदामी निवासी जागेश्वर ने चार जनवरी 2008 को शमसाबाद थाने में तहरीर दी थी। बताया था कि उनकी पुत्री सुधा कुमारी की शादी करीब पांच वर्ष पहले धमगवां निवासी अजीत कुमार से हुई थी। पति अजीत, सुनील उर्फ अवनीश, कश्मीर, सास इंद्रावती और ननद नेमा देवी ने रंगीन टीवी, वाशिंग मशीन और 50 हजार रुपये की मांग को लेकर पुत्री सुधा को प्रताड़ित किया। सुधा ने कई बार फोन कर मायके वालों को इसकी जानकारी दी। परिजन ने ससुराल वालों को समझाकर कई बार बेटी को विदा कराया।
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चार जनवरी 2008 को ससुरालीजन ने पुत्री सुधा की गला दबाकर और मिट्टी का तेल डालकर आग लगाकर हत्या कर दी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपपत्र दाखिल किया। ननद नेमा देवी का नाम निकल गया था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी सास इंद्रावती की मृत्यु हो गई। इसके चलते तीन मई 2025 को उसके खिलाफ कार्यवाही समाप्त कर दी गई। अदालत ने शेष तीन लोगों को दहेज हत्या और क्रूरता समेत संबंधित धाराओं में 7 सितंबर को दोषी करार दिया था।
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