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पीएचडी में सुपरवाइजर बने 400 शिक्षक कराएंगे रिसर्च

Wed, 21 Jan 2015 09:31 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर Updated Wed, 21 Jan 2015 09:31 AM IST
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400 PhD supervisor  teachers will be Research
छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी में पीएचडी रजिस्ट्रेशन और एडमिशन के लिए करीब 400 शिक्षकों को सुपरवाइजर बनाया गया है। इनके नाम का अनुमोदन मंगलवार को डींस कमेटी ने कर दिया है।
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अब सब्जेक्टवार सीटों का ब्यौरा निकाला जा रहा है।  कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन का कहना है कि फरवरी के पहले सप्ताह तक पीएचडी की काउंसलिंग शुरू कर दी जाएगी। 
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पीएचडी में एडमिशन शुरू करने के सिलसिले में मंगलवार को डींस कमेटी की मीटिंग भी बुलाई गई। कुलपति की अध्यक्षता वाली मीटिंग में सुपरवाइजरों के नाम फाइनल किए गए।
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अब 42 सब्जेक्ट के सीटों का ब्यौरा निकाला जाएगा। सामान्य, ओबीसी, एससी और एसटी का आरक्षण तय करके काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू की जाएगी। 

फैजाबाद यूनिवर्सिटी ने पीएचडी की संयुक्त प्रवेश परीक्षा-2012 की मेरिट लिस्ट भेज दी है। इसी लिस्ट से मेरिट बनेगी। जो रिसर्च स्कॉलर मेरिट में होगा, उसका रजिस्ट्रेशन पहले किया जाएगा।

रजिस्ट्रेशन के बाद छह महीने का सेमेस्टर कोर्स चलेगा। इसके लिए कानपुर यूनिवर्सिटी कैंपस में स्टडी सेंटर बनाने का फैसला किया गया है। बेहतरीन लैब, लाइब्रेरी और सुविधा-संसाधनों से लैस डिग्री कॉलेज भी स्टडी सेंटर बनेंगे।


कुलपति ने बताया कि जो शिक्षक परास्नातक कक्षा में पढ़ाते और पांच साल का अनुभव रखते हैं, उन्हीं को सुपरवाइजर बनाया गया है। मेडिकल और लॉ में पीएचडी कराने का मानक भी बदला है।

अब एमडी, एमएस में पांच साल पढ़ाने का अनुभव रखने वाले शिक्षक ही मेडिकल के सुपरवाइजर बन पाएंगे। इससे पहले एमबीबीएस डिग्रीधारी पीएचडी करा रहे थे।

लॉ मेें रिसर्च कराने के लिए एलएलएम की डिग्री और पांच साल का अनुभव अनिवार्य किया गया है।
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