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Chandrayaan-3: मिशन में शामिल हैं उन्नाव के आशीष मिश्रा, लैंडर प्रोपल्शन सिस्टम में निभाई है महत्वपूर्ण भूमिका

Wed, 23 Aug 2023 01:48 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Wed, 23 Aug 2023 01:48 PM IST
सार

Unnao News: आशीष का इसरो में 14 साल का अनुभव नियंत्रण इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में है और उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष उपग्रहों के प्रक्षिप्त यान जैसे पीएसएलवी, जीएसएलवी, और एलवीएम-3 में भी अपना योगदान दिया है।

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Chandrayaan-3, Ashish Mishra of Unnao is involved in the mission, played an important role in the lander propu
युवा वैज्ञानिक आशीष मिश्रा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारत का महत्वकांक्षी मिशन चंद्रयान-3 आज शाम चंद्रमा की सतह पर उतरने की तैयारी में है। इसमें उन्नाव के युवा वैज्ञानिक आशीष मिश्रा का भी महत्वपूर्ण योगदान है, जिन्होंने चंद्रयान-3 मिशन के लैंडर प्रोपल्शन सिस्टम के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आशीष मिश्रा विशेष रूप से नियंत्रण इलेक्ट्रॉनिक्स और थ्रॉटलिंग वाल्वों के विकास में सहायक सदस्य रहे हैं, जो चंद्रयान-3 के लैंडिंग प्रयास के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

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उन्नाव, उत्तर प्रदेश से आने वाले आशीष का शैक्षिक पृष्ठभूमि भी काफी प्रेरणादायक है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सेंट लॉरेंस और सेंट जूड्स स्कूल से की थी। यहीं उन्होंने अपने वैज्ञानिक दृष्टिकोण को सही दिशा देने का काम किया था। इसके बाद उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आईआईटी, बॉम्बे से मास्टर्स की डिग्री प्राप्त की है, जिसने उन्हें उनके क्षेत्र में और भी विशेषज्ञ बनाया।
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माता-पिता की रही अहम भूमिका
आशीष के परिवार में उनके पिता एडवोकेट स्व. गिरीशचंद्र मिश्रा और माता प्रतिमा मिश्रा हैं। भाई मनीष मिश्रा आवास विकास में रहते हैं। आशीष कहते हैं कि उनके परिवार ने हर कदम में उनका सहयोग किया। साथ ही, उनके सपनों को पूरा करने में हर संभव मदद की है।

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14 साल से इसरो में कर रहे हैं काम
आशीष का इसरो में 14 साल का अनुभव नियंत्रण इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में है और उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष उपग्रहों के प्रक्षिप्त यान जैसे पीएसएलवी, जीएसएलवी, और एलवीएम-3 में भी अपना योगदान दिया है। वे सैटेलाइट्स के विकास में भी शामिल रहे हैं और उनकी विशेषज्ञता ने उन्हें सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं आशीष
आशीष का यह योगदान उन्नाव के युवाओं के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन सकता है, जो स्पेस जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में काम करने के सपने देखकर भारत को आगे बढ़ाने की सोचते हैं। उनकी मेहनत, समर्पण, और उत्कृष्टता से उन्होंने सिद्ध किया है कि कठिनाईयों का सामना करके हम अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं।

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