फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   GST, accept online trading

जीएसटी, ऑनलाइन ट्रेडिंग स्वीकार नहीं

Fri, 27 Nov 2015 02:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर
अमर उजाला ब्यूरो, कानपुर Updated Fri, 27 Nov 2015 02:01 AM IST
विज्ञापन
GST, accept online trading

कानपुर उद्योग व्यापार मंडल की ओर से जीएसटी व ऑनलाइन शॉपिंग के विरोध में गुरुवार को जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार नारेबाजी और धरना प्रदर्शन किया गया। इसके बाद प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसीएम बीपी शुक्ला को सौंपा गया। साथ ही व्यापारियों ने एक सुर में कहा कि जीएसटी और ऑनलाइन ट्रेडिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विज्ञापन


संगठन के जिलाध्यक्ष विनय द्विवेदी ने कहा कि  जीएसटी का जो प्रारूप केंद्र सरकार की वेबसाइट पर उपलब्ध है, वह किसी भी तरह देश के पांच करोड़ से अधिक कर अदा करने वाले व्यापारी के हित में नहीं है। इसी तरह बड़ी कंपनियों की ओर से ऑनलाइन शॉपिंग किए जाने से छोटे कारोबारियों की रोजी रोटी ठप हो रही है।
विज्ञापन


व्यापारियों ने कहा कि कर प्रणाली जितनी जटिल होगी, व्यापार करना भी उतना ही जटिल होगा। आज भी देश के शहरी क्षेत्रों तक में बिजली, कंप्यूटर, इंटरनेट की उपलब्धता नहीं है ऐसे में कस्बे और गांवों के व्यापारियों को ऑनलाइन टैक्स जमा करने में परेशानी आएगी। जीएसटी में ऑनलाइन पेंमेंट की आनिवार्यता उचित नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके अलावा 10 फीसदी से ज्यादा जीएसटी की दर महंगाई को बढ़ावा देगी। धरना प्रदर्शन के दौरान विजय अग्रवाल, अनूप तिवारी, अजय जायसवाल, मो. कलीम, संजय मिश्रा आदि मौजूद रहे।

मंडी शुल्क बढ़ोतरी पर भड़के कारोबारी
कानपुर।
प्रदेश सरकार की ओर से खाद्य तेल, किराना वस्तुएं और गल्ले पर ढाई फीसदी मंडी शुल्क बढ़ाए जाने का प्रस्ताव राज्यपाल के पास भेजे जाने से शहर के कारोबारी भड़क उठे हैं।

गुरुवार को कानपुर उद्योग व्यापार मंडल और कानपुर युवा उद्योग व्यापार मंडल की अगुवाई में नयागंज स्थित थोक किराना बाजार में नागेश्वर मंदिर के पास चौराहे पर व्यापारियों ने सरकार की ओर से जारी अधिसूचना की प्रतियां जलाकर विरोध किया। सरकार विरोधी नारे लगाए।

कहा कि उद्योग लगाना तो सरकार ने महंगा कर ही दिया है, अब व्यापारियों की रोजी रोटी छीनने पर उतारू है। इसी तरह दि किराना मर्चेंट्स एसोसिएशन की ओर से नयागंज में बैठक कर सरकार के इस फैसले की निंदा की गई।

अध्यक्ष अवधेश बाजपेयी ने कहा कि अप्रैल, मई माह में भी सरकार ने ऐसी ही चेष्टा की थी तब भी विरोध कर उसे वापस कराया गया। मंडी शुल्क बढ़ाए जाने का सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। बैठक में विजय अग्रवाल महामंत्री अनुज गुप्ता मंत्री गौरव अवस्थी, सुरेंद्र भसीन, अजय गुप्ता, गौतम खन्ना अरविंद गुप्ता पुरु मिश्रा, सुरेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।

कानपुर उद्योग व्यापार मंडल के जिला महामंत्री विजय गुप्ता ने कहा कि मंडी शुल्क उस वस्तु पर लिया जाता है जिसका उत्पादन प्रदेश में ही हुआ हो। लेकिन सरकार ने एक दर्जन ऐसी वस्तुओं पर मंडी शुल्क लगा दिया जिसकी पैदावार प्रदेश में नहीं होती। सरकार तिलहन पर मंडी शुल्क पहले से ही ले रही है, अब खाद्य तेल पर भी मंडी शुल्क लगा दिया।

एक वस्तु पर दो-दो बार मंडी शुल्क लिया जा रहा है। सरकार को विधानसभा चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना होगा। कानपुर युवा उद्योग व्यापार मंडल के महामंत्री संत मिश्रा ने कहा कि सरकार ने महंगाई बढ़ाने वाला फैसला लिया है। इससे व्यापारियों पर तो बोझ बढ़ेगा ही, आम जनता को भी महंगाई का सामना करना पड़ेगा।


मंडी शुल्क की वजह से खाद्य तेल और महंगा हो जाएगा। इस मौके पर कानपुर युवा उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश प्रभारी मुकुंद मिश्रा, शेष नारायण त्रिवेदी, तेल कारोबारी राकेश सिंह, अचल गुप्ता, राहुल दीक्षित आदि मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed