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कॉलेज के अंदर जला दिया मेडिकल वेस्ट
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तिर्वा(कन्नौज)। मेडिकल कॉलेज परिसर में जगह-जगह फैली पीपीई किट व मेडिकल वेस्ट को कर्मचारियों ने साफ करने की बजाय वहीं जला दिया। धुएं से आसपास लोग परेशान हो गए।
बता दें कि कोविड मरीजों के लिए कॉलेज में बने आइसोलेशन वार्ड मेें कोरोना पॉजिटिव मरीज और ऑक्सीजन की कमी से बीमार लोगों को भर्ती किया गया है। इन्हें संक्रमण से बचाने के लिए पीपी किट पहन कर वार्ड के अंदर जाने की अनुमति मिलती है। आइसोलेशन के बाद वापस आने पर कर्मचारी किट को खुले में छोड़ देते हैं। अमर उजाला के 15 मई के अंक में प्रकाशित खबर जगह-जगह पड़ी पीपीई किट की खबर को संज्ञान में लेकर कॉलेज प्रशासन ने कर्मचारियों को साफ सफाई करने के निर्देश दिए।
शनिवार को लापरवाही बरतते हुए कर्मचारियों ने जगह-जगह पड़ी पीपीई किट व मेडिकल वेस्ट को एकत्र कर आग के हवाले कर दिया। इमरजेंसी वार्ड के कुछ ही दूरी पर जल रही आग के धुएं से वातावरण प्रदूषित हो गया। मरीज खांसने पर मजबूर हो गए। कॉलेज प्रशासन इससे अनजान बना रहा।
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सीएमएस डॉ. दिलीप सिंह का कहना है कि कॉलेज में मरीजों की सेहत का ख्याल है। कूड़ा डिस्पोजल करने की व्यवस्था के इतर आग जलाने वाले कर्मचारियों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
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बता दें कि कोविड मरीजों के लिए कॉलेज में बने आइसोलेशन वार्ड मेें कोरोना पॉजिटिव मरीज और ऑक्सीजन की कमी से बीमार लोगों को भर्ती किया गया है। इन्हें संक्रमण से बचाने के लिए पीपी किट पहन कर वार्ड के अंदर जाने की अनुमति मिलती है। आइसोलेशन के बाद वापस आने पर कर्मचारी किट को खुले में छोड़ देते हैं। अमर उजाला के 15 मई के अंक में प्रकाशित खबर जगह-जगह पड़ी पीपीई किट की खबर को संज्ञान में लेकर कॉलेज प्रशासन ने कर्मचारियों को साफ सफाई करने के निर्देश दिए।
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शनिवार को लापरवाही बरतते हुए कर्मचारियों ने जगह-जगह पड़ी पीपीई किट व मेडिकल वेस्ट को एकत्र कर आग के हवाले कर दिया। इमरजेंसी वार्ड के कुछ ही दूरी पर जल रही आग के धुएं से वातावरण प्रदूषित हो गया। मरीज खांसने पर मजबूर हो गए। कॉलेज प्रशासन इससे अनजान बना रहा।
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सीएमएस डॉ. दिलीप सिंह का कहना है कि कॉलेज में मरीजों की सेहत का ख्याल है। कूड़ा डिस्पोजल करने की व्यवस्था के इतर आग जलाने वाले कर्मचारियों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।