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Kannauj News: कुपोषण का कहर, चार माह में 706 अति कुपोषित बच्चे चिह्नित

Fri, 24 Jul 2026 11:21 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jul 2026 11:21 PM IST
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The scourge of malnutrition: 706 severely malnourished children identified in four months.
कन्नौज। इत्र नगरी में कुपोषण का जिन्न बेकाबू हो गया है। सरकारी दावों के बावजूद मासूमों का बचपन बदहाली और भुखमरी की भेंट चढ़ रहा है। मार्च से जून तक चार महीने में 706 अति कुपोषित बच्चे चिह्नित किए गए हैं। यह आंकड़ा महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य महकमे की अनदेखी दर्शाता है। सरकारी पोषण योजनाएं जमीन पर नाकाम साबित हो रही हैं।
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आंगनबाड़ी केंद्रों से मिलने वाला पोषाहार जरूरतमंद बच्चों तक नहीं पहुंच रहा है। जमीनी अमले की लापरवाही से बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती नहीं कराया जा रहा। इससे ग्रामीण और मलिन बस्तियों के बच्चे शारीरिक व मानसिक रूप से कमजोर हो रहे हैं। योजनाओं के नाम पर बजट तो खर्च हो रहा है, पर बच्चों को लाभ नहीं मिल रहा। लगातार अभियानों के बावजूद अति कुपोषित बच्चों की संख्या में कमी नहीं आ रही है। एनआरसी में दाखिले और सही देखरेख के अभाव में ये बच्चे जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं।
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जिले के विभिन्न ब्लॉकों में कुपोषण की स्थिति गंभीर है। मार्च से जून तक छिबरामऊ में 117, गुगरापुर में 51 और हसेरन में 31 बच्चे अति कुपोषित मिले। जलालाबाद में 43, कन्नौज ग्रामीण में 112 और कन्नौज नगर में 58 बच्चे चिह्नित हुए। सौरिख में 87, तालग्राम में 104 और उमर्दा में 103 अति कुपोषित बच्चे सामने आए हैं। यह आंकड़े विभागीय दावों की पोल खोलते हैं।
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इन ब्लॉकों में मिले इतने कुपोषित बच्चे
ब्लॉक मार्च अप्रैल मई जून
छिबरामऊ 56 39 07 15
गुगरापुर 29 09 05 08
हसेरन 15 03 02 11
जलालाबाद 10 13 10 10
कन्नौज ग्रामीण 34 44 11 23
कन्नौज नगर 37 14 01 06
सौरिख 59 19 01 08
तालग्राम 57 20 10 17
उमर्दा 21 43 14 25

वर्जन
सभी चिन्हित अति कुपोषित बच्चों की निगरानी की जा रही है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर टेक होम राशन (टीएचआर) वितरित करने और पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में बच्चों को रेफर कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही स्वास्थ्य सुधार के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
- महेंद्र प्रताप सिंह, प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी
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