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क्लैट 2019 : 10 जनवरी से शुरू होंगे आवेदन, पढ़िए रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया
Wed, 02 Jan 2019 02:07 PM IST
gaurav gaurav
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: gaurav gaurav
Updated Wed, 02 Jan 2019 02:07 PM IST
सार
- 12 मई को होनी है ऑफलाइन परीक्षा, क्लैट पीजी में पूछे जाएंगे सब्जेक्टिव प्रश्न
- क्लैट सेक्रेटरिएट कराएगी परीक्षा
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विस्तार
कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लैट) 2019 के लिए 10 जनवरी से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। 31 मार्च तक आवेदन करने का मौका दिया जाएगा। इस बार देश भर में यह परीक्षा 12 मई को ऑफलाइन मोड में होगी। अभी तक ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की जाती थी।
प्रश्नपत्र तैयार करने के लिए क्वेश्चन बैंक बनाया जा रहा है, उसी से प्रश्न पूछे जाएंगे। वहीं, पहली बार क्लैट पीजी में सब्जेक्टिव प्रश्नपत्र भी आएगा। क्लैट की एग्जीक्यूटिव कमेटी सब्जेक्टिव प्रश्नों को तैयार करने का काम करेगी। बताते चलें कि क्लैट के जरिये देशभर के नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के एलएलएम पाठ्यक्रम में दाखिला दिया जाता है। परीक्षा का आयोजन इस बार क्लैट सेक्रेटेरिएट और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी ओडिसा मिलकर कराएगा। हालांकि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) और बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी क्लैट परीक्षा कराने की इच्छा जाहिर की है। फिलहाल सभी की दलीलों पर सुप्रीम कोर्ट विचार कर रहा है। नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी ओडिसा के रजिस्ट्रार और क्लैट के संयोजक डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि परीक्षा के लिए पांच जनवरी को नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा।
देश के 19 राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों में मिलता है दाखिला
क्लैट के जरिये देश के 19 राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों के पंचवर्षीय विधि और एलएलएम पाठ्यक्रम में एडमिशन दिया जाता है। 43 अन्य शिक्षण संस्थान भी हैं जो क्लैट के स्कोर पर अपने यहां दाखिला देते हैं। पहली बार इसका आयोजन 2008 में किया गया था, तब 40 हजार छात्रों ने परीक्षा दी थी।
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छात्रों की संख्या के आधार पर तय होंगे केंद्र
परीक्षा के लिए आने वाले आवेदनों की संख्या के आधार पर परीक्षा केंद्र बनाने का फैसला लिया गया है। क्लैट के संयोजक और एग्जीक्यूटिव कमेटी इस पर फैसला लेगी।
ऐसा होता है पेपर पैटर्न
स्नातक और परास्नातक दोनों की परीक्षा दो घंटे की होती है। स्नातक क्लैट का प्रश्नपत्र 200 अंकों का रहता है जबकि परास्नातक में 150 अंकों के सवाल पूछे जाते हैं। प्रत्येक गलत उत्तर पर 0.25 अंक काटे जाते हैं।
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प्रश्नपत्र तैयार करने के लिए क्वेश्चन बैंक बनाया जा रहा है, उसी से प्रश्न पूछे जाएंगे। वहीं, पहली बार क्लैट पीजी में सब्जेक्टिव प्रश्नपत्र भी आएगा। क्लैट की एग्जीक्यूटिव कमेटी सब्जेक्टिव प्रश्नों को तैयार करने का काम करेगी। बताते चलें कि क्लैट के जरिये देशभर के नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के एलएलएम पाठ्यक्रम में दाखिला दिया जाता है। परीक्षा का आयोजन इस बार क्लैट सेक्रेटेरिएट और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी ओडिसा मिलकर कराएगा। हालांकि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) और बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी क्लैट परीक्षा कराने की इच्छा जाहिर की है। फिलहाल सभी की दलीलों पर सुप्रीम कोर्ट विचार कर रहा है। नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी ओडिसा के रजिस्ट्रार और क्लैट के संयोजक डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि परीक्षा के लिए पांच जनवरी को नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा।
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देश के 19 राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों में मिलता है दाखिला
क्लैट के जरिये देश के 19 राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों के पंचवर्षीय विधि और एलएलएम पाठ्यक्रम में एडमिशन दिया जाता है। 43 अन्य शिक्षण संस्थान भी हैं जो क्लैट के स्कोर पर अपने यहां दाखिला देते हैं। पहली बार इसका आयोजन 2008 में किया गया था, तब 40 हजार छात्रों ने परीक्षा दी थी।
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छात्रों की संख्या के आधार पर तय होंगे केंद्र
परीक्षा के लिए आने वाले आवेदनों की संख्या के आधार पर परीक्षा केंद्र बनाने का फैसला लिया गया है। क्लैट के संयोजक और एग्जीक्यूटिव कमेटी इस पर फैसला लेगी।
ऐसा होता है पेपर पैटर्न
स्नातक और परास्नातक दोनों की परीक्षा दो घंटे की होती है। स्नातक क्लैट का प्रश्नपत्र 200 अंकों का रहता है जबकि परास्नातक में 150 अंकों के सवाल पूछे जाते हैं। प्रत्येक गलत उत्तर पर 0.25 अंक काटे जाते हैं।