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Kanpur News: किसान पर सांड़ ने किया हमला, ग्रामीणों ने छुट्टा मवेशियों को पंचायत घर में किया बंद
Sun, 24 May 2026 01:31 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Sun, 24 May 2026 01:31 AM IST
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झींझक। ब्लॉक क्षेत्र के किशौरा गांव में आवारा सांड के हमले से एक किसान गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल किसान को कानपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने करीब 20 छुट्टा मवेशियों को पंचायत घर में बंद कर नाराजगी जताई। ब्लाॅक क्षेत्र के किशौरा गांव निवासी रविकांत प्रजापति (54) बृहस्पतिवार रात करीब साढ़े नौ बजे घर के बाहर चारपाई पर लेटे थे। इसी दौरान वहां पहुंचे सांड़ को भगाने का प्रयास करते समय सांड ने उन पर हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर घायल हो गए थे।
ग्रामीणों ने उन्हें सीएचसी झींझक पहुंचाया जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बाद में परिजन ने उन्हें कानपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
घटना के बाद परिवार के लोगों ने हेल्पलाइन नंबर 1076 पर शिकायत दर्ज कराने के साथ ग्राम पंचायत सचिव को भी सूचना दी। परिजनों का आरोप है कि शुक्रवार शाम तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज ग्रामीण शनिवार सुबह करीब 11 बजे एकत्र हो गए और गांव में घूम रहे करीब 20 छुट्टा मवेशियों को पकड़ कर पंचायत घर में बंद कर दिया। ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए नाराजगी जताई।
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सूचना पर पहुंचे पशु चिकित्साधिकारी अजीत कटियार और पंचायत सचिव अमित ने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद कैटल कैचर की मदद से बंद मवेशियों को वहां से हटाकर गोआश्रय स्थलों में भेजा गया। खंड विकास अधिकारी आशुतोष शुक्ला ने बताया कि सूचना मिलते ही पशु चिकित्सक और पंचायत सचिव को मौके पर भेज दिया गया था। कैटल कैचर टीम ने सांड़ को अकबरपुर नंदीशाला भेजा गया है जबकि अन्य गोवंश को पास की गोशालाओं में पहुंचाया है।
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ग्रामीणों ने उन्हें सीएचसी झींझक पहुंचाया जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। बाद में परिजन ने उन्हें कानपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
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घटना के बाद परिवार के लोगों ने हेल्पलाइन नंबर 1076 पर शिकायत दर्ज कराने के साथ ग्राम पंचायत सचिव को भी सूचना दी। परिजनों का आरोप है कि शुक्रवार शाम तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज ग्रामीण शनिवार सुबह करीब 11 बजे एकत्र हो गए और गांव में घूम रहे करीब 20 छुट्टा मवेशियों को पकड़ कर पंचायत घर में बंद कर दिया। ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए नाराजगी जताई।
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सूचना पर पहुंचे पशु चिकित्साधिकारी अजीत कटियार और पंचायत सचिव अमित ने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद कैटल कैचर की मदद से बंद मवेशियों को वहां से हटाकर गोआश्रय स्थलों में भेजा गया। खंड विकास अधिकारी आशुतोष शुक्ला ने बताया कि सूचना मिलते ही पशु चिकित्सक और पंचायत सचिव को मौके पर भेज दिया गया था। कैटल कैचर टीम ने सांड़ को अकबरपुर नंदीशाला भेजा गया है जबकि अन्य गोवंश को पास की गोशालाओं में पहुंचाया है।