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Kanpur News: रसायन विज्ञान बिगाड़ न दे भावी डॉक्टरों की अंकों की केमिस्ट्री

Mon, 05 May 2025 01:37 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 05 May 2025 01:37 AM IST
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Chemistry should not spoil the marks of future doctors
एस एन सेन बलिका इंटर कॉलेज से नीट  दे कर बाहर आते छात्र -छात्राएँ - फोटो : संवाद
कानपुर। मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए रविवार को नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट-यूजी) का आयोजन किया गया। पहली बार निजी शिक्षण संस्थानों के बजाय केंद्रीय विद्यालयों, सीएसए और सीएसजेमएयू सहित राजकीय व अनुदानित इंटर कॉलेजों में 52 केंद्र बनाए गए। इन केंद्रों में 23813 अभ्यर्थियों को शामिल होना था, लेकिन 23221 ने परीक्षा दी। 592 अनुपस्थित रहे। परीक्षार्थियों ने बताया कि इस बार बॉयोलॉजी और भौतिकी के प्रश्न आसान रहे, जबकि रसायन विज्ञान के सवालों ने काफी उलझाया।
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केंद्र में प्रवेश से लेकर परीक्षा तक छात्रों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से हुई। परीक्षा से पहले केंद्र के मुख्य द्वार पर पहले चरण की चेकिंग हुई, जहां सिर्फ प्रवेश पत्र, दो पासपोर्ट साइज फोटो, एक पोस्टकार्ड साइज फोटो और एक आईडी कार्ड ले जाने की अनुमति दी गई। छात्रों के हाथ से कलावे, रुद्राक्ष की माला उतरवा कर अंदर जाने दिया गया। छात्राओं के बालों की पिन और नोज रिंग भी उतरवाई गईं। इसके बाद में मेटल डिटेक्टर से जांच की गई। केंद्र में किसी भी इलेक्ट्रानिक डिवाइस जैसे डिजिटल घड़ी, कैलकुलेटर, मोबाइल ले जाने की मनाही रही। इसके बाद परीक्षार्थियों की बाॅयोमीट्रिक जांच हुई। इसमें रेटिना स्कैनिंग और फिंगरप्रिंट मिलान किया गया। सभी के हस्ताक्षर और दस्तावेजों का वेरिफिकेशन किया गया। परीक्षा दोपहर दो बजे से शाम 5:30 बजे तक हुई।
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एक मिनट में हल करना था एक सवाल
तीन घंटे यानी 180 मिनट की परीक्षा में छात्रों से 180 प्रश्न पूछे गए। यानी हर प्रश्न को पढ़कर सही जवाब देने के लिए परीक्षार्थी को एक मिनट का समय मिला। परीक्षा में भौतिक और रसायन विज्ञान से फिजिक्स और केमिस्ट्री में 45-45 सवाल पूछे गए। सर्वाधिक 90 सवाल बायोलॉजी से पूछे गए। परीक्षार्थियों की माने तो कई प्रश्न इस कदर घुमा कर पूछे गए थे कि उन्हें समझने और हल करने में उम्मीद से ज्यादा समय लग गया। इसके चलते अन्य प्रश्नों को हल नहीं कर पाए।
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रसायन विज्ञान के प्रश्नाें ने सबसे ज्यादा परेशान किया। इन्हें हल करने में सबसे ज्यादा समय लग गया। बॉयोलॉजी और जूलॉजी के प्रश्न बेहद आसान रहे। आशा है कि परीक्षा परिणाम उम्मीदों के अनुरूप ही होगा। -प्रांशू खटिक, कन्नौज
रसायन विज्ञान के प्रश्न काफी लंबे थे। उनके न्यूमेरिकल्स को हल करने में ज्यादा समय लगा। सवालों को काफी घुमाकर पूछा गया था। इस कारण समझने में भी समय लग गया। बॉयोलॉजी और भौतिकी के प्रश्न आसान रहे। -आकांक्षा मिश्रा, फतेहपुर

फिजिक्स के सवाल भी रहे कठिन
पेपर थोड़ा मॉडरेट था। फिजिक्स और केमिस्ट्री के सवाल थोड़े से कठिन थे। उनको पढ़ने और समझने में जरूरत से ज्यादा समय लग रहा था। सब कुछ सिलेबस से ही पूछा गया था। इसलिए ज्यादा दिक्कत नहीं हुई। -कुशहाल, बर्रा
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