फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Harassment case in IIT kanpur

IIT में उत्पीड़न का मामलाः कहीं निदेशक पद की राजनीति तो नहीं!

Tue, 20 Mar 2018 02:40 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Tue, 20 Mar 2018 02:40 PM IST
विज्ञापन
Harassment case in IIT kanpur
डेमाे पिक
आईआईटी कानपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नेंस (बीओजी) की बैठक सोमवार को दिल्ली में हुई। इसमें एयरोस्पेस विभाग के दलित असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुब्रहमण्यम सडरेला के उत्पीड़न मामले की जांच रिपोर्ट पेश की गई। घंटों बहस के बाद बीओजी चेयरमैन और मारुति उद्योग लिमिटेड के चेयरमैन आरसी भार्गव ने फैसला लिया कि वह खुद आरोपी और पीड़ित प्रोफेसर से बातचीत कर मामला सुलझाने का प्रयास करेंगे। सात दिनों में अगर सफलता मिलती है तो ठीक नहीं तो जांच में दोषी पाए गए चारों प्रोफेसरों पर कार्रवाई होगी। इसके लिए सात दिन बाद ही एक कमेटी का गठन भी कर दिया जाएगा।
विज्ञापन


कहीं निदेशक पद की राजनीति तो नहीं
आईआईटी में प्रोफेसरों के बीच शुरू हुई जंग का मुख्य कारण संस्थान का निदेशक पद बताया जा रहा है जो पिछले दिनों तक खाला था। कुछ प्रोफेसरों का दावा है कि संस्थान के कई वरिष्ठ प्रोफेसर कानपुर, धनबाद व कुछ अन्य आईआईटी के निदेशक पद की दौड़ में आगे थे। इन प्रोफेसरों को रोकने के लिए भी संस्थान के ही कुछ प्रोफेसर जुटे थे। दलित असिस्टेंट प्रोफेसर के उत्पीड़न का मामला भी इसी राजनीति का हिस्सा बताया जा रहा है।
विज्ञापन


चार प्रोफेसर पाए गए हैं दोषी
मामले में जांच कमेटी ने चार प्रोफेसरों को दोषी पाया है। इनमें दो प्रोफेसरों के खिलाफ जांच कमेटी ने सबूत पाए हैं जबकि दो के खिलाफ कुछ अन्य प्रोफेसरों ने गवाही दी है। इनमें दो प्रोफेसर एयरोस्पेस डिपार्टमेंट से हैं जबकि दो मटेरियल साइंस डिपार्टमेंट से। हालांकि संस्थान के कई प्रोफेसरों ने जांच कमेटी और रिपोर्ट पर भी सवाल खड़े किए हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed