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पुलिस की लापरवाही से गई दलित की जान 

Sat, 22 Oct 2016 09:11 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर Updated Sat, 22 Oct 2016 09:11 PM IST
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dalits killed negligence of police in up
डेमो
इटावा कोतवाली पुलिस सजगता बरतती तो शायद मान सिंह की हत्या न होती। मृतक के भतीजे ने मारपीट की सूचना दी थी, लेकिन पुलिस ने सिर्फ प्लाट पर काम रुकवाकर कर्तव्यों की इतिश्री कर ली। दबंगों के खिलाफ न तो कोई मामला दर्ज किया गया और न ही उन्हें पकड़ने में कोई रुचि दिखाई। अगर प्लाट के पास फोर्स ही तैनात होती तो शायद दबंग फायरिंग करने का दुस्साहस न करते।
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गाड़ीपुरा मोहल्ले में प्लाट के विवाद में मानसिंह की जान चली गई। शुक्रवार सुबह जब राजकुमार प्लाट पर निर्माण कार्य करा रहा था तभी निशांत ने साथियों के साथ वहां आकर निर्माण कार्य रुकवा दिया और मानसिंह पर फायरिंग कर दी जिसमें उसकी मौत हो गई।
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बच सकती थी मानसिंह की जान

dalits killed negligence of police in up
घटना की जानकारी देते मृतक के भाई बाबूराम व भतीजा राजकुमार - फोटो : अमर उजाला
पीड़ित राजकुमार ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी लेकिन वह नहीं पहुंची। बाद में पीड़ित एसएसपी से मिले। प्रभारी कोतवाल ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्य रुकवा दिया और दोनों पक्षों से कहा कि तहसीलदार व राजस्व विभाग में जाकर निस्तारण कराएं। अगर दबंगों पर कार्रवाई हुई होती तो मानसिंह बच सकता था। 

 

पीड़ित संग दबंगों ने कोतवाली में भी की मारपीट

dalits killed negligence of police in up
पोस्टमार्टम स्थल पर बैठी महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
पीड़ित राजकुमार ने दबंगों पर कोतवाली में भी मारपीट करने का आरोप लगाया। राजकुमार ने बताया कि रात को जब उसके चाचा मान सिंह को गोली मार दी गई तो वह कोतवाली में रिपोर्ट लिखाने पहुंचे। वहां दूसरे पक्ष के लोग भी आ गए और उनके साथ मारपीट की। पुलिस ने मामले में हत्या, गुंडा टैक्स वसूलने और हरिजन एक्ट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। बताया जा रहा है कि इस मामले में पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया है, लेकिन अभी पुलिस ने पुष्टि नहीं की है।
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