Kanpur: होमगार्ड हो या पीआरडी जवान, न वाहन चेक करेगा न चालान, ट्रैफिक सुधारने के लिए Traffic Dost अभियान शुरू
Kanpur News: करीब 45 लाख की आबादी वाले शहर के लिए सबसे बड़ा समस्या ट्रैफिक है। प्रमुख चौराहों से लेकर गलियों तक में लोगों को जाम से जूझना पड़ता है। ‘ट्रैफिक दोस्त’ अभियान की लॉचिंग करते हुए एडिशनल सीपी हरीश चंदर व डीसीपी ट्रैफिक आरती सिंह ने बताया कि शहर के लोग फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स, ई-मेल व हेल्पलाइन नंबर पर सुझाव दे सकते हैं।
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कानपुर में वाहन चेकिंग के नाम पर हो रही वसूली और ई-चालान एप के दुरुपयोग की आ रही शिकायतों को लेकर डीसीपी ट्रैफिक ने सख्त रुख अपनाया है। सभी टीआई, टीएसआई और सेक्टर प्रभारियों को आदेश दिए हैं कि किसी भी सूरत में कहीं भी कोई होमगार्ड या पीआरडी जवान न तो वाहनों की चेकिंग करेगा और न ही फोटो खींचेगा।
अगर इस संबंध में कोई शिकायत मिली, तो संबंधित सेक्टर, प्वाइंट या क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीसीपी ने बुधवार को सभी सेक्टर प्रभारियों को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। इसके साथ ही सभी कर्मचारियों को समय से ड्यूटी प्वाइंट पर पहुंचने के साथ ही पब्लिक से अच्छा व्यवहार करने को कहा है।
ऐसे किया जा रहा खेल
ट्रैफिक पुलिस की ओर से चौराहे पर तैनात टीएसआई व सेक्टर प्रभारियों को एक कोड दिया जाता है। जिसके जरिये वे ई-चालान एप में अपना कोड डालकर वाहनों का ई-चालान करते हैं। टीएसआई और सेक्टर प्रभारी अपना कोड चौराहे पर तैनात होमगार्ड को दे देते हैं। होमगार्ड एप डाउनलोड कर वाहन चालकों को चालान करने की धमकी देकर उगाही करते हैं। इस तरह की शिकायतें भी कई बार की जा चुकी हैं।
अभी कितने हैं ट्रैफिक पुलिस कर्मी
- टीआई: 4
- टीएसआई: 116
- हेड कांस्टेबल: 157
- कांस्टेबल: 323
- सेक्टर: 82
पुलिस ने शुरू किया ‘ट्रैफिक दोस्त’ अभियान
शहर की यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने ‘ट्रैफिक दोस्त’ नाम से अभियान शुरू किया है। इसके तहत लोगों से यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सुझाव मांगे गए हैं। लोग जारी की गई हेल्पलाइन व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सुझाव दे सकते हैं। 15 दिन बाद सुझावों पर अमल कर यातायात सुधारने की दिशा में काम किया जाएगा।
यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए आप भी दें सुझाव
करीब 45 लाख की आबादी वाले शहर के लिए सबसे बड़ा समस्या ट्रैफिक है। प्रमुख चौराहों से लेकर गलियों तक में लोगों को जाम से जूझना पड़ता है। गुरुवार को पुलिस कमिश्नर ऑफिस में ‘ट्रैफिक दोस्त’ की लॉचिंग करते हुए एडिशनल सीपी हरीश चंदर व डीसीपी ट्रैफिक आरती सिंह ने बताया कि शहर के लोग फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स, ई-मेल व हेल्पलाइन नंबर पर सुझाव दे सकते हैं।
15 दिन में किया जाएगा निस्तारण
साथ ही अतिक्रमण, जर्जर सड़क, वन-वे लागू व हटाने, फुटओवर ब्रिज, ब्रिज बनने वाले स्थानों के संबंध में भी जानकारी दे सकते हैं। इन समस्याओं को सूचीबद्ध किया जाएगा। दूसरे चरण में जो समस्याएं तुरंत हल होने वाली होंगी, उनका निस्तारण 15 दिन में किया जाएगा। साथ ही एक डोजियर भी तैयार किया जाएगा। ताकि आने वाले अधिकारियों को भी ट्रैफिक के बारे में जानकारी हो सके।
जनप्रतिनिधियों ने भी उठाई थी समस्या
जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा में भी ट्रैफिक की समस्या उठी थी। इसमें पार्किंग और जीटी रोड की क्रॉसिंग का मुद्दा प्रमुखता से उठा था। मेस्टन रोड और मकान मालिकों की गाड़ियां सड़क पर खड़ी होने की समस्या भी सामने आई है। इसे दूर करने के लिए योजना बनाई गई है। पुलिस अधिकारियों की मानें तो कुछ समस्याएं वन-वे की भी हैं, जिन पर काम किया जाएगा।
इन साइट्स पर दे सकते हैं सुझाव
- x.com/kanpurtraffic
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- kanpurtraffic@gmail.com
- हेल्पलाइन नंबर-9305104387