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सात दिन बाद नहर में मिला हर्ष का शव
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शव देखते चौकी प्रभारी गौरव कुमार।
- फोटो : KANNAUJ
उमर्दा(कन्नौज)। निचली गंग नहर में कार हादसे में लापता मासूम का शव सातवें दिन बरामद हुआ है। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने महादेवी घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया।
पांच फरवरी को मिरुअन मढ़ा निवासी सिपाही गौरव कुमार की कार चटरुआपुर के सामने निचली गंग नहर में गिर गई थी। हादसे में गौरव की पत्नी प्रिया, बेटी शुभी, लाडो, बहन मोहिनी उर्फ मोनी, भांजे कृष्णा की पानी में डूबकर मौत हो गई थी। पांच माह का भांजा हर्ष लापता हो गया था। हर्ष की तलाश में पीएसी ने तीन दिन तक निचली गंग नहर की तलहटी खंगाली थी। इसके बाद भी पता नहीं लग सका। मंगलवार सुबह कोचिंग जा रहे तीन बच्चों ने शव देखकर उमर्दा चौकी पुलिस को सूचना दी। चौकी प्रभारी गौरव कुमार ने नहर में घुसकर शव को निकाला। पोस्टमार्टम के बाद हर्ष के पिता भानु प्रताप, बाबा जगदीश कुमार ने महादेवी घाट पर हर्ष को दफन कर दिया।
शव देखने वाले बच्चों को सम्मानित करेगा पुलिस विभाग
हादसे के बाद लापता मासूम की तलाश में पुलिस रोजाना नहर में छानबीन कर रही है। सातवें दिन कोचिंग जा रहे तीन बच्चों ने हर्ष का शव देखा। बच्चों की समझदारी से पुलिस ने शव बरामद कर लिया। पुलिस विभाग इन बच्चों को सम्मानित करेगा। निकारीपुर्वा में रहने वाले 12 वर्षीय विपुल कुमार, 10 वर्षीय कौशलेंद्र और 13 वर्षीय ऋषभ रोजाना सुबह छह बजे पैदल उमर्दा कस्बे में अंग्रेजी की कोचिंग पढ़ने आते हैं। मंगलवार सुबह कोचिंग आते समय नहर किनारे तीनों बच्चों ने हर्ष का शव देखा। सुबह होने से इन्हें आसपास कोई भी दिखाई नहीं दिया। बच्चों ने एक डंडे को शव के सामने रख दिया। इससे कि शव पानी में न बह सके। एक डंडे को बच्चों ने नहर किनारे पटरी पर रख दिया। इससे कि शव वाले स्थान की आसानी से पहचान हो सके। तीनों बच्चे दौड़ लगाते हुए उमर्दा चौकी पहुंचे। चौकी प्रभारी गौरव कुमार को नहर में बच्चे का शव मिलने की सूचना दी। चौकी प्रभारी ने बच्चों के बताए स्थान से शव बरामद कर लिया। चौकी प्रभारी ने बताया कि बच्चों की समझदारी से शव आसानी से मिल गया। इन्हें नगद धनराशि देकर सम्मानित किया जाएगा। वहीं एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि तीनों बच्चों को पुलिस विभाग की ओर से सम्मानित किया जाएगा।
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पांच फरवरी को मिरुअन मढ़ा निवासी सिपाही गौरव कुमार की कार चटरुआपुर के सामने निचली गंग नहर में गिर गई थी। हादसे में गौरव की पत्नी प्रिया, बेटी शुभी, लाडो, बहन मोहिनी उर्फ मोनी, भांजे कृष्णा की पानी में डूबकर मौत हो गई थी। पांच माह का भांजा हर्ष लापता हो गया था। हर्ष की तलाश में पीएसी ने तीन दिन तक निचली गंग नहर की तलहटी खंगाली थी। इसके बाद भी पता नहीं लग सका। मंगलवार सुबह कोचिंग जा रहे तीन बच्चों ने शव देखकर उमर्दा चौकी पुलिस को सूचना दी। चौकी प्रभारी गौरव कुमार ने नहर में घुसकर शव को निकाला। पोस्टमार्टम के बाद हर्ष के पिता भानु प्रताप, बाबा जगदीश कुमार ने महादेवी घाट पर हर्ष को दफन कर दिया।
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शव देखने वाले बच्चों को सम्मानित करेगा पुलिस विभाग
हादसे के बाद लापता मासूम की तलाश में पुलिस रोजाना नहर में छानबीन कर रही है। सातवें दिन कोचिंग जा रहे तीन बच्चों ने हर्ष का शव देखा। बच्चों की समझदारी से पुलिस ने शव बरामद कर लिया। पुलिस विभाग इन बच्चों को सम्मानित करेगा। निकारीपुर्वा में रहने वाले 12 वर्षीय विपुल कुमार, 10 वर्षीय कौशलेंद्र और 13 वर्षीय ऋषभ रोजाना सुबह छह बजे पैदल उमर्दा कस्बे में अंग्रेजी की कोचिंग पढ़ने आते हैं। मंगलवार सुबह कोचिंग आते समय नहर किनारे तीनों बच्चों ने हर्ष का शव देखा। सुबह होने से इन्हें आसपास कोई भी दिखाई नहीं दिया। बच्चों ने एक डंडे को शव के सामने रख दिया। इससे कि शव पानी में न बह सके। एक डंडे को बच्चों ने नहर किनारे पटरी पर रख दिया। इससे कि शव वाले स्थान की आसानी से पहचान हो सके। तीनों बच्चे दौड़ लगाते हुए उमर्दा चौकी पहुंचे। चौकी प्रभारी गौरव कुमार को नहर में बच्चे का शव मिलने की सूचना दी। चौकी प्रभारी ने बच्चों के बताए स्थान से शव बरामद कर लिया। चौकी प्रभारी ने बताया कि बच्चों की समझदारी से शव आसानी से मिल गया। इन्हें नगद धनराशि देकर सम्मानित किया जाएगा। वहीं एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि तीनों बच्चों को पुलिस विभाग की ओर से सम्मानित किया जाएगा।
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